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Jind News: पंजीकरण बहाल करने की मांग को लेकर यूनियन ने किया प्रदर्शन
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05जेएनडी25: शहर में रोष प्रदर्शन करते हुए निर्माण कार्य मजदूर मिस्त्री यूनियन कार्यकर्ता। संवाद
- फोटो : स्रोत: परिजन
नरवाना। निर्माण कार्य मजदूर मिस्त्री यूनियन के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को मांगों व समस्याओं को लेकर नेहरू पार्क में बैठक का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता जिला संयोजक कामरेड पाल सिंह ने की। बाद में मजदूरों ने विरोध प्रदर्शन किया और एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना दिया। बाद में मजदूरों ने मांगों से संबंधित ज्ञापन एसडीएम दलजीत सिंह को सौंपा।
काॅ. पाल सिंह ने कहा कि हरियाणा में निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को 2018 से पहले ऑफलाइन प्रणाली में कुछ लाभ मिल भी जाते थे। जब मजदूरों के 90 दिन के कार्य प्रमाण-पत्र की वेरिफिकेशन मजदूर यूनियनों द्वारा की जाती थी। लेकिन 2018 में प्रदेश सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी करके यह अधिकार छीन लिया और यह अधिकार सरकारी अधिकारियों को दे दिया। इसके कारण भ्रष्टाचार चरम सीमा पर पहुंच गया और यह प्रक्रिया कुछ भ्रष्ट अधिकारियों व लोगों के हाथ में सिमट कर रह गई। सरकारी अधिकारों द्वारा किए गए भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के लिए सजा भी बेकसूर मजदूरों के पंजीकरण को ब्लॉक करके दी गई।
उन्होंने कहा की सरकार भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करे और मजदूरों के पंजीकरण को बहाल करें। यूनियन के राज्य प्रधान काॅ. करनैल सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मजदूरों की हजारों पंजीकरण आईडी को ब्लॉक करके जो सजा मजदूरों को दी है यूनियन उसकी निंदा करती है। उन्होंने सरकार से मांग की कि ब्लॉक की गई सभी आईडी को तुरंत प्रभाव से बहाल किया जाए। भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि पंजीकरण के लिए फैमिली आईडी में निर्माण श्रमिक की शर्त को हटाया जाए। इस अवसर पर मजदूर यूनियन के ब्लाॅक संयोजक कामरेड सुरेश कुमार, राजेश, सतबीर, पूर्व संरपच जोगिंदर बड़नपुर, संदीप, दिनेश मौजूद थे।
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काॅ. पाल सिंह ने कहा कि हरियाणा में निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को 2018 से पहले ऑफलाइन प्रणाली में कुछ लाभ मिल भी जाते थे। जब मजदूरों के 90 दिन के कार्य प्रमाण-पत्र की वेरिफिकेशन मजदूर यूनियनों द्वारा की जाती थी। लेकिन 2018 में प्रदेश सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी करके यह अधिकार छीन लिया और यह अधिकार सरकारी अधिकारियों को दे दिया। इसके कारण भ्रष्टाचार चरम सीमा पर पहुंच गया और यह प्रक्रिया कुछ भ्रष्ट अधिकारियों व लोगों के हाथ में सिमट कर रह गई। सरकारी अधिकारों द्वारा किए गए भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के लिए सजा भी बेकसूर मजदूरों के पंजीकरण को ब्लॉक करके दी गई।
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उन्होंने कहा की सरकार भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करे और मजदूरों के पंजीकरण को बहाल करें। यूनियन के राज्य प्रधान काॅ. करनैल सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मजदूरों की हजारों पंजीकरण आईडी को ब्लॉक करके जो सजा मजदूरों को दी है यूनियन उसकी निंदा करती है। उन्होंने सरकार से मांग की कि ब्लॉक की गई सभी आईडी को तुरंत प्रभाव से बहाल किया जाए। भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि पंजीकरण के लिए फैमिली आईडी में निर्माण श्रमिक की शर्त को हटाया जाए। इस अवसर पर मजदूर यूनियन के ब्लाॅक संयोजक कामरेड सुरेश कुमार, राजेश, सतबीर, पूर्व संरपच जोगिंदर बड़नपुर, संदीप, दिनेश मौजूद थे।
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