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केंद्रीय कृषि मंत्री का खुला पत्र किसानों को गुमराह करने वाला : फूल सिंह
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सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते किसान। अमर उजाला।
- फोटो : Jind
सयुंक्त किसान मोर्चा ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के खुले पत्र का विरोध करते हुए नारेबाजी की।अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य प्रधान फूल सिंह श्योकंद ने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री का खुला पत्र किसानों को गुमराह करने वाला है। सरकार किसानों और कृषि के साथ खिलवाड़ कर रही है।
चीनी मिल जींद के पास किसान लंगर पर हुई बैठक के बाद फूल सिंह श्योकंद ने कहा कि केंद्र सरकार कुछ उद्योगपतियों के इशारे पर खेती, किसान और मजदूर हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार कह रही है कि एमएसपी भी रहेगी और मंडी भी रहेगी, यह भ्रमित करने का प्रयास है। देश का किसान इस झांसे में नहीं आएगा। किसानों की मांग है कि उन्हेें स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार असली लागत खर्च पर डेढ़ गुना समर्थन मूल्य दिया जाए। फसलों की सरकारी खरीद की गारंटी हो।
उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया का अनुभव है कि निजी क्षेत्र के केवल उसी काम में आगे आता है जहां उससे मुझे मुनाफा हो। इस मौके पर रोहताश नगूरां, छाज्जू राम नैन, कपूर सिंह, कामरेड रमेश चंद्र, कर्मवीर दूहन, सत्यपाल सिवाच, रणधीर सिंह, जयपाल जुलानी, बलवान राजपुरा भैण, वेदप्रकाश जलालपुर कलां, भरत सिंह खटकड़, दिनेश डाहौला पार्षद, वेदपाल ललित खेड़ा, जबरू जुलानी, जयपाल जुलानी, सतबीर कुंडू पिल्लूखेड़ा, जग्गू रोहिला लुदाना, राज सिंह दलाल नंदगढ़, रवि चंद्र ईंटल खुर्द, पाल भड़ताना, सूरजमल व दीपक संगतपुरा मौजूद रहे।
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चीनी मिल जींद के पास किसान लंगर पर हुई बैठक के बाद फूल सिंह श्योकंद ने कहा कि केंद्र सरकार कुछ उद्योगपतियों के इशारे पर खेती, किसान और मजदूर हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार कह रही है कि एमएसपी भी रहेगी और मंडी भी रहेगी, यह भ्रमित करने का प्रयास है। देश का किसान इस झांसे में नहीं आएगा। किसानों की मांग है कि उन्हेें स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार असली लागत खर्च पर डेढ़ गुना समर्थन मूल्य दिया जाए। फसलों की सरकारी खरीद की गारंटी हो।
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उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया का अनुभव है कि निजी क्षेत्र के केवल उसी काम में आगे आता है जहां उससे मुझे मुनाफा हो। इस मौके पर रोहताश नगूरां, छाज्जू राम नैन, कपूर सिंह, कामरेड रमेश चंद्र, कर्मवीर दूहन, सत्यपाल सिवाच, रणधीर सिंह, जयपाल जुलानी, बलवान राजपुरा भैण, वेदप्रकाश जलालपुर कलां, भरत सिंह खटकड़, दिनेश डाहौला पार्षद, वेदपाल ललित खेड़ा, जबरू जुलानी, जयपाल जुलानी, सतबीर कुंडू पिल्लूखेड़ा, जग्गू रोहिला लुदाना, राज सिंह दलाल नंदगढ़, रवि चंद्र ईंटल खुर्द, पाल भड़ताना, सूरजमल व दीपक संगतपुरा मौजूद रहे।
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