फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   uchna rtpcr lab one year compleeted

उचाना की आरटीपीसीआर लैब की स्थापना के एक साल पूरे

Sat, 25 Sep 2021 12:08 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 25 Sep 2021 12:08 AM IST
विज्ञापन
uchna rtpcr lab one year compleeted
: नागरिक अस्पताल उचाना में स्थित आरटीपीसीआर लैब। - फोटो : Jind
उचाना के नागरिक अस्पताल में स्थित आरटीपीसीआर लैब का शुक्रवार को एक वर्ष पूरा हो गया। 25 सितंबर 2020 को लैब का शुरभारंभ स्वास्थ्यमंत्री अनिल विज व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने ऑनलाइन किया था। अब तक लैब में 2,25,984 कोविड नमूनों की जांच हो चुकी है। इनमें से 15196 रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं। यह आरटीपीसीआर लैब जिले के लिए भविष्य में वरदान साबित होगी क्योंकि इसमें कुछ अन्य जांच भी जल्द शुरू होने वाली हैं।
विज्ञापन

शुरूआती दिनों में लैब चलाना काफी टेढ़ी खीर था। सबसे पहले तो लैब को स्थापित करने में ही स्वास्थ्य विभाग को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। पहले इस लैब को नागरिक अस्पताल जींद में ही स्थापित करना था लेकिन यहां जगह नहीं मिल पाई। इसके बाद लैब के सामान को सेक्टर-8 स्थित पॉलीक्लीनिक में ले जाया गया लेकिन यहां भी बात नहीं बनी। लैब को स्थापित करने के लिए कम से कम छह कमरे, दो बड़े हॉल की जरूरत थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने नए बने उचाना के नागरिक अस्पताल की तीसरी मंजिल पर जगह मिल पाई और यहां लैब को स्थापित किया गया। लैब इंचार्ज डॉ. जेके के प्रयासों से लैब को सुचारू रूप से चलाया गया। कोरोना संक्रमण की पहली व दूसरी लहर के दौरान लैब के आधे से अधिक कर्मचारी पॉजिटिव हो गए थे लेकिन इसके बावजूद बाकी स्टाफ ने लैब को चालू रखा और इतना ही काम किया जितना पूरा स्टाफ करता था। लैब शुरू होने के बाद कभी भी जींद के सैंपलों को जांच के लिए दूसरे जिलों में भेजने की जरूरत नहीं पड़ी। डॉ. मान ने बताया कि लैब के सफल संचालन में उचाना के एसएमओ डॉ. सुशील गर्ग, डॉ. राकेश मित्तल के अलावा पूरे स्टाफ का बड़ा योगदान रहा।
विज्ञापन

आरटीपीसीआर लैब जिले के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई है। दिनरात यहां कर्मचारियों व अधिकारियों ने काम किया। लैब का स्टाफ संक्रमित होने के बावजूद काम को चालू रखा। भविष्य में यह लैब जींद के लिए वरदान साबित होगी। लैब में अब तक 2,25,984 सैंपलों की जांच हो चुकी है। इनमें से 15,196 रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

-डॉ. जेएस पूनिया, सिविल सर्जन।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed