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समय पर सूचना नहीं देने पर पूर्व डीआरओ को दो हजार रुपये जुर्माना तथा व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश
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सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी समय पर नहीं देने पर राज्य सूचना आयुक्त जयसिंह बिश्नोई ने जींद के पूर्व डीआरओ पर दो हजार रुपये जुर्माना व व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश दिए हैं।
नरवाना रोड निवासी एडवोकेट वीरेंद्र जांगड़ा ने फरवरी 2020 में जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय से 25 फरवरी 2020 को आवेदन कर जानकारी मांगी थी। इस पर जिला राजस्व अधिकारी ने यह आवेदन कार्यकारी अधिकारी भू अधिग्रहण शाखा उपायुक्त कार्यालय को भेज दिया। जांगड़ा के अनुसार उन्हें सभी जानकारी अधूरी दी गई। 27 मई 2020 को प्रथम अपीलीय अधिकारी कम उपायुक्त जींद को आवेदन किया, लेकिन दो महीने तक कोई सुनवाई नहीं की गई। जांगड़ा के अनुसार नियमानुसार 45 दिनों के भीतर यह मामला निपटना होता है। इस पर 24 जुलाई 2020 को राज्य सूचना आयोग में अपील की गई।
जांगड़ा के अनुसार राज्य सूचना आयुक्त जय सिंह बिश्नोई ने 14 दिसंबर 2020 की तारीख निर्धारित की तथा दोनों ही पक्षों को सुनवाई के लिए बुलवाया। इस पर फरवरी 2020 में रहे जन सूचना अधिकारी जिला राजस्व अधिकारी को आदेश देते हुए अपीलकर्ता को दो हजार रुपये जुर्माना मुआवजे के तौर पर देने के आदेश दिए हैं। साथ ही कहा कि यह राशि 26 जून 2021 तक आयोग के कार्यालय में जमा करवाई जाए। साथ ही अगली सुनवाई पर एक जुलाई को उन्हें व्यक्तिगत तौर पर पेश होने के भी आदेश दिए हैं।
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नरवाना रोड निवासी एडवोकेट वीरेंद्र जांगड़ा ने फरवरी 2020 में जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय से 25 फरवरी 2020 को आवेदन कर जानकारी मांगी थी। इस पर जिला राजस्व अधिकारी ने यह आवेदन कार्यकारी अधिकारी भू अधिग्रहण शाखा उपायुक्त कार्यालय को भेज दिया। जांगड़ा के अनुसार उन्हें सभी जानकारी अधूरी दी गई। 27 मई 2020 को प्रथम अपीलीय अधिकारी कम उपायुक्त जींद को आवेदन किया, लेकिन दो महीने तक कोई सुनवाई नहीं की गई। जांगड़ा के अनुसार नियमानुसार 45 दिनों के भीतर यह मामला निपटना होता है। इस पर 24 जुलाई 2020 को राज्य सूचना आयोग में अपील की गई।
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जांगड़ा के अनुसार राज्य सूचना आयुक्त जय सिंह बिश्नोई ने 14 दिसंबर 2020 की तारीख निर्धारित की तथा दोनों ही पक्षों को सुनवाई के लिए बुलवाया। इस पर फरवरी 2020 में रहे जन सूचना अधिकारी जिला राजस्व अधिकारी को आदेश देते हुए अपीलकर्ता को दो हजार रुपये जुर्माना मुआवजे के तौर पर देने के आदेश दिए हैं। साथ ही कहा कि यह राशि 26 जून 2021 तक आयोग के कार्यालय में जमा करवाई जाए। साथ ही अगली सुनवाई पर एक जुलाई को उन्हें व्यक्तिगत तौर पर पेश होने के भी आदेश दिए हैं।
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