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पेड़-पौधे ही प्रकृति के मुख्य अंग : सीजेएम मोनिका
Thu, 12 Sep 2024 12:26 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 12 Sep 2024 12:26 AM IST
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जींद। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कम सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (सीजेएम) मोनिका ने बुधवार को रेलवे यार्ड बुढ़ाखेड़ा गांव में वन विभाग के साथ मिलकर पौधरोपण अभियान चलाया। इस दौरान लगभग दो हजार पौधे लगाए गए। इस दौरान उन्होंने लोगों को पौधरोपण करने के लिए प्रेरित किया।
सीजेएम ने कहा कि जिस प्रकार एक मां अपने बच्चों का ध्यान रखती है, उसी प्रकार प्रकृति भी मनुष्य का विशेष ध्यान रखती है। पेड़-पौधे ही प्रकृति के मुख्य अंग है इसलिए हमें इनको काटने की बजाय अपने जीवन में नए पौधे लगाने चाहिए। ताकी हमारी प्रकृति हरी-भरी रह सके। उन्होंने कहा कि आज सभी लोग यहां से संकल्प लेकर जाएं कि वे अपने जीवन में ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण करेंगे और दूसरों को भी प्रेरित करेगे। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढि़यों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस मुहिम को जन आंदोलन बनाने की जरूरत है। क्योंकि आज के विज्ञान युग में प्रदूषण की मात्रा बढ़ती जा रही है और पेड-पौधो की मात्रा कम होती जा रही है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब पृथ्वी पर मानव जाति का जीवन बहुत मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे ही मनुष्य को जीने के लिए ऑक्सीजन प्रदान करते है और अगर पेड़-पौधे नहीं होगे तो हमे ऑक्सीजन कहां से मिलेगी। उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर आराम से जीवन जीने के लिए हर मनुष्य को अपने जीवन में ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण करना चाहिए।
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सीजेएम ने कहा कि जिस प्रकार एक मां अपने बच्चों का ध्यान रखती है, उसी प्रकार प्रकृति भी मनुष्य का विशेष ध्यान रखती है। पेड़-पौधे ही प्रकृति के मुख्य अंग है इसलिए हमें इनको काटने की बजाय अपने जीवन में नए पौधे लगाने चाहिए। ताकी हमारी प्रकृति हरी-भरी रह सके। उन्होंने कहा कि आज सभी लोग यहां से संकल्प लेकर जाएं कि वे अपने जीवन में ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण करेंगे और दूसरों को भी प्रेरित करेगे। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढि़यों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस मुहिम को जन आंदोलन बनाने की जरूरत है। क्योंकि आज के विज्ञान युग में प्रदूषण की मात्रा बढ़ती जा रही है और पेड-पौधो की मात्रा कम होती जा रही है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब पृथ्वी पर मानव जाति का जीवन बहुत मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे ही मनुष्य को जीने के लिए ऑक्सीजन प्रदान करते है और अगर पेड़-पौधे नहीं होगे तो हमे ऑक्सीजन कहां से मिलेगी। उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर आराम से जीवन जीने के लिए हर मनुष्य को अपने जीवन में ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण करना चाहिए।
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