दी फूड ग्रेन डीलर एसोसिएशन के सदस्यों की बैठक प्रधान सुरेश खरकभूरा के नेतृत्व में हुई की । बैठक में फैसला लिया गया कि कोई भी आढ़ती आढ़त से संबंधित कोई भी काम नहीं करेगा। कोई भी आढ़ती किसान की फसल की ढेरी को न ही बेचेगा, न ही खरीदेगा और न ही दुकान के अंदर रखेगा। जो कपास इन दिनों मंडी में है वह मंडी से लेकर जा सकता है या गोदाम में रख सकता है। फड़ पर किसी भी तरह का तोल के लिए कांटा नहीं लगेगा। जो भी आढ़ती एसोसिएशन के फैसले का उल्लंघन करेगा उसके खिलाफ एसोसिएशन अपने स्तर पर कार्रवाई करेगी।
अप्रैल में रिन्यू होने वाले लाइसेंसों को भी कोई आढ़ती रिन्यू नहीं करवाएगा। खरकभूरा ने कहा कि जब तक सरकार प्रदेश स्तरीय एसोसिएशन की मांगों धान का अभी तक का बकाया भुगतान तुरंत करने, गेहूं खरीद के भुगतान का माध्यम पहले की तरह आढ़ती के माध्यम से करने, सीमांत किसान का गेहूं भी हमारी मंडियों में सरकार द्वारा खरीदने, सरसों, कपास और सूरजमुखी सहित अन्य फसलों की खरीद आढ़ती के माध्यम से करने को नहीं मानती सरकार के गेहूं खरीद में सहयोग नहीं करेंगे। आढ़ती पूर्ण रूप से हड़ताल रखते हुए कोई फसल अपने यहां नहीं उतरवाएंगे। उन्होंने कहा कि आढ़ती किसान का वर्षों से चला आ रहा रिश्ता सरकार तोड़ना चाहती है, मगर उसे तोड़ने नहीं दिया जाएगा। आढ़ती अपना रोजगार बचाने और आढ़ती-किसान के रिश्ते को बचाने के लिए अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे हैं। सरकार आढ़ती और किसान विरोधी मंशा को किसी सूरत में कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। इस मौके पर हरदीप डूमरखां, देवी प्रसन्न छातर, बलराज श्योकंद, संदीप चौधरी, रमेश नंबरदार, बिजेंद्र घोघड़ियां, रामकुमार घोघड़ियां, एडवोकेट जगदीप, रामनिवास दनौदा, सुरेश बुडायन और संदीप चौधरी मौजूद रहे।