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तालाब पर लगाए जाल में फंसने से तीन पक्षियों की मौत
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पक्षियों का पोस्टमार्टम कराने के लिए पहुंचे अधिकारी।
- फोटो : Jind
गांव बधाना में एक ठेकेदार द्वारा गांव के तालाब को ठेके पर लेकर उसका पर जाल लगाया है। इस जाल में उलझकर कई पक्षियों की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत वन्य प्राणी विभाग को दी। विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जाल में फंसकर मरे तीन पक्षियों को कब्जे में लेकर उनका पोस्टमार्टम कराया तथा ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।
कैथल जिले के गांव खेड़ी शेरू निवासी धूप सिंह ने गांव बधाना में तालाब को ठेके पर लिया हुआ है। इसमें वह मछली पालन करता है। मछलियों को पक्षियों से बचाने के लिए उसने तालाब पर के ऊपर मजबूत धागे से जाल बनाया हुआ है। इस जाल में फंसकर कई पक्षियों की मौत हो गई। पक्षियों के पंख या पांव इस जाल में फंस जाते हैं जिससे उनकी कई दिन तड़फकर मौत हो जाती है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत वन्य प्राणी विभाग को कर दी। सूचना मिलने के बाद वन्य व प्राणी विभाग के निरीक्षक मनबीर खटकड़ के नेतृत्व में टीम गांव बधाना में पहुंची। यहां जाल में टीम को तीन पक्षी उलझे मिले, जिनकी मौत हो चुकी थी। टीम ने तीनों पक्षियों के शवों को जाल से निकालकर नगूरां के पशु अस्पताल में पहुंचाया। यहां शवों का पोस्टमार्टम के बाद उन्हें दफना दिया गया। बधाना निवासी रामकरण, महेंद्र, प्रदीप, राजेश, प्रवीण मोहित, श्रीभगवान, पाला, जग्गू, होशियार सिंह, विनोद ने कहा कि यहां पर दो तालाबों पर इसी प्रकार से जाल लगाए गए हैं। इनमें उलझकर पक्षी दम तोड़ रहे हैं। उन्होंने कई बार ठेकेदार को यह जाल उतारने को कहा था लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसके बाद उन्होंने शिकायत की थी।
ठेकेदार के खिलाफ होगी कार्रवाई
निरीक्षक मनबीर खटकड़ ने कहा कि जाल में उलझकर रेड वैंटिड, लीटल कर्पोनेंट तथा एशियन कोयल नामक तीन पक्षी मृत मिले हैं। ठेकेदार धूप सिंह के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिन रेशमी धागों का जाल लगाया जाता है, वह किसी तेजधार हथियार की तरह होते हैं, इनमें एक बार पक्षी फंस जाता है तो फिर नहीं निकल पाता। भविष्य में किसी ठेकेदार ने इन रेशमी धागों का जाल लगाया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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कैथल जिले के गांव खेड़ी शेरू निवासी धूप सिंह ने गांव बधाना में तालाब को ठेके पर लिया हुआ है। इसमें वह मछली पालन करता है। मछलियों को पक्षियों से बचाने के लिए उसने तालाब पर के ऊपर मजबूत धागे से जाल बनाया हुआ है। इस जाल में फंसकर कई पक्षियों की मौत हो गई। पक्षियों के पंख या पांव इस जाल में फंस जाते हैं जिससे उनकी कई दिन तड़फकर मौत हो जाती है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत वन्य प्राणी विभाग को कर दी। सूचना मिलने के बाद वन्य व प्राणी विभाग के निरीक्षक मनबीर खटकड़ के नेतृत्व में टीम गांव बधाना में पहुंची। यहां जाल में टीम को तीन पक्षी उलझे मिले, जिनकी मौत हो चुकी थी। टीम ने तीनों पक्षियों के शवों को जाल से निकालकर नगूरां के पशु अस्पताल में पहुंचाया। यहां शवों का पोस्टमार्टम के बाद उन्हें दफना दिया गया। बधाना निवासी रामकरण, महेंद्र, प्रदीप, राजेश, प्रवीण मोहित, श्रीभगवान, पाला, जग्गू, होशियार सिंह, विनोद ने कहा कि यहां पर दो तालाबों पर इसी प्रकार से जाल लगाए गए हैं। इनमें उलझकर पक्षी दम तोड़ रहे हैं। उन्होंने कई बार ठेकेदार को यह जाल उतारने को कहा था लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसके बाद उन्होंने शिकायत की थी।
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ठेकेदार के खिलाफ होगी कार्रवाई
निरीक्षक मनबीर खटकड़ ने कहा कि जाल में उलझकर रेड वैंटिड, लीटल कर्पोनेंट तथा एशियन कोयल नामक तीन पक्षी मृत मिले हैं। ठेकेदार धूप सिंह के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिन रेशमी धागों का जाल लगाया जाता है, वह किसी तेजधार हथियार की तरह होते हैं, इनमें एक बार पक्षी फंस जाता है तो फिर नहीं निकल पाता। भविष्य में किसी ठेकेदार ने इन रेशमी धागों का जाल लगाया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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