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Jind News: चुनाव के दौरान एग्जिट पोल पर रहेगी पाबंदी
Fri, 19 Apr 2024 03:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 19 Apr 2024 03:23 AM IST
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जींद। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार लोकसभा चुनाव के चलते 19 अप्रैल से 1 जून तक कोई भी व्यक्ति और मीडिया किसी भी प्रकार का एग्जिट पोल नहीं कर सकता है। यदि कोई लो.प्र.अ. 1951 की धारा का उल्लंघन करता है तो उसको 2 वर्ष तक का कारावास या जुर्माना अथवा दोनों ही सजा हो सकती है।
जिला निर्वाचन अधिकारी मोहम्मद इमरान रजा ने बताया कि आदर्श आचार संहिता का पालन करना सभी का कर्तव्य है। लोकसभा चुनाव के साथ 12 राज्यों के 25 विधानसभा के उपचुनाव के चलते 19 अप्रैल को सुबह 7 बजे से 1 जून शाम साढ़ 6 बजे तक लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 126क व निर्वाचन आयोग की उप धारा (दो) के उपबंधों की दृष्टिगत कोई निर्गम मत सर्वेक्षण नहीं करेगा। इसके अलावा किसी निर्गम मत सर्वेक्षण का परिणाम को प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से प्रकाशन, प्रचार या किसी भी प्रकार की अन्य रीति में प्रचार नहीं करेगा। अगर कोई भी लो.प्र.अ. 1951 की धारा का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उल्लंघन करने वाले को 2 वर्ष तक का कारावास या जुर्माना अथवा दोनों ही दंड दिए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126(1) (ख) के अधीन उपर्युक्त साधारण निर्वाचन एवं उपनिर्वाचन के संबंध में मतदान की समाप्ति के लिए नियत समय पर समाप्त होने वाली 48 घंटों की अवधि के दौरान किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में किसी भी ओपिनियन पोल या किसी अन्य मतदान सर्वेक्षण के परिणामों सहित किसी भी प्रकार के निर्वाचन संबंधी मामले के प्रदर्शन पर प्रतिबंध होगा।
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जिला निर्वाचन अधिकारी मोहम्मद इमरान रजा ने बताया कि आदर्श आचार संहिता का पालन करना सभी का कर्तव्य है। लोकसभा चुनाव के साथ 12 राज्यों के 25 विधानसभा के उपचुनाव के चलते 19 अप्रैल को सुबह 7 बजे से 1 जून शाम साढ़ 6 बजे तक लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 126क व निर्वाचन आयोग की उप धारा (दो) के उपबंधों की दृष्टिगत कोई निर्गम मत सर्वेक्षण नहीं करेगा। इसके अलावा किसी निर्गम मत सर्वेक्षण का परिणाम को प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से प्रकाशन, प्रचार या किसी भी प्रकार की अन्य रीति में प्रचार नहीं करेगा। अगर कोई भी लो.प्र.अ. 1951 की धारा का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उल्लंघन करने वाले को 2 वर्ष तक का कारावास या जुर्माना अथवा दोनों ही दंड दिए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126(1) (ख) के अधीन उपर्युक्त साधारण निर्वाचन एवं उपनिर्वाचन के संबंध में मतदान की समाप्ति के लिए नियत समय पर समाप्त होने वाली 48 घंटों की अवधि के दौरान किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में किसी भी ओपिनियन पोल या किसी अन्य मतदान सर्वेक्षण के परिणामों सहित किसी भी प्रकार के निर्वाचन संबंधी मामले के प्रदर्शन पर प्रतिबंध होगा।
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