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Jind News: जादुई शो में मनोरंजन के साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश
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जींद। अमृत काल जागरूकता अभियान के तहत चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में आयोजित चार दिवसीय निशुल्क जादुई शो के शाम के सत्र का शुभारंभ डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने किया। इस दौरान एसडीएम सत्यवान मान, डीएमसी अनिल दून भी मौजूद रहे।
डीसी डॉ. वैशाली ने कहा कि जादू केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है बल्कि इसके जरिये युवाओं को देश की प्राचीन लोककलाओं, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से भी जोड़ा जा सकता है। ऐसे कार्यक्रम नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति को समझने का अवसर देते हैं।
उन्होंने युवाओं से मोबाइल फोन, इंटरनेट और सोशल मीडिया समेत आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सकारात्मक और संतुलित उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल शिक्षा, ज्ञानवर्धन और कौशल विकास के लिए किया जाना चाहिए।
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मनोरंजन के साथ यदि किसी कार्यक्रम से सामाजिक संदेश मिले तो उसकी उपयोगिता और बढ़ जाती है। डीसी ने कहा कि युवाओं को नशाखोरी, कन्या भ्रूण हत्या, अस्वच्छता और अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूक होने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक बदलाव में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। युवाओं को अपनी संस्कृति और लोककलाओं के प्रति सम्मान रखते हुए आधुनिक ज्ञान-विज्ञान को भी अपनाना चाहिए। कार्यक्रम में जादूगर ने विभिन्न जादुई करतब दिखाकर दर्शकों का मनोरंजन किया। प्रस्तुतियों के माध्यम से अंधविश्वास से बचने और वैज्ञानिक सोच व तार्किक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश भी दिया गया।
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डीसी डॉ. वैशाली ने कहा कि जादू केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है बल्कि इसके जरिये युवाओं को देश की प्राचीन लोककलाओं, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से भी जोड़ा जा सकता है। ऐसे कार्यक्रम नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति को समझने का अवसर देते हैं।
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उन्होंने युवाओं से मोबाइल फोन, इंटरनेट और सोशल मीडिया समेत आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सकारात्मक और संतुलित उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल शिक्षा, ज्ञानवर्धन और कौशल विकास के लिए किया जाना चाहिए।
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मनोरंजन के साथ यदि किसी कार्यक्रम से सामाजिक संदेश मिले तो उसकी उपयोगिता और बढ़ जाती है। डीसी ने कहा कि युवाओं को नशाखोरी, कन्या भ्रूण हत्या, अस्वच्छता और अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूक होने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक बदलाव में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। युवाओं को अपनी संस्कृति और लोककलाओं के प्रति सम्मान रखते हुए आधुनिक ज्ञान-विज्ञान को भी अपनाना चाहिए। कार्यक्रम में जादूगर ने विभिन्न जादुई करतब दिखाकर दर्शकों का मनोरंजन किया। प्रस्तुतियों के माध्यम से अंधविश्वास से बचने और वैज्ञानिक सोच व तार्किक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश भी दिया गया।