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Jind News: पिछले सप्ताह था सुधार, अब फिर एक्यूआई पहुंचा 304
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जींद। ठंड के साथ वायु प्रदूषण बढ़ गया है। जिले में सोमवार को एक्यूआई 304 दर्ज किया गया जिससे जिला रेड जॉन में पहुंच गया है। पिछले सप्ताह वायु प्रदूषण में काफी सुधार हुआ था। अब तीन दिन से फिर से वायु प्रदूषण बढ़ गया है। 18 दिसंबर को एक्यूआई 295, 17 को 221, 16 को 116, 15 को 105, 14 को 89 तथा 13 दिसंबर को 90 दर्ज किया गया था।
इस समय न तो पराली जल रही है और न ही धूल भरी आंधियां चल रही हैं। इसके बाद भी वायु प्रदूषण बढ़ने का कारण वायुमंडल में फैले धूल कणों का धरती की तरफ आना है। इसके अलावा वाहनों का धुआं भी हवा नहीं चलने के कारण वायुमंडल की निचली परत में ही रह जाता है। इसी कारण वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने से भी वायु प्रदूषण में सुधार होगा। वायु प्रदूषण बढ़ने से अस्थमा के रोगियों को काफी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। जिन लोगों के फेफड़ों में परेशानी है, उनको सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही है। नागरिक अस्पताल में भी पिछले दो दिन से अस्थमा के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। इस मौसम में बच्चों, बुजुर्गों व पहले से बीमार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पांडु पिंडारा स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि वातावरण में फैले धूल कण हवा में नमी व कोहरे के कारण भारी होकर धरती की तरफ आ रहे हैं। इस कारण वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। इसके अलावा वाहनों का धुंआ भी नीचे की तरफ ही रह जाता है। यदि हल्की बारिश हो या फिर तेज हवा चले तो वायु प्रदूषण साफ हो सकता है।
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दो दिन में अस्पताल पहुंचे 300 अस्थमा रोगी
नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने कहा कि वायु प्रदूषण के कारण अस्थमा रोगियों की परेशानी बढ़ जाती है। इसके अलावा बुजुर्गों को भी इस मौसम में परेशानी होती है। एक तो ठंड और ऊपर से वायु प्रदूषण से बीमार लोगों की परेशानी बढ ़गई है। नागरिक अस्पताल में दो दिन से अस्थमा रोगियों की संख्या बढ़ गई है। दो दिन में 300 के आसपास अस्थमा रोगी अस्पताल में आ चुके हैं।
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इस समय न तो पराली जल रही है और न ही धूल भरी आंधियां चल रही हैं। इसके बाद भी वायु प्रदूषण बढ़ने का कारण वायुमंडल में फैले धूल कणों का धरती की तरफ आना है। इसके अलावा वाहनों का धुआं भी हवा नहीं चलने के कारण वायुमंडल की निचली परत में ही रह जाता है। इसी कारण वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने से भी वायु प्रदूषण में सुधार होगा। वायु प्रदूषण बढ़ने से अस्थमा के रोगियों को काफी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। जिन लोगों के फेफड़ों में परेशानी है, उनको सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही है। नागरिक अस्पताल में भी पिछले दो दिन से अस्थमा के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। इस मौसम में बच्चों, बुजुर्गों व पहले से बीमार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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पांडु पिंडारा स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि वातावरण में फैले धूल कण हवा में नमी व कोहरे के कारण भारी होकर धरती की तरफ आ रहे हैं। इस कारण वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। इसके अलावा वाहनों का धुंआ भी नीचे की तरफ ही रह जाता है। यदि हल्की बारिश हो या फिर तेज हवा चले तो वायु प्रदूषण साफ हो सकता है।
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दो दिन में अस्पताल पहुंचे 300 अस्थमा रोगी
नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने कहा कि वायु प्रदूषण के कारण अस्थमा रोगियों की परेशानी बढ़ जाती है। इसके अलावा बुजुर्गों को भी इस मौसम में परेशानी होती है। एक तो ठंड और ऊपर से वायु प्रदूषण से बीमार लोगों की परेशानी बढ ़गई है। नागरिक अस्पताल में दो दिन से अस्थमा रोगियों की संख्या बढ़ गई है। दो दिन में 300 के आसपास अस्थमा रोगी अस्पताल में आ चुके हैं।