फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   The 'Yogita' of Karma and the example of service, the picture started changing

कर्म की ‘योगिता’ और सेवा की नजीर, बदलने जुटीं तस्वीर

Mon, 07 Nov 2022 01:12 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 07 Nov 2022 01:12 AM IST
विज्ञापन
The 'Yogita' of Karma and the example of service, the picture started changing
बेहतर सामाजिक कार्य करने पर डीसी नरेश नरवाल योगिता भारद्वाज को सम्मानित करते हुए। फाइल फोटो। - फोटो : Jind
जींद। आज किसी को फुर्सत नहीं है। किंतु स्वार्थ और आपाधापी के दौर में लुदाना गांव की योगिता भारद्वाज ने सेवाभाव की नजीर पेश की है। वे हर समय जरूरतमंदों की सहायता के लिए तत्पर रहती हैं। गत पांच वर्ष में उन्होंने अपने नाम को सार्थक करते हुए कर्मयोग से सबको अपना मुरीद बनाया है। कोरोना काल में भी अपनी जान की परवाह न करते हुए मानवता का धर्म निभाया।
विज्ञापन

वे हर समय जरूरतमंदों की सहायता के लिए तत्पर रहती हैं। गत पांच वर्ष में उन्होंने सेवाभाव से नाम को सार्थक करते हुए कर्मयोग से सबको अपना मुरीद बनाया है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्होंने पांच सिलाई सेंटर व दस ब्यूटी पार्लर खोलकर इसमें लगभग 200 से ज्यादा महिलाओं को प्रशिक्षित करने का काम किया। ये महिलाएं अब गांवों में सिलाई सेंटर व ब्यूटी पार्लर के माध्यम से अपनी आजीविका चला रही हैं। योगिता का कहना है महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने से ही समाज की तस्वीर बदल सकती है। वे भी इसी प्रयास में जुटी हैं।
विज्ञापन

कोरोना काल में निभाया मानवता का धर्म
कोरोना काल में भी अपनी जान की परवाह न करते हुए मानवता का धर्म निभाया। उस वक्त जब हर कोई खुद को बचाने के लिए घरों में दुबके बैठा था तो योगिता ने आसपास के सात गांवों में खुद तैयार किए हुए पांच हजार मास्क वितरित किए और हजारों की संख्या में सेनिटाइजर भी वितरित किए। स्कूलों के बंद होने से बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए घर पर विभिन्न कक्षाओं के करीब 100 बच्चों को निशुल्क पढ़ाया। इसके अलावा योगिता ने सामाजिक सरोकार संस्था के सहयोग से लुदाना में बच्चों को शिक्षित करने के लिए लाइब्रेरी का भी निर्माण करवाया। जहां अब गांव के करीब 50 बच्चे ज्ञान अर्जित कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

40 से ज्यादा रक्तदान शिविर लगवाए, पर्यावरण संरक्षण की जगा रहीं अलख
इसके अलावा जरूरतमंदों को रक्त उपलब्ध करवाने के लिए हर महीने रक्तदान शिविर लगाकर लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करती है। उन्होंने अब तक 40 से ज्यादा रक्तदान शिविर लगवाए। इनके अलावा योगिता भारद्वाज ने पर्यावरण संरक्षण के लिए भी बेहतर कार्य किया। जिसके चलते उन्होंने कई अन्य संगठनों के साथ मिलकर पांच हजार पौधे लगाए। अब इन पौधों की देखभाल कर रही है, ताकि यह वृक्ष बनकर पर्यावरण प्रदूषण को रोकने का काम करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed