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मर्यादा और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है श्रीराम कथा : मधुरेश दास
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20जेएनडी02: कथा के दौरान हवन में आहुति देते हुए श्रद्धालु। स्रोत: आयोजक
- फोटो : Archive
जींद। हिंदू कन्या महाविद्यालय में आयोजित दस दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा महायज्ञ का समापन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ हुआ। अंतिम दिन कथा व्यास मधुरेश दास महाराज के प्रवचनों को सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कथा के समापन पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन और पूर्णाहुति की गई। इसके बाद विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
कथा व्यास मधुरेश दास महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, सत्य, धर्म और कर्तव्यनिष्ठा का आदर्श उदाहरण है। उनके चरित्र से प्रत्येक व्यक्ति को जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों पर अडिग रहने की प्रेरणा मिलती है। श्रीराम ने आदर्श पुत्र, भाई, पति और राजा के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन कर समाज के सामने कर्तव्य पालन की मिसाल प्रस्तुत की।
उन्होंने कहा कि रामकथा केवल श्रवण करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन को सही दिशा देने का माध्यम है। यदि व्यक्ति श्रीराम के आदर्शों को अपने व्यवहार में अपनाए तो समाज में व्याप्त अनेक बुराइयों और अशांति को दूर किया जा सकता है। मर्यादा में रहकर जीवन जीना और दूसरों के प्रति अपने दायित्व निभाना ही रामकथा का मूल संदेश है।
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इस दौरान क्लब के अध्यक्ष प्रमोद कुमार, सचिव मुकेश सिंगला, कोषाध्यक्ष चंद्रभान बंसल, जॉन अध्यक्ष प्रदीप शर्मा सहित संजय गोयल, संजय जिंदल, अशोक जिंदल, राजेंद्र बिढान, सचिन वडाला, आयुष बंसल, डॉ. जितेंद्र पाल, नितिन गोयल, प्रवीण सैनी, आशीष सिंगला, राजवीर कौशल, रमेश कौशिक और राहुल सिंगला मौजूद रहे।
भंडारे में आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया
जेसीआई एल्यूमनी क्लब के प्रधान प्रमोद गर्ग और प्रेस प्रवक्ता अशोक खरब ने बताया कि कथा के अंतिम दिन यजमानों ने विधि-विधान से हवन किया और पूर्णाहुति अर्पित की। इसके बाद आयोजित भंडारे में आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन को सफल बनाने में क्लब के सदस्यों ने सेवाएं दीं।
फोटो कैप्शन
20जेएनडी02: कथा के दौरान हवन में आहुति देते हुए श्रद्धालु। स्रोत: आयोजक
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कथा व्यास मधुरेश दास महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, सत्य, धर्म और कर्तव्यनिष्ठा का आदर्श उदाहरण है। उनके चरित्र से प्रत्येक व्यक्ति को जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों पर अडिग रहने की प्रेरणा मिलती है। श्रीराम ने आदर्श पुत्र, भाई, पति और राजा के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन कर समाज के सामने कर्तव्य पालन की मिसाल प्रस्तुत की।
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उन्होंने कहा कि रामकथा केवल श्रवण करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन को सही दिशा देने का माध्यम है। यदि व्यक्ति श्रीराम के आदर्शों को अपने व्यवहार में अपनाए तो समाज में व्याप्त अनेक बुराइयों और अशांति को दूर किया जा सकता है। मर्यादा में रहकर जीवन जीना और दूसरों के प्रति अपने दायित्व निभाना ही रामकथा का मूल संदेश है।
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इस दौरान क्लब के अध्यक्ष प्रमोद कुमार, सचिव मुकेश सिंगला, कोषाध्यक्ष चंद्रभान बंसल, जॉन अध्यक्ष प्रदीप शर्मा सहित संजय गोयल, संजय जिंदल, अशोक जिंदल, राजेंद्र बिढान, सचिन वडाला, आयुष बंसल, डॉ. जितेंद्र पाल, नितिन गोयल, प्रवीण सैनी, आशीष सिंगला, राजवीर कौशल, रमेश कौशिक और राहुल सिंगला मौजूद रहे।
भंडारे में आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया
जेसीआई एल्यूमनी क्लब के प्रधान प्रमोद गर्ग और प्रेस प्रवक्ता अशोक खरब ने बताया कि कथा के अंतिम दिन यजमानों ने विधि-विधान से हवन किया और पूर्णाहुति अर्पित की। इसके बाद आयोजित भंडारे में आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन को सफल बनाने में क्लब के सदस्यों ने सेवाएं दीं।
फोटो कैप्शन
20जेएनडी02: कथा के दौरान हवन में आहुति देते हुए श्रद्धालु। स्रोत: आयोजक