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Jind News: चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों की एक घंटे की हडताल पड़ी मरीजों पर भारी

Tue, 05 Aug 2025 12:26 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Tue, 05 Aug 2025 12:26 AM IST
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The one hour strike by doctors and health workers proved costly for patients
04जेएनडी14: हड़ताल के दौरान नागरिक अस्पताल की खाली पड़ी दवा ​खिड़की। संवाद
जींद। सरकारी अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सक व अन्य स्टाफ ने सोमवार सुबह 10 बजे जियो फेसिंग के विरोध में एक घंटा काम का बहिष्कार किया। इस दौरान चिकित्सकों ने सामान्य ओपीडी के साथ डिलीवरी व पोस्टमार्टम जैसी अहम सेवाओं को भी बहाल रखा। एक घंटे के दौरान इलाज न होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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चिकित्सके के काम का बहिष्कार के चलते अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ गई। इसके कारण अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई गई। इस दौरान केवल इमरजेंसी में उपचार मिल पाया। 11 बजे चिकित्सकों ने अपनी हड़ताल समाप्त की और मरीजों का इलाज शुरू किया। बावजूद इसके पूरा दिन चिकित्सकों के कमरे के बाहर लाइनें लगी रही।
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सोमवार को 1900 के लगभग ओपीडी हुई। स्वास्थ्य विभाग की हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन, दंतक सर्जन एसोसिएशन, लेब टेक्नीशियन एसोसिएशन, नर्सिंग ऑफिसर एसोसिएशन, मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन, एनएचएम कर्मचारी संघ एवं बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन सहित सभी श्रेणी के अधिकारी व कर्मचारी एसोसिएशनों ने लोकेशन आधारित जियो फेसिंग हाजिरी के विरोध में काम का बहिष्कार किया।
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इस दौरान स्वास्थ्यकर्मी हडताल पर रहे और सीएमओ कार्यालय के सामने धरना देकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में मांगों को लेकर ज्ञापन सीएमओ डाॅ. सुमन कोहली को सौंपा।
आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी
एचसीएमए एसोसिएशन के प्रधान डॉ. बिजेंद्र ढांडा, डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला, राममेहर वर्मा ने बताया कि निजता और गोपनीयता को हनन करने वाली लोकेशन आधारित हाजिरी व्यवस्था को बंद करवाने के लिए पूरे हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी व कर्मचारी एक मंच पर आकर आंदोलन करने को मजबूर हैं। राममेहर वर्मा ने कहा कि पिछले दो महीने से स्वास्थ्य मंत्री व उच्च अधिकारियों से ज्ञापन के माध्यम व मिलकर जियो फेंसिंग हाजिरी को बंद करने की अपील की जा चुकी है लेकिन सरकार हठधर्मिता पर अड़ी है। सोमवार को काम छोड़ो आंदोलन के माध्यम से भी सरकार से अपील की गई है कि जियो फेंसिंग व्यवस्था को वापस ले नही तो आंदोलन को आगे बढ़ाना मजबूरी होगी। इस अवसर पर हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के प्रधान डाॅ. बिजेंद्र ढांडा, डिप्टी एमएस डाॅ. राजेश भोला समेत सभी चिकित्सक व अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
मेडिकल के लिए भटके युवा
हड़ताल के चलते चिकित्सकों ने एक घंटे काम नहीं किया। इसके चलते मेडिकल करवाने आए अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। राजेश व सुनील ने बताया कि उनका चयन केंद्र सरकार की सेवा में हुआ है। वह मेडिकल करवाने के लिए आए थे लेकिन चिकित्सक एक घंटे की हड़ताल पर हैं। वह जल्द से जल्द मेडिकल प्रक्रिया को पूरा करवाना चाह रहे थे लेकिन 11 बजे के बाद ही प्रक्रिया शुरू हो पाई।
वर्जन
चिकित्सकों की हड़ताल को लेकर जानकारी उच्च अधिकारियों को पहले ही उपलब्ध करवा दी गई थी। अस्पताल में इमरजेंसी, पोस्टमार्टम और लेबर जैसी सेवाओं को सुचारू रखा गया है। उन्होंने स्वयं अस्पताल का दौरा कर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया है। अस्पताल में उपचार को लेकर किसी तरह की किसी को कोई परेशानी नहीं आने दी गई है।

--डाॅ. सुमन कोहली, सिविल सर्जन नागरिक अस्पताल जींद।

04जेएनडी14: हड़ताल के दौरान नागरिक अस्पताल की खाली पड़ी दवा खिड़की। संवाद

04जेएनडी14: हड़ताल के दौरान नागरिक अस्पताल की खाली पड़ी दवा खिड़की। संवाद

04जेएनडी14: हड़ताल के दौरान नागरिक अस्पताल की खाली पड़ी दवा खिड़की। संवाद

04जेएनडी14: हड़ताल के दौरान नागरिक अस्पताल की खाली पड़ी दवा खिड़की। संवाद

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