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भारत बंद के चलते डिपो को नौ लाख से ज्यादा का हुआ नुकसान
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भारत बंद के चलते सोमवार को अन्य दिनों की अपेक्षा जींद रोडवेज डिपो को नौ लाख रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि इससे एक दिन पहले रविवार को परीक्षार्थियों के लिए चलाई विशेष बसों से डिपो की आमदनी में अन्य दिनों की अपेक्षा तीन लाख रुपये अधिक कमाई हुई।
सोमवार को डिपो की बसें दिनभर में केवल 10909 किलोमीटर ही चलीं जबकि अन्य दिनों में 164 बसें 36 हजार से अधिक किलोमीटर की दूरी दिनभर में तय करती हैं। सोमवार को डिपो की आमदनी केवल चार लाख आठ हजार रुपये ही रही। आमतौर पर डिपो की आमदनी प्रतिदिन 13 लाख रुपये से अधिक रहती है। वहीं 26 सितंबर को हरियाणा पुलिस की एसआई की परीक्षा थी। प्रदेशभर में परीक्षा के लिए 11 सेंटर बनाए गए थे। परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए डिपो ने 18 स्पेशल बसें चलाई थी। इसके चलते रविवार को डिपो की बसें 37328 किलोमीटर ऑनरूट रहीं और रविवार को आमदनी के रूप में 1606254 रुपये राजस्व के रूप में जमा हुए। डिपो में इस समय 164 रोडवेज व 110 से अधिक परिवहन समिति की बस शामिल हैं। परिवहन समिति की बसें भी एक दिन में पांच हजार रुपये से अधिक का आमदनी करती है।
गौरतलब है कि कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे धरने को 27 सितंबर को दस महीने पूरे होने पर किसानों संगठनों द्वारा भारत बंद का आह्वान किया गया था। इस दौरान जहां व्यापारियों ने अपनी दुकानें दोपहर 12 बजे तक बंद रखी। वहीं जिलेभर में किसानों ने सुबह छह बजे से लेकर शाम चार बजे तक 34 जगह रोड जाम व एक जगह रेल ट्रेक जाम रखा। सुरक्षा के लिहाज से रोडवेज व निजी बसों का परिचालन जाम के दौरान नहीं हो पाया। शाम चार बजे के बाद जैसे ही जाम खुला तो बसें ऑनरूट हुई। इस प्रकार भारत बंद के दौरान डिपो को अन्य दिनों की अपेक्षा नौ लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ तो रविवार को अन्य दिनों की अपेक्षा तीन लाख रुपये से अधिक का मुनाफा हुआ।
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सोमवार को किसानों द्वारा जिलेभर में जाम लगाए गए थेे। सुरक्षा की दृष्टि से बसों का परिचालन जाम के दौरान नहीं किया गया। जैसे ही शाम को जाम खुला तो बसों को ऑनरूट किया गया। डिपो की बस सोमवार को अन्य दिनों की अपेक्षा कम चली। इस कारण डिपो को नुकसान हुआ। अब बसें सुचारु रूप से चल रही हैं। यात्रियों की सुविधा अनुसार बसों का परिचालन हो रहा है। -गुलाब सिंह दूहन, रोडवेज जीएम जींद डिपो।
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सोमवार को डिपो की बसें दिनभर में केवल 10909 किलोमीटर ही चलीं जबकि अन्य दिनों में 164 बसें 36 हजार से अधिक किलोमीटर की दूरी दिनभर में तय करती हैं। सोमवार को डिपो की आमदनी केवल चार लाख आठ हजार रुपये ही रही। आमतौर पर डिपो की आमदनी प्रतिदिन 13 लाख रुपये से अधिक रहती है। वहीं 26 सितंबर को हरियाणा पुलिस की एसआई की परीक्षा थी। प्रदेशभर में परीक्षा के लिए 11 सेंटर बनाए गए थे। परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए डिपो ने 18 स्पेशल बसें चलाई थी। इसके चलते रविवार को डिपो की बसें 37328 किलोमीटर ऑनरूट रहीं और रविवार को आमदनी के रूप में 1606254 रुपये राजस्व के रूप में जमा हुए। डिपो में इस समय 164 रोडवेज व 110 से अधिक परिवहन समिति की बस शामिल हैं। परिवहन समिति की बसें भी एक दिन में पांच हजार रुपये से अधिक का आमदनी करती है।
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गौरतलब है कि कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे धरने को 27 सितंबर को दस महीने पूरे होने पर किसानों संगठनों द्वारा भारत बंद का आह्वान किया गया था। इस दौरान जहां व्यापारियों ने अपनी दुकानें दोपहर 12 बजे तक बंद रखी। वहीं जिलेभर में किसानों ने सुबह छह बजे से लेकर शाम चार बजे तक 34 जगह रोड जाम व एक जगह रेल ट्रेक जाम रखा। सुरक्षा के लिहाज से रोडवेज व निजी बसों का परिचालन जाम के दौरान नहीं हो पाया। शाम चार बजे के बाद जैसे ही जाम खुला तो बसें ऑनरूट हुई। इस प्रकार भारत बंद के दौरान डिपो को अन्य दिनों की अपेक्षा नौ लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ तो रविवार को अन्य दिनों की अपेक्षा तीन लाख रुपये से अधिक का मुनाफा हुआ।
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सोमवार को किसानों द्वारा जिलेभर में जाम लगाए गए थेे। सुरक्षा की दृष्टि से बसों का परिचालन जाम के दौरान नहीं किया गया। जैसे ही शाम को जाम खुला तो बसों को ऑनरूट किया गया। डिपो की बस सोमवार को अन्य दिनों की अपेक्षा कम चली। इस कारण डिपो को नुकसान हुआ। अब बसें सुचारु रूप से चल रही हैं। यात्रियों की सुविधा अनुसार बसों का परिचालन हो रहा है। -गुलाब सिंह दूहन, रोडवेज जीएम जींद डिपो।