फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   The hope of development of the industrial sector with the budget

Jind News: बजट से लगी औद्योगिक क्षेत्र के विकास की आस

Thu, 23 Feb 2023 12:46 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 23 Feb 2023 12:46 AM IST
विज्ञापन
The hope of development of the industrial sector with the budget
जींद। हरियाणा गठन के साथ ही अस्तित्व में आया था। 1977 में यहां 25 एकड़ भूमि में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया गया था। इसमें 78 इकाइयां हैं, जिनमें से 75 इकाइयां आवंटित की गई हैं जबकि तीन अभी तक खाली हैं। दरअसल संसाधनों के आभाव में जिला औद्योगिक क्षेत्र में आज तक विकास नहीं कर पाया । सीवरेज, पेयजल, बिजली और सड़कों की खस्ता हालत यहां की मुख्य समस्या है। यहां के उद्यमियों को कल आने वाले बजट से औद्योगिक क्षेत्र के दिन बहुरने की आस है। उन्हें उम्मीद है कि सरकार इसके लिए पैकेज देेगी।
विज्ञापन

जींद पहले किसी बड़े नेशनल हाइवे से नहीं जुड़ा था। जींद से दिल्ली, सोनीपत, पानीपत, टोहान, चंडीगढ़, हिसार की तरफ नेशनल हाइवे तो जाते हैं लेकिन इनकी हालत इतनी खस्ता थी कि यहां बाइक सवारों का निकलना भी मुश्किल हो जाता था। जींद से पानीपत व हिसार की तरफ जाने वाले सड़क मार्गों की हालत आज भी खस्ता है। सबसे बड़ी बात है कि जींद से गुजरने वाले नारनौल-अंबाला एक्सप्रेस-से यहां औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। अगले साल दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस वे भी बन जाएगा। इसके बाद जिले में किसी भी प्रकार की परिवहन समस्या नहीं रहेगी। औद्योगिक क्षेत्र के लिए सड़क मार्ग का नहीं होना बड़ी बाधा है। अब यह बाधा भी दूर हो जाएगी। रेलमार्ग से पहले ही जींद जुड़ा हुआ है। यहां के युवाओं व उद्योगपतियों को उम्मीद है कि यहां अब औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार होगा।
विज्ञापन

बॉक्स
बहुत छोटी इकाइयां हैं फिलहाल
जींद के औद्योगिक क्षेत्र में फिलहाल बहुत छोटी-छोटी इकाइयां हैं। वैसे इनको उद्योगों की संज्ञा नहीं दी जा सकती। इनमें या लेदर केमिकल को छोड़ दिया जाए तो बाकी सभी घरेलू उद्योगों जैसी ही इकाइयां हैं। इनमें कृषि यंत्र बनाने, सर्जिकल कॉटन, फार्मा, नोट बुक, धूप, अगरबत्ती, कीटनाशक दवाइयां बनाने की इकाइयां हैं। इसके अलावा कुछ में पुरानी बैटरी से स्क्रैप निकालकर उनको नई बनाने का भी काम किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बॉक्स
ऑटो मार्केट के निर्माण की उम्मीद
जींद शहर में 2014 में भाजपा की सरकार बनने के बाद ऑटो मार्केट की घोषणा हुई थी। इसके लिए जिला प्रशासन आज तक जमीन भी तलाश नहीं पाया है। जिले में ऑटो मार्केट बहुत बड़ी जरूरत बन गई है। जींद ट्रक बॉडी बनाने को लेकर उत्तर भारत का सबसे बड़ा हब है। इसलिए यहां ऑटो मार्केट का निर्माण करवाया जरूरी है। अन्य प्रदेशों से भी ट्रक मालिक अपने ट्रकों पर बॉडी बंधवाने के लिए जींद में आते हैं। रोहतक रोड पर कई स्थानों पर खेतों में गैरेज बनाकर ट्रकों की बॉडी बांधी जाती है। यदि एक ऑटो मार्केट का निर्माण हो जाए तो यह सभी इकाइयां एक स्थान पर इकट्ठी हो सकती हैं, जिससे रोजगार के अलावा आर्थिक मजबूती भी मिलेगी।
बॉक्स
जिले में औद्योगिक विकास आज की सबसे बड़ी जरूरत है। जींद में मेडिकल कॉलेज बन रहा है, यूनिवर्सिटी बन गई है। अब आर्थिक रूप से जिले को मजबूत बनाने के लिए औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया जाना चाहिए ताकि यहां बड़ी-बड़ी कंपनियां अपनी औद्योगिक इकाइयां लगा सकें, जिससे युवाओं को रोजगार मिल सके। प्रदेश सरकार को इस बजट में जिले की तरफ विशेष ध्यान देना चाहिए।
--डॉ. राजकुमार गोयल, प्रधान जींद विकास संगठन
बाक्स
जींद में जो औद्योगिक क्षेत्र में उसमें सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। ऐसे में यहां औद्योगिक विकास की बहुत ज्यादा जरूरत है। अब जींद नारनौल-अंबाला एक्सप्रेस-वे से जुड़ गया है तथा अगले वर्ष दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस-वे से जुड़ने की संभावना है। इसलिए यहां यातायात की कोई समस्या नहीं आएगी। अब यदि सरकार ध्यान दे तो जिला औद्योगिक क्षेत्र में भी चमक सकता है।

--एसएन जैन।
बॉक्स
जिले में 1977 में औद्योगिक क्षेत्र बनाया गया था। उसके बाद यहां पर कोई विस्तार नहीं हुआ। इसमें मुलभूत सुविधाएं भी अब तक सरकार उपलब्ध नहीं करवा पाई। इसके चलते यहां से व्यापारी पलायन करने पर मजबूर हैं। अब सरकार को चाहिए कि जींद में औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक उद्योगपति यहां पर उद्योग लगाने के लिए आगे आए।
-जयभगवान मित्तल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed