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मिड-डे मील वर्करों की मांगों का सरकार तुरंत करे समाधान : कैलाश खापड़
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30जेएनडी17: रानी तालाब पर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मिड डे मील वर्कर। संवाद
जींद। मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन हरियाणा की जिला कमेटी ने लंबित मांगों को लेकर सोमवार को राज्य कमेटी के आह्वान पर नेहरू पार्क में प्रदर्शन किया। इस दौरान वर्करों ने एसडीओ राजेंद्र के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र सौंपा। प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान कैलाश खापड़ ने की।
जिला प्रधान कैलाश खापड़, सचिव सुनीता और सरला ने कहा कि चार अगस्त को प्रदेशभर की हजारों मिड-डे मील वर्करों ने कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास पर प्रदर्शन किया था। इसके बाद उपायुक्त ने मुख्यमंत्री से बातचीत करवाने का आश्वासन दिया था लेकिन 17 अगस्त को प्रस्तावित बातचीत अब तक नहीं हुई। इससे वर्करों में रोष है।
यूनियन ने मिड-डे मील वर्करों का मानदेय बढ़ाकर न्यूनतम 30 हजार रुपये मासिक करने, वरिष्ठता के आधार पर अधिक मानदेय देने और 12 महीने का मानदेय देने की मांग की। साथ ही केंद्र सरकार के बकाया मानदेय का भुगतान करने तथा हर माह की सात तारीख तक मानदेय सीधे बैंक खातों में डालने की मांग की गई।
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वर्करों ने 60 वर्ष की आयु में सेवा समाप्त होने पर दो लाख रुपये सेवानिवृत्ति लाभ, वर्दी भत्ते को 600 से बढ़ाकर दो हजार रुपये वार्षिक करने और दुर्घटना में घायल होने पर इलाज के साथ 50 हजार रुपये मुआवजा देने की मांग की।
मृत्यु होने पर आश्रित परिवार को कम से कम पांच लाख रुपये मुआवजा और सभी वर्करों के निशुल्क आयुष्मान कार्ड बनाने की मांग भी रखी गई। इस अवसर पर अनीता, सुमन, सुदेश, पिंकी, राजरानी, कमलेश, बोहती, नीलम, मंजू, अनारकली, सुनीता सहित अन्य वर्कर मौजूद रहीं।
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जिला प्रधान कैलाश खापड़, सचिव सुनीता और सरला ने कहा कि चार अगस्त को प्रदेशभर की हजारों मिड-डे मील वर्करों ने कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास पर प्रदर्शन किया था। इसके बाद उपायुक्त ने मुख्यमंत्री से बातचीत करवाने का आश्वासन दिया था लेकिन 17 अगस्त को प्रस्तावित बातचीत अब तक नहीं हुई। इससे वर्करों में रोष है।
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यूनियन ने मिड-डे मील वर्करों का मानदेय बढ़ाकर न्यूनतम 30 हजार रुपये मासिक करने, वरिष्ठता के आधार पर अधिक मानदेय देने और 12 महीने का मानदेय देने की मांग की। साथ ही केंद्र सरकार के बकाया मानदेय का भुगतान करने तथा हर माह की सात तारीख तक मानदेय सीधे बैंक खातों में डालने की मांग की गई।
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वर्करों ने 60 वर्ष की आयु में सेवा समाप्त होने पर दो लाख रुपये सेवानिवृत्ति लाभ, वर्दी भत्ते को 600 से बढ़ाकर दो हजार रुपये वार्षिक करने और दुर्घटना में घायल होने पर इलाज के साथ 50 हजार रुपये मुआवजा देने की मांग की।
मृत्यु होने पर आश्रित परिवार को कम से कम पांच लाख रुपये मुआवजा और सभी वर्करों के निशुल्क आयुष्मान कार्ड बनाने की मांग भी रखी गई। इस अवसर पर अनीता, सुमन, सुदेश, पिंकी, राजरानी, कमलेश, बोहती, नीलम, मंजू, अनारकली, सुनीता सहित अन्य वर्कर मौजूद रहीं।