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किसान बोले- जब तक दिल्ली से संदेश नहीं आएगा, धरने से नहीं हटेंगे

Thu, 28 Jan 2021 11:36 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 28 Jan 2021 11:36 PM IST
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The farmer said - Till the message comes from Delhi, we will not withdraw from the dharna
किसानों के साथ बैठक करते एसडीएम व डीएसपी। संवाद - फोटो : Jind
जींद/उचाना/ नरवाना। दिल्ली में उपद्रव के बावजूद खटकड़ व बद्दोवाल टोल पर वीरवार को भी कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का धरना जारी रहा। हालांकि प्रशासन ने बातचीत कर धरना समाप्त करवाने की पहल की, लेकिन किसानों इनकार कर दिया। कहा कि जब तक किसान संघर्ष मोर्चा के नेताओं का संदेश नहीं आएगा, वे यहां से नहीं हटेंगे। नरवाना में बद्दोवाल टोल पर ही किसानों व प्रशासन के बीच बैठक हुई, जिसमें धरना उठाने पर कोई सहमति नहीं बन पाई।
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एसडीएम सुमित सिहाग ने कहा कि किसान धरने पर बैठे हैं, लेकिन अगर किसान चाहे तो सड़क से हटकर उनके लिए जगह का प्रबंध किया जा सकता है। उन्होंने किसान नेताओं से भी अपील की है कि अगर कोई शरारती तत्व धरने पर माहौल खराब करता है तो तुरंत प्रशासन को सूचना देें। बैठक में एसडीएम सुमित सिहाग, डीएसपी ताहिर हुसैन, सदर थाना प्रभारी सोमवीर ढाका, शहरी प्रभारी महेंद्र सिंह मौजूद रहे। किसानों की ओर से मास्टर बलवीर सिंह, रणधीर मोर, पृथ्वीसिंह ने हिस्सा लिया।
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टोल पर धरना दे रहे किसानों के धरने को पुलिस द्वारा हटवाने की चर्चा किसान नेताओं में बुधवार शाम से ही होनी शुरू हो गई थी। इसके बाद वीरवार दोपहर से ही टोल पर हर घंटे के बाद लोगों की संख्या बढ़ने लगी। ग्रामीण अंचल से महिलाएं ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में नारे लगाते हुए धरना स्थल पर पहुंचीं। किसान नेता फूल सिंह श्योकंद के अनुसार प्रशासन की ओर से बातचीत का संदेश आया था, लेकिन बता दिया कि अधिकारी धरना स्थल पर आकर बात कर सकते हैं।
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जान देकर भी किसान अपनी फसल और नस्ल की रक्षा करेंगे : पालवां
खटकड़ टोल प्लाजा पर वीरवार को किसान नेता आजाद पालवां ने कहा कि जान देकर भी किसान अपनी फसलों व नस्लों की रक्षा करेगा। सरकार की मंशा जवान व किसान को आपस में लड़वाने की शुरू से ही रही है। किसान शांतिपूर्वक तरीके से दिल्ली में 63 दिनों से धरना दे रहे हैं। जिसे आज मुद्दा बनाया जा रहा है, वह सरकार के इशारे पर हुआ है। खटकड़ टोल पर फूल सिंह श्योकंद, कैप्टन वेद प्रकाश, डॉ. इंद्र सिंह, जोधा सरपंच, भीरा, बिजेंद्र संधु, राकेश, अमरजीत, जयप्रकाश, ज्ञानीराम, सुमित्रा, कमला जुलानी, पनमेश्वरी देवी, पूर्व सरपंच भरत सिंह खटकड़ मौजूद रहे।
कंडेला खाप के प्रधान व जन कल्यांण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी टेकराम कंडेला ने कहा कि 26 जनवरी को किसानो की ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल किले पर घटी घटना निदंनीय है। उपद्रव करना देश के लिए अच्छी बात नहीं है। इस घटना से किसानों का कोई लेना-देना नहीं है।
किसान आंदोलन से युवाओं को दूर रखने की अपील
जुलाना थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने वीरवार को थाना में आसपास के ग्रामीणों की बैठक ली। बैठक में थाना प्रभारी ने किसानों को आपसी भाईचारा बनाए रखने एवं युवाओं को आंदोलन से दूर रखने की अपील की। सुरेंद्र सिंह ने कहा कि अभिभावकों को युवा वर्ग को किसान आंदोलन से दूर रखना चाहिए और उन्हें पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
दिल्ली हिंसा को लेकर युवाओं ने निकाली तिरंगा यात्रा
दिल्ली में हुई हिंसा व तिरंगे के अपमान को लेकर अटल विद्यार्थी संगठन ने तिरंगा यात्रा निकाली। संगठन के प्रदेशाध्यक्ष अजीत पाथरी के नेतृत्व में यात्रा शहर के बीच से होती हुई लघु सचिवालय पहुंची और यहां एसडीएम मनदीप कुमार को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने लालकिले पर शान से लहरा रहे देश के गौरव के प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को उतारकर उसकी जगह पर अन्य झंडों को फहराया और देश की गरिमा को तार-तार किया। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस मौके पर अंकित, लाला, बलदेव, सचिन व मुकुल मौजूद रहे।
कृषि कानून रद्द होने तक किसान आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा : पहलवान
गांव खरकभूरा युवा मंडल प्रधान विक्रम पहलवान, मास्टर दीपक, रामनिवास, दिनेश, कपिल पहलवान, अनिल पहलवान ने कहा कि दिल्ली पुलिस द्वारा निर्धारित नौ मार्गों पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर ट्रैक्टर परेड 26 जनवरी को दोपहर 12 बजे आरंभ की गई थी। सभी मार्गों पर निर्धारित रूट के अनुसार ट्रैक्टर परेड निकाली गई। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों के रद्द होने तक आंदोलन शांतिपूर्वक तरीके से चलता रहेगा।

शुगर मिल पर चल रहे भंडारे में रुक रहे लोग
पंजाब व हरियाणा के लोगों के दिनभर वाहन दिल्ली आने व जाने में लगे रहे। सैकड़ों ट्रैक्टर दिल्ली गए और दिल्ली से वापस भी आए। शुगर मिल के पास चल रहे सीटू व अन्य सामाजिक संगठनों के धरने पर लोग रुककर लंगर में खाना खाकर आगे निकल रहे हैं। 48 दिन से चल रहे धरने में प्रतिदिन सैकड़ों महिलाएं खाना बनाती हैं। यहां सभी लोगों का सहयोग मिल रहा है।

 खटकड़ टोल पर नारेबाजी करतीं महिला किसान। संवाद

खटकड़ टोल पर नारेबाजी करतीं महिला किसान। संवाद- फोटो : Jind

खटकड़ टोल पर धरने में ट्रैक्ट्रर-ट्राली से पहुंचीं महिलाएं।

खटकड़ टोल पर धरने में ट्रैक्ट्रर-ट्राली से पहुंचीं महिलाएं। - फोटो : Jind

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