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Jind News: लिंगानुपात के मामले में सुधार की तरफ बढ़ रही जिले की गति
Thu, 27 Mar 2025 01:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 27 Mar 2025 01:07 AM IST
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जींद। लिंगानुपात के मामले में जींद फिर से नंबर वन पर बढ़ने की तरफ अग्रसर हो रहा है। जींद में फरवरी माह में लिंगानुपात 955 प्रति हजार था जो अब बढ़कर 962 पर आ गया है। सात अंक की उछाल के साथ ही जिला प्रदेशभर में छठे स्थान पर आ गया है। वर्ष 2024 में जींद सातवें स्थान पर था।
जिले में लिंगानुपात के बढ़ रहे मामलों से साफ है कि जिले के लोगों को बेटियां खूब रास आ रही हैं। पहले स्थान पर यमुनानगर है जहां लिंगानुपात 995 प्रति हजार है। इसके बाद दूसरे नंबर फतेहाबाद 992 और तीसरे नंबर पर झज्जर 976 है। पिछले दिनों जिला में कन्या भ्रूण हत्या के तीन मामले भी सामने आए थे। गांव डूमरखां कलां में किसी मां ने अपनी बेटी को जन्म लेने से पहले कोख में ही मार दिया था और उसका भ्रूण खाली प्लाॅट में फेंक दिया था। दूसरी घटना जींद के रेलवे स्टेशन के पास की थी। इसमें झाड़ियों में एक नवजात कन्या का शव मिला था। तीसरी घटना नरवाना में हुई थी, जहां भ्रूण मिला था। इसके बाद से स्वास्थ्य विभाग की टीमें अलर्ट मोड पर हैं और ऑनलाइन किट बेचने वाली कंपनी के खिलाफ मामला भी दर्ज करवाया हुआ है।
यह है प्रदेश का लिंगानुपात
जिला मेल फिमेल कुल जन्म लिंगानुपात
अंबाला 1713 1594 3307 931
भिवानी 1382 1337 2719 967
चरखी-दादरी 513 395 908 770
फरीदाबाद 4304 3810 8114 885
फतेहाबाद 1267 1257 2524 992
गुरूग्राम 4144 3631 7775 876
हिसार 2578 2348 4926 911
झज्जर 836 816 1652 976
जींद 1357 1305 2662 962
कैथल 1374 1191 2565 867
करनाल 2215 1973 4188 891
कुरुक्षेत्र 1236 1194 2430 966
महेंद्रगढ़ 1001 920 1921 919
नूंह 4864 4438 9302 912
पलवल 2430 2114 4544 870
पंचकूला 1060 957 2017 903
पानीपत 2712 2538 5250 936
रेवाड़ी 1507 1296 2803 860
रोहतक 2485 2182 4667 878
सिरसा 1748 1611 3359 922
सोनीपत 2125 1950 4075 918
यमुनानगर 1645 1636 3281 995
कुल 44496 40493 84989 910
बाक्स
बिना एमसीटीएस नंबर के अल्ट्रासाउंड करना गैर कानूनी
जिला में अब प्रजनन और बाल स्वास्थ्य (आरसीएच) आईडी और मां व शिशु ट्रैकिंग प्रणाली (एमसीटीएस) नंबर के बिना अल्ट्रासाउंड करना गैरकानूनी किया गया है। ऐसे में अब अल्ट्रासाउंड केंद्रों को किसी भी गर्भवती का अल्ट्रासाउंड करने से पहले आरसीएच व एमसीटीएस नंबर लेना अनिवार्य किया गया है। यह नियम सरकारी व निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर लागू कर दिया गया है। गर्भवतियों को गर्भधारण के तीन माह के भीतर आरसीएच आईडी और मां व एमसीटीएस में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में पंजीकरण करवाना होगा, ताकि स्वास्थ्य विभाग उन्हें ट्रैक कर उन्हें स्वास्थ्य लाभ दे सके और उनकी संस्थानों में डिलीवरी करा सकें।
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वर्जन
जिले में लिंगानुपात सुधारने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग लगातार काम कर रहा है। पीएनडीटी एक्ट की उल्लंघना करने वालों को पकड़वाने पर एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। इसमें जानकारी देने वाले का नाम भी गुप्त रखा जाता है। इसके अलावा कम लिंगानुपात वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जा रही है। लिंगानुपात को बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग पंचायतों को सम्मानित भी कर रहा है।
-- -डॉ. पालेराम कटारिया डिप्टी सीएमओ व पीएनडीटी के प्रभारी जींद।
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जिले में लिंगानुपात के बढ़ रहे मामलों से साफ है कि जिले के लोगों को बेटियां खूब रास आ रही हैं। पहले स्थान पर यमुनानगर है जहां लिंगानुपात 995 प्रति हजार है। इसके बाद दूसरे नंबर फतेहाबाद 992 और तीसरे नंबर पर झज्जर 976 है। पिछले दिनों जिला में कन्या भ्रूण हत्या के तीन मामले भी सामने आए थे। गांव डूमरखां कलां में किसी मां ने अपनी बेटी को जन्म लेने से पहले कोख में ही मार दिया था और उसका भ्रूण खाली प्लाॅट में फेंक दिया था। दूसरी घटना जींद के रेलवे स्टेशन के पास की थी। इसमें झाड़ियों में एक नवजात कन्या का शव मिला था। तीसरी घटना नरवाना में हुई थी, जहां भ्रूण मिला था। इसके बाद से स्वास्थ्य विभाग की टीमें अलर्ट मोड पर हैं और ऑनलाइन किट बेचने वाली कंपनी के खिलाफ मामला भी दर्ज करवाया हुआ है।
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यह है प्रदेश का लिंगानुपात
जिला मेल फिमेल कुल जन्म लिंगानुपात
अंबाला 1713 1594 3307 931
भिवानी 1382 1337 2719 967
चरखी-दादरी 513 395 908 770
फरीदाबाद 4304 3810 8114 885
फतेहाबाद 1267 1257 2524 992
गुरूग्राम 4144 3631 7775 876
हिसार 2578 2348 4926 911
झज्जर 836 816 1652 976
जींद 1357 1305 2662 962
कैथल 1374 1191 2565 867
करनाल 2215 1973 4188 891
कुरुक्षेत्र 1236 1194 2430 966
महेंद्रगढ़ 1001 920 1921 919
नूंह 4864 4438 9302 912
पलवल 2430 2114 4544 870
पंचकूला 1060 957 2017 903
पानीपत 2712 2538 5250 936
रेवाड़ी 1507 1296 2803 860
रोहतक 2485 2182 4667 878
सिरसा 1748 1611 3359 922
सोनीपत 2125 1950 4075 918
यमुनानगर 1645 1636 3281 995
कुल 44496 40493 84989 910
बाक्स
बिना एमसीटीएस नंबर के अल्ट्रासाउंड करना गैर कानूनी
जिला में अब प्रजनन और बाल स्वास्थ्य (आरसीएच) आईडी और मां व शिशु ट्रैकिंग प्रणाली (एमसीटीएस) नंबर के बिना अल्ट्रासाउंड करना गैरकानूनी किया गया है। ऐसे में अब अल्ट्रासाउंड केंद्रों को किसी भी गर्भवती का अल्ट्रासाउंड करने से पहले आरसीएच व एमसीटीएस नंबर लेना अनिवार्य किया गया है। यह नियम सरकारी व निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर लागू कर दिया गया है। गर्भवतियों को गर्भधारण के तीन माह के भीतर आरसीएच आईडी और मां व एमसीटीएस में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में पंजीकरण करवाना होगा, ताकि स्वास्थ्य विभाग उन्हें ट्रैक कर उन्हें स्वास्थ्य लाभ दे सके और उनकी संस्थानों में डिलीवरी करा सकें।
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जिले में लिंगानुपात सुधारने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग लगातार काम कर रहा है। पीएनडीटी एक्ट की उल्लंघना करने वालों को पकड़वाने पर एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। इसमें जानकारी देने वाले का नाम भी गुप्त रखा जाता है। इसके अलावा कम लिंगानुपात वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जा रही है। लिंगानुपात को बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग पंचायतों को सम्मानित भी कर रहा है।