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रास्ता न दिए जाने के विरोध में लिया पंचायत चुनाव के बहिष्कार का लिया फैसला

Fri, 14 Oct 2022 12:27 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 14 Oct 2022 12:27 AM IST
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The decision to boycott the Panchayat elections was taken in protest against not being given the way.
भिड़ताना गांव की चौपाल में एकत्रित होकर पंचायती चुनाव के बहिष्कार का एलान करते ग्रामीण। संवाद - फोटो : Jind
जींद। नेशनल हाइवे 352ए पर रास्ते की मांग को लेकर चाबरी गांव के पास धरना दे रहे भिड़ताना के ग्रामीणों ने पंचायती चुनाव के बहिष्कार का निर्णय लिया है। यहां तक की 30 अक्तूबर व दो नवंबर को मतदान वाले दिन मतदान केंद्र बनाए गए स्कूल के गेट पर ताला भी जड़ने का ग्रामीणों ने एलान किया है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले काफी दिनों से उनके गांव के अलावा आसपास गांवों के लोग मांग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से धरना दे रहे हैं। जब उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो उन्होंने मजबूरन पंचायती चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया।
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गांव के अधिवक्ता सैलेंद्र, पूर्व सरपंच राममेहर, देवेंद्र, नंबरदार पिरथी, सुरेंद्र, दलबीर, आजाद, ओमप्रकाश, विपिन, हरपाल, देवेंद्र व राजेश ने बताया कि जिला में 30 अक्तूबर व दो नवंबर को पंच, सरपंच, ब्लॉक समिति तथा जिला परिषद का चुनाव होना है। इसके लिए कोई भी ग्रामीण नामांकन नहीं करेगा और न ही किसी भी पद के लिए मतदान करेगा। गांव भिड़ताना की चौपाल में गांव के लोगों ने पंचायत कर फैसला लिया। इसमें जिसमें मुख्य मुद्दा नेशनल हाइवे 352ए पर रास्ता न दिया जाना है। उन्होंने बताया कि 352 ए पर क्रॉसिंग न होने से लगभग 25 गांवों का आवागमन प्रभावित हो गया है। जिसको लेकर पिछले काफी दिनों से गांव भिड़ताना, चाबरी, खरकरामजी के ग्रामीण करीब दो माह से धरने पर बैठे हैं। बावजूद इसके क्रॉसिंग के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। अधिकारियों तथा नेताओं से बात भी हुई, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकल रहा है। जिसके चलते ग्रामीणों ने पंचायत का आयोजन कर पंचायती चुनाव के बहिष्कार का निर्णय लिया है। पंचायत चुनाव में कोई भी ग्रामीण किसी भी पद के लिए नामांकन दाखिल नहीं करेगा और न ही मतदान में हिस्सा लेगा।
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उन्होंने कहा कि अगर जनसमस्याओं का समाधान ही नहीं किया जा रहा तो जनप्रतिनिधि बनकर या जनप्रतिनिधि चुनने का कोई औचित्य नहीं बनता। जब तक ग्रामीणों को नेशनल हाईवे 352 ए पर रास्ता नहीं मिलता तब तक न तो चुनाव में हिस्सा लिया जाएगा और न ही मतदान में ग्रामीण भागीदारी करेंगे।
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ग्रामीणों को पंचायती चुनाव का बहिष्कार नहीं करना चाहिए। नेशनल हाईवे 352 ए पर ग्रामीणों को रास्ता उपलब्ध करवाने के लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है। ग्रामीणों की इस मांग को प्रशासन गंभीरता से लेकर काम कर रहा है। ग्रामीणों को चाहिए कि वह पंचायती चुनाव में भाग लेकर अपने पंच, सरपंच, ब्लॉक समिति व जिला परिषद के सदस्यों को चुनें।
-डीसी डॉ. मनोज कुमार।
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