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Jind News: शहर में कपड़ों का कारोबार 10 साल में तीन गुना बढ़ा

Fri, 12 Dec 2025 02:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 12 Dec 2025 02:03 AM IST
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The clothing business in the city has tripled in 10 years.
11जेएनडी16 : सावर गर्ग कपड़ा व्यापारी - फोटो : संवाद
रेखा रानी
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जींद। शहर का कपड़ा बाजार पिछले एक दशक में पूरी तरह बदल गया है। जहां 10 साल पहले शहर में लगभग 300 कपड़ों की दुकानें थीं आज यह संख्या बढ़कर 1000 से भी ज्यादा हो चुकी है। पहले व्यापार सीमित दायरे में था और ग्राहकों की पसंद भी बहुत कम थी।

दस साल पहले बाजार में साधारण डिजाइन के सूट 100 से 150 रुपये तक आराम से मिल जाते थे लेकिन समय के साथ ग्राहकों की पसंद बदली, फैशन ट्रेंड बढ़े और बाजार में नई चीजें आने लगी। आज शहर में हर बजट और हर पसंद के अनुसार कपड़े हैं।
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मार्केट में अब 250 रुपये से लेकर 3000 रुपये तक के सूट आसानी से मिल रहे हैं। पहले जहां ग्राहकों के पास विकल्प कम थे। आज शहर के हर मार्केट में विभिन्न वैराइटी, डिजाइन और ब्रांडेड कपड़ों की भरमार है। इससे शहरी ग्राहकों के साथ-साथ जींद के आस पास के गांव भी खरीदारी करने आते हैं।
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दुकानदार लवली और बजरंग गर्ग का कहना है कि पहले खर्च कम होता था और कारोबार आसानी से चल जाता था लेकिन अब फैशन के लगातार बदलते ट्रेंड ने मार्केट की चुनौती बढ़ा दी है। दुकानों में पहले जहां सीमित स्टॉक रहता था। अब नई वैराइटी लाने के लिए लगातार भाग- दाैड़ करनी पड़ती है। कई दुकानें तो ऐसी हैं जिनके पास स्टॉक संभालने तक का समय नहीं बच पाता। नया माल आते ही पूरे दिन ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है।

सोशल मीडिया और ऑनलाइन ट्रेंड ने भी ग्राहकों की पसंद को काफी प्रभावित किया है। लोग अब ट्रेंड और लेटेस्ट फैशन की मांग करते हैं जिससे दुकानदारों को भी अपनी दुकानें लगातार अपडेट रखनी पड़ती हैं। -चेतन गर्ग

पिछले 10 सालों में कपड़ा बाजार कम लागत वाले पारंपरिक बाजार से निकलकर फैशन सिटी में बदल चुका है। पहले जहां 100 रुपये से सूट मिल जाते थे वहीं अब 250 से लेकर तीन हजार रुपये से शुरुआत होती है। बजरंग गर्ग।


पहले बाजार में कुछ ही दुकानें होती थी। कुछ ही किस्म के कपड़े मिलते थे लेकिन अब कपड़े के अनगिनत विकल्प मौजूद है। -सावर गर्ग

पहले बाजार में दुकानों में माल की कम ही लागत होती थी, लेकिन अब स्टॉक अतिरिक्त मंगवाना पड़ता है। दुकानदारों को बैठने तक का समय नहीं मिलता। -अशोक कुमार कपड़ा व्यापारी

11जेएनडी16 : सावर गर्ग कपड़ा व्यापारी

11जेएनडी16 : सावर गर्ग कपड़ा व्यापारी- फोटो : संवाद

11जेएनडी16 : सावर गर्ग कपड़ा व्यापारी

11जेएनडी16 : सावर गर्ग कपड़ा व्यापारी- फोटो : संवाद

11जेएनडी16 : सावर गर्ग कपड़ा व्यापारी

11जेएनडी16 : सावर गर्ग कपड़ा व्यापारी- फोटो : संवाद

11जेएनडी16 : सावर गर्ग कपड़ा व्यापारी

11जेएनडी16 : सावर गर्ग कपड़ा व्यापारी- फोटो : संवाद

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