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टूटी ग्रिलों के कारण परिक्रमा मार्ग अब सुरक्षित नहीं : डॉ. राजकुमार
Sun, 18 Jan 2026 12:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 18 Jan 2026 12:19 AM IST
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17जेएनडी09: रानी तालाब की टूटी हुई ग्रिल। स्रोत संस्था
जींद। ऐतिहासिक और धार्मिक गौरव, स्वर्ण मंदिर की तर्ज पर निर्मित रानी तालाब के परिक्रमा मार्ग पर सुरक्षा के इंतजाम न होने के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। अग्रवाल समाज के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार गोयल ने प्रशासन से इसकी मांग की है।
डॉ. राजकुमार गोयल ने बताया कि रानी तालाब मंदिर के चारों ओर बने परिक्रमा मार्ग पर लगी कंक्रीट की ग्रिल कई स्थानों से टूट चुकी है। यह स्थल न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है बल्कि शहर के लोग यहां सुबह-शाम सैर का भी केंद्र है। उन्होंने कहा कि टूटी ग्रिलों के कारण परिक्रमा मार्ग अब सुरक्षित नहीं रह गया है।
फिसलन या असंतुलन होने पर कोई भी बच्चा या बुजुर्ग सीधे तालाब में गिर सकते हैं जिससे जानमाल का बड़ा नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने डीसी से मांग की है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए टूटी ग्रिलों की मरम्मत, कमजोर हिस्सों को मजबूत करने तथा भविष्य में घटनाओं से बचाव के लिए स्थायी समाधान करवाया जाए।
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पहले भी सीएम विंडो से हुआ समाधान
यह पहली बार नहीं है जब रानी तालाब की ग्रिलों को लेकर लापरवाही बरती जा रही है। दो वर्ष पूर्व भी इसी तरह की स्थिति पैदा हुई थी। डॉ. गोयल ने बताया कि उस समय विभागीय अधिकारियों से कहने के बावजूद जब कोई समाधान नहीं हुआ तो मजबूरन सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज करानी पड़ी थी।
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डॉ. राजकुमार गोयल ने बताया कि रानी तालाब मंदिर के चारों ओर बने परिक्रमा मार्ग पर लगी कंक्रीट की ग्रिल कई स्थानों से टूट चुकी है। यह स्थल न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है बल्कि शहर के लोग यहां सुबह-शाम सैर का भी केंद्र है। उन्होंने कहा कि टूटी ग्रिलों के कारण परिक्रमा मार्ग अब सुरक्षित नहीं रह गया है।
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फिसलन या असंतुलन होने पर कोई भी बच्चा या बुजुर्ग सीधे तालाब में गिर सकते हैं जिससे जानमाल का बड़ा नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने डीसी से मांग की है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए टूटी ग्रिलों की मरम्मत, कमजोर हिस्सों को मजबूत करने तथा भविष्य में घटनाओं से बचाव के लिए स्थायी समाधान करवाया जाए।
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पहले भी सीएम विंडो से हुआ समाधान
यह पहली बार नहीं है जब रानी तालाब की ग्रिलों को लेकर लापरवाही बरती जा रही है। दो वर्ष पूर्व भी इसी तरह की स्थिति पैदा हुई थी। डॉ. गोयल ने बताया कि उस समय विभागीय अधिकारियों से कहने के बावजूद जब कोई समाधान नहीं हुआ तो मजबूरन सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज करानी पड़ी थी।