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मुख्यमंत्री ने किया चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय का शिलान्यास
Jind
Updated Sat, 26 Jul 2014 12:41 AM IST
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मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने शनिवार को रोहतक रोड बाईपास पर करीब 100 एकड़ में बनने वाले चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया। उन्होंने घोषणा की कि दो दिन के अंदर विश्वविद्यालय के लिए 50 करोड़ रुपये भी जारी किए जाएंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री ने नरवाना के खरल गांव के कन्या गुरुकुल में भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर कलां के क्षेत्रीय केन्द्र का नींव का पत्थर भी रखा।
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर पढ़ाएं ताकि भावी पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित हो सके। उन्होंने कहा कि जब साढे़ 9 साल पहले उनके द्वारा मुख्यमंत्री का दायित्व संभाला गया था तो उनके मन में यह खाका तैयार हो गया था कि हरियाणा को शिक्षा का हब बनाना है।
इस दौरान उन्होंने प्रदेश में अनेक इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, विश्वविद्यालय, आईआईएम, निफटम जैसी अनेक रोजगार परक शिक्षण संस्थाएं खोलकर प्रदेश के युवाआें को भविष्य निर्माण के लिए तैयार करने का काम किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी चार-पांच साल में हरियाणा अंतरराष्ट्रीय स्तर का शिक्षा हब बन जाएगा। इस मौके पर लोकनिर्माण मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला, विधायक धर्म सिंह छौंकर, पूर्व विधायक बच्चन सिंह आर्य, पूर्व विधायक भाग सिंह छात्तर, पूर्व विधायक आईजी शेर सिंह, जिला परिषद की चेयरपर्सन वीना देशवाल, श्रम एवं निर्माण के चेयरमैन छोटा सिंह चौहान और युवा कांग्रेस के सचिव प्रमोद सहवाग भी उपस्थित थे।
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गांवों के विकास का प्लान तैयार
हुड्डा ने कहा कि जिस प्रकार पिछले साढ़े नौ साल में प्रदेश का विकास हुआ है, यदि उन्हें आगे भी मौका मिलता है तो ग्रामीण विकास पर खास जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि उन्हें मौका मिला तो ऐसी योजना चलाई जाएगी, जिसमें गांवों कच्ची गलियां दिखाने वालों को इनाम दिया जाएगा।
जींद से अटूट संबंध
मुख्यमंत्री ने जींद के साथ अपना अटूट संबंध बताते हुए कहा कि उनकी माता जी जींद जिले के गांव डूमरखां की बेटी हैं। इसलिए उनके मन में इस क्षेत्र के विकास के लिए शुरू से ही एक कसक रही हैं। उन्होंने पूर्व की इनेलो-भाजपा सरकार पर जींद जिले के साथ विकास कार्यों में भेदभाव बरतने का आरोप लगाया। उन्हाेंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि इनेलो-भाजपा सरकार के कार्यकाल में जींद जिले में मात्र 625.65 करोड़ रुपये विकास के लिए खर्च किए गए, जबकि वर्तमान कांग्रेस सरकार द्वारा इस जिले में 3103.61 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की गई। पिछले साढे़ 9 वर्ष में जींद में रेलवे, सड़क, कॉलेज से लेकर विश्वविद्यालय तक खोले गए हैं।
बॉक्स
शुरुआत में आठ कोर्स
इस मौके पर शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने कहा कि इसी वर्ष एमबीए, एमसीए, एमए अंग्रेजी, शिक्षा, मनोविज्ञान और संगीत समेत 8 विभिन्न कोर्स शुरू हो जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के सभी बीएड कॉलेज इसी विश्वविद्यालय से सम्बद्ध किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने का प्रयास
इस मौके पर भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने भाजयुमा के प्रदेश सचिव बलकार सिंह डाहौला सहित तमाम प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के बाद प्रदर्शनकारियों को छोड़ दिया गया।
बलकार सिंह डाहौला ने पहले से ही मुख्यमंत्री का विरोध करने की घोषणा कर दी थी। इसको लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क था, लेकिन बलकार डाहौला और उसके साथी प्रशासन को चकमा देकर सभा सथल के पास पहुंच गए। यहां इन लोगों ने जैसे ही नारेबाजी की, पुलिस ने दबोच लिया। बलकार सिंह का कहना है कि भूपेन्द्र सिंह हुडा यूनिवर्सिटी का नाम अपने पिता जी के नाम से न रखकर किसी देशभक्त के नाम पर रखना चाहिए था।
कर्मबीर सैनी के पार्टी छोड़ने से नहीं पड़ता फर्क
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्मंत्री ने कहा कि प्रदेश प्रवक्ता रहे कर्मबीर सैनी के पार्टी छोड़ने से कोई फर्क नहीं पड़ता। कांग्रेस बहुत बड़ी पार्टी है लोग आते रहते हैं, जाते रहते हैं।
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर पढ़ाएं ताकि भावी पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित हो सके। उन्होंने कहा कि जब साढे़ 9 साल पहले उनके द्वारा मुख्यमंत्री का दायित्व संभाला गया था तो उनके मन में यह खाका तैयार हो गया था कि हरियाणा को शिक्षा का हब बनाना है।
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इस दौरान उन्होंने प्रदेश में अनेक इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, विश्वविद्यालय, आईआईएम, निफटम जैसी अनेक रोजगार परक शिक्षण संस्थाएं खोलकर प्रदेश के युवाआें को भविष्य निर्माण के लिए तैयार करने का काम किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी चार-पांच साल में हरियाणा अंतरराष्ट्रीय स्तर का शिक्षा हब बन जाएगा। इस मौके पर लोकनिर्माण मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला, विधायक धर्म सिंह छौंकर, पूर्व विधायक बच्चन सिंह आर्य, पूर्व विधायक भाग सिंह छात्तर, पूर्व विधायक आईजी शेर सिंह, जिला परिषद की चेयरपर्सन वीना देशवाल, श्रम एवं निर्माण के चेयरमैन छोटा सिंह चौहान और युवा कांग्रेस के सचिव प्रमोद सहवाग भी उपस्थित थे।
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गांवों के विकास का प्लान तैयार
हुड्डा ने कहा कि जिस प्रकार पिछले साढ़े नौ साल में प्रदेश का विकास हुआ है, यदि उन्हें आगे भी मौका मिलता है तो ग्रामीण विकास पर खास जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि उन्हें मौका मिला तो ऐसी योजना चलाई जाएगी, जिसमें गांवों कच्ची गलियां दिखाने वालों को इनाम दिया जाएगा।
जींद से अटूट संबंध
मुख्यमंत्री ने जींद के साथ अपना अटूट संबंध बताते हुए कहा कि उनकी माता जी जींद जिले के गांव डूमरखां की बेटी हैं। इसलिए उनके मन में इस क्षेत्र के विकास के लिए शुरू से ही एक कसक रही हैं। उन्होंने पूर्व की इनेलो-भाजपा सरकार पर जींद जिले के साथ विकास कार्यों में भेदभाव बरतने का आरोप लगाया। उन्हाेंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि इनेलो-भाजपा सरकार के कार्यकाल में जींद जिले में मात्र 625.65 करोड़ रुपये विकास के लिए खर्च किए गए, जबकि वर्तमान कांग्रेस सरकार द्वारा इस जिले में 3103.61 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की गई। पिछले साढे़ 9 वर्ष में जींद में रेलवे, सड़क, कॉलेज से लेकर विश्वविद्यालय तक खोले गए हैं।
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शुरुआत में आठ कोर्स
इस मौके पर शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने कहा कि इसी वर्ष एमबीए, एमसीए, एमए अंग्रेजी, शिक्षा, मनोविज्ञान और संगीत समेत 8 विभिन्न कोर्स शुरू हो जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के सभी बीएड कॉलेज इसी विश्वविद्यालय से सम्बद्ध किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने का प्रयास
इस मौके पर भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने भाजयुमा के प्रदेश सचिव बलकार सिंह डाहौला सहित तमाम प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के बाद प्रदर्शनकारियों को छोड़ दिया गया।
बलकार सिंह डाहौला ने पहले से ही मुख्यमंत्री का विरोध करने की घोषणा कर दी थी। इसको लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क था, लेकिन बलकार डाहौला और उसके साथी प्रशासन को चकमा देकर सभा सथल के पास पहुंच गए। यहां इन लोगों ने जैसे ही नारेबाजी की, पुलिस ने दबोच लिया। बलकार सिंह का कहना है कि भूपेन्द्र सिंह हुडा यूनिवर्सिटी का नाम अपने पिता जी के नाम से न रखकर किसी देशभक्त के नाम पर रखना चाहिए था।
कर्मबीर सैनी के पार्टी छोड़ने से नहीं पड़ता फर्क
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्मंत्री ने कहा कि प्रदेश प्रवक्ता रहे कर्मबीर सैनी के पार्टी छोड़ने से कोई फर्क नहीं पड़ता। कांग्रेस बहुत बड़ी पार्टी है लोग आते रहते हैं, जाते रहते हैं।