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Jind News: भरत मिलाप का मंचन देख भावुक हुए दर्शक, पिता के निधन की खबर सुनकर दुखी हुए श्रीराम
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फोटो 5 नरवाना। भरत मिलाप का मंचन करते हुए कलाकार। स्रोत आयोजक।
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नरवाना। पुरानी अनाज लोहा मंडी में श्री रामा भारतीय कला केंद्र की ओर से करवाए जा रहे रामलीला मंचन में भरत मिलाप, निखादराज और अगस्त ऋषि तक के प्रसंगों का मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर नगर परिषद की पूर्व प्रधान प्रतिनिधि सुदेश चौपड़ा, जयभगवान मित्तल, सुशील मित्तल और रिपन ने शिरकत की। उन्होंने रिबन काटकर लीला का शुभारंभ करवाया। मंच संचालन शैलेंद्र मोहन गर्ग ने किया। इससे पहले कलाकारों ने मंच पर भगवान विष्णु की आरती प्रस्तुत की। मंचन में दिखाया गया कि भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण वनवास के दौरान वन में रह रहे हैं।
वहीं, अयोध्या में भाई राम से मिलने के लिए भरत व्याकुल हो उठते हैं। वह राम को खोजने के लिए निकल पड़ते हैं। रास्ते में उनकी मुलाकात निखादराज से होती है। पहले भरत के आने की सूचना से निखादराज सतर्क हो जाते हैं, लेकिन मुलाकात के बाद वह भी उनके साथ श्रीराम से मिलने चल पड़ते हैं।
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श्रीराम से मिलकर भरत उन्हें अयोध्या में हुई घटनाओं और पिता के निधन की सूचना देते हैं। यह समाचार सुनकर श्रीराम दुखी हो जाते हैं। इसके बाद वह भरत को अयोध्या लौटने के लिए कहते हैं। मंचन में राम की भूमिका अमन वर्मा, लक्ष्मण की रामप्रकाश और सीता की भूमिका प्रिंस धीमान ने निभाई। इस मौके पर प्रधान भारत भूषण गर्ग, संरक्षक सुशील कौशिक एडवोकेट, हंसराज समैण, ईश्वर गोयल, वीरेंद्र नैन, मंजीत गौरा मौजूद रहे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर नगर परिषद की पूर्व प्रधान प्रतिनिधि सुदेश चौपड़ा, जयभगवान मित्तल, सुशील मित्तल और रिपन ने शिरकत की। उन्होंने रिबन काटकर लीला का शुभारंभ करवाया। मंच संचालन शैलेंद्र मोहन गर्ग ने किया। इससे पहले कलाकारों ने मंच पर भगवान विष्णु की आरती प्रस्तुत की। मंचन में दिखाया गया कि भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण वनवास के दौरान वन में रह रहे हैं।
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वहीं, अयोध्या में भाई राम से मिलने के लिए भरत व्याकुल हो उठते हैं। वह राम को खोजने के लिए निकल पड़ते हैं। रास्ते में उनकी मुलाकात निखादराज से होती है। पहले भरत के आने की सूचना से निखादराज सतर्क हो जाते हैं, लेकिन मुलाकात के बाद वह भी उनके साथ श्रीराम से मिलने चल पड़ते हैं।
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श्रीराम से मिलकर भरत उन्हें अयोध्या में हुई घटनाओं और पिता के निधन की सूचना देते हैं। यह समाचार सुनकर श्रीराम दुखी हो जाते हैं। इसके बाद वह भरत को अयोध्या लौटने के लिए कहते हैं। मंचन में राम की भूमिका अमन वर्मा, लक्ष्मण की रामप्रकाश और सीता की भूमिका प्रिंस धीमान ने निभाई। इस मौके पर प्रधान भारत भूषण गर्ग, संरक्षक सुशील कौशिक एडवोकेट, हंसराज समैण, ईश्वर गोयल, वीरेंद्र नैन, मंजीत गौरा मौजूद रहे।