जींद। अतिथि अध्यापकों को दूसरे जिलों में स्थानांतरित करने के विरोध में प्रदेश भर के शिक्षक वीरवार को शहर के नेहरू पार्क में नारेबाजी की। इस दौरान तबादला नीति के विरोध में 27 नवंबर को करनाल में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया।
अतिथि शिक्षकों ने कहा कि प्रदेश सरकार ने गृह जिले में अतिथि अध्यापकों को रखने का वादा किया था, लेकिन अब इसके विपरीत कार्य कर उन्हें दूसरे जिलों भेजा जा रहा है। अतिथि अध्यापक सुभाष, रवीश, महेंद्र सिंह, सुखविंद्र सिंह, सुरेश कुमार, आशू गुप्ता, पूनम लाठर, शर्मीला, रजनी, हेमलता, स्नेहा, कुसुम व सुमन ने बताया कि प्रदेश के 14 हजार अतिथि अध्यापक पिछले 17 वर्षों से हरियाणा के सरकारी स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। भाजपा ने अपने घोषणा पत्र व लिखित में वादा किया था कि सरकार बनते ही पहली कलम से इन अध्यापकों को नियमित किया जाएगा और उनका एरियर भी दिया जाएगा लेकिन नियमित करना तो दूर की बात है अभी तक समान काम समान वेतन तक नहीं दिया गया। अब ये अध्यापक सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन की नीति बनाने को मजबूर हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही तबादला नीति को रद्द करते हुए पोस्ट खोलकर सभी 14 हजार गेस्ट टीचरों को गृह जिले में स्टेशन नहीं दिया और नियमित नहीं किया तो वह आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि सभी यूनियनों व सभी पदाधिकारियों के साथ-साथ 14 हजार अतिथि अध्यापक 27 नवंबर को करनाल पहुंच कर सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने का निर्णय लेंगे।