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टास्क फोर्स रखेगी बिजली चोरी पर नजर
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद
Updated Tue, 14 Feb 2017 12:11 AM IST
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बिजली
- फोटो : अमर उजाला
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बिजली चोरी के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए निगम अधिकारियों ने टास्क फोर्स गठित की है। इसके तहत अधिकारियों और कर्मचारियों की खास फौज तैयार की है, जो अब जिले में बड़े स्तर पर बिजली चोरी रोकने के लिए अभियान चलाएंगी। गौरतलब है कि जिला में करीब ढाई लाख बिजली उपभोक्ता हैं और बिजली निगम के करीब 1500 करोड़ रुपये बकाया हैं।
अब अर्बन व रूरल बिजली कर्मचारियों की टीमों का गठन किया है। ये टीमें अपने-अपने क्षेत्र में बिजली चोरों पर लगाम लगाने के लिए दबिश देंगी। मौके पर ही बिजली चोरों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। टीम में एसडीओ तथा जेई स्तर के अधिकारी मौजूद रहेंगे। बिजली निगम एक्सईएन विकास मोहन दहिया के दिशा-निर्देश पर बिजली चोरों पर शिकंजा कसते हुए छापामारी अभियान चलाया।
पिछले साल में 50 लाख रुपये जुर्माना
एक्सईएन विकास मोहन दहिया के अनुसार, पिछले साल चले बिजली चोरी के खिलाफ अभियान में 200 लोगों को बिजली चोरी करते हुए पाया गया। इन पर टीम ने लगभग 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
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इन अधिकारियों की बनाई टीम
टीम में एसडीओ प्रदीप कुमार, एसडीओ मनदीप सिंह, जेई सतनारायण, जेई सुभाष, राजेश वर्मा, एएलएम राजीव, एसडीओ कृष्ण छिक्कारा, एसडीओ विजयपाल, वजीर सिंह एलएम, सुरेंद्र जेई, गोपाई जेई, एलएम फकरदीन को शामिल किया गया है।
70 प्रतिशत से अधिक लाइन लोस
जिले में डिफाल्टर उपभोक्ताओं की संख्या बहुत बड़ी है। ग्रामीण क्षेत्रों में 70 प्रतिशत से अधिक लाइन लोस व शहरी क्षेत्रों में 17 से 20 प्रतिशत तक लाइन लोस बिजली निगम झेल रहा है। इससे बिजली निगम को भारी घाटा उठाना पड़ रहा है।
ऐसे समझें लाइन लोस
लोस निगम द्वारा सप्लाई की गई बिजली की यूनिट और उपभोक्ताओं द्वारा जिन यूनिट का भुगतान किया जाता है, इसके बीच का अंतर है। एक्सईएन विकास मोहन दहिया के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्र में यदि एक लाख यूनिट बिजली सप्लाई की जाती है तो इसके बदले महज 20 से 30 हजार यूनिट के बिल का भुगतान ही उपभोक्ता निगम को कर रहे हैं।
जींद जिला बिजली चोरी और डिफाल्टरों के मामले में सबसे आगे है। अब ऐसे लोगों के खिलाफ निगम द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी। बिजली चोरी पकड़ो टीमों का गठन कर दिया गया है। ये टीमें आए दिन अपने-अपने क्षेत्र में बिजली चोरी के मामले पकड़ेंगी। इसके अलावा जो भी बिजली चोरी रोकने गई टीम का विरोध करेगा उस पर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं, बिजली चोरी पकड़वाने में निगम की मदद करने वालों को उचित इनाम दिया जाएगा।
-विकास मोहन दहिया, एक्सईएन बिजली निगम जींद
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अब अर्बन व रूरल बिजली कर्मचारियों की टीमों का गठन किया है। ये टीमें अपने-अपने क्षेत्र में बिजली चोरों पर लगाम लगाने के लिए दबिश देंगी। मौके पर ही बिजली चोरों पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। टीम में एसडीओ तथा जेई स्तर के अधिकारी मौजूद रहेंगे। बिजली निगम एक्सईएन विकास मोहन दहिया के दिशा-निर्देश पर बिजली चोरों पर शिकंजा कसते हुए छापामारी अभियान चलाया।
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पिछले साल में 50 लाख रुपये जुर्माना
एक्सईएन विकास मोहन दहिया के अनुसार, पिछले साल चले बिजली चोरी के खिलाफ अभियान में 200 लोगों को बिजली चोरी करते हुए पाया गया। इन पर टीम ने लगभग 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
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इन अधिकारियों की बनाई टीम
टीम में एसडीओ प्रदीप कुमार, एसडीओ मनदीप सिंह, जेई सतनारायण, जेई सुभाष, राजेश वर्मा, एएलएम राजीव, एसडीओ कृष्ण छिक्कारा, एसडीओ विजयपाल, वजीर सिंह एलएम, सुरेंद्र जेई, गोपाई जेई, एलएम फकरदीन को शामिल किया गया है।
70 प्रतिशत से अधिक लाइन लोस
जिले में डिफाल्टर उपभोक्ताओं की संख्या बहुत बड़ी है। ग्रामीण क्षेत्रों में 70 प्रतिशत से अधिक लाइन लोस व शहरी क्षेत्रों में 17 से 20 प्रतिशत तक लाइन लोस बिजली निगम झेल रहा है। इससे बिजली निगम को भारी घाटा उठाना पड़ रहा है।
ऐसे समझें लाइन लोस
लोस निगम द्वारा सप्लाई की गई बिजली की यूनिट और उपभोक्ताओं द्वारा जिन यूनिट का भुगतान किया जाता है, इसके बीच का अंतर है। एक्सईएन विकास मोहन दहिया के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्र में यदि एक लाख यूनिट बिजली सप्लाई की जाती है तो इसके बदले महज 20 से 30 हजार यूनिट के बिल का भुगतान ही उपभोक्ता निगम को कर रहे हैं।
जींद जिला बिजली चोरी और डिफाल्टरों के मामले में सबसे आगे है। अब ऐसे लोगों के खिलाफ निगम द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी। बिजली चोरी पकड़ो टीमों का गठन कर दिया गया है। ये टीमें आए दिन अपने-अपने क्षेत्र में बिजली चोरी के मामले पकड़ेंगी। इसके अलावा जो भी बिजली चोरी रोकने गई टीम का विरोध करेगा उस पर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं, बिजली चोरी पकड़वाने में निगम की मदद करने वालों को उचित इनाम दिया जाएगा।
-विकास मोहन दहिया, एक्सईएन बिजली निगम जींद