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जिले में 3.90 लाख गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य, अभी सिर्फ एक तिहाई बने
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जींद। आयुष्मान भारत योजना की शुरू राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण मिशन के तहत करीब दो साल पहले हुई थी। योजना 2020 के अंतर्गत देश के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा केंद्र सरकार की तरफ से प्रदान किया जा रहा है जिससे लोग अपनी बीमारी का अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करवा सकते है। लेकिन जिले में अब तक एक लाख 35 हजार लोगों के ही गोल्डन कार्ड बन पाए हैं। जबकि प्रशासन का लक्ष्य तीन लाख 90 हजार लोगों के कार्ड बनने का है। वहीं, अभी तक 5500 लोगों ने इस योजना का लाभ उठाया है। इन लोगों के इलाज के लिए सरकार ने छह करोड़ 25 लाख रुपये खर्च किए हैं।
सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड धारक एक साल में पांच लाख रुपये तक का फ्री इलाज करवा सकता है। जिले में एक लाख 35 हजार लोगों के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। इनमें से 5500 लोग अब तक इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। गोल्डन कार्ड धारक किसी भी सरकारी या पैनल में आने वाले गैर सरकारी अस्पताल में इलाज करवा सकता है।
जिले में नागरिक अस्पताल जींद, नागरिक अस्पताल नरवाना, सफीदों उचाना, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा आस्था अस्पताल, सरस्वती आई केयर सेंटर, गोयल हड्डियों का अस्पताल, मंगला अस्पताल, मीनाक्षी जैन अस्पताल, बालाजी अस्पताल और बाल धर्मार्थ अस्पताल शामिल हैं। गोल्डन कार्ड चयनित परिवार अपने नजदीकी अटल सेवा केंद्र या आयुष्मान भारत योजना के पैनल के किसी भी सरकारी व गैर सरकारी अस्पताल में अपना कार्ड बनवा सकते हैं। इस योजना के तहत किसी भी राज्य का रहने वाला मरीज किसी भी राज्य के पैनल के सरकारी या गैर सरकारी अस्पताल में अपना इलाज करवा सकते हैं।
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सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड धारक एक साल में पांच लाख रुपये तक का फ्री इलाज करवा सकता है। जिले में एक लाख 35 हजार लोगों के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं। इनमें से 5500 लोग अब तक इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। गोल्डन कार्ड धारक किसी भी सरकारी या पैनल में आने वाले गैर सरकारी अस्पताल में इलाज करवा सकता है।
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जिले में नागरिक अस्पताल जींद, नागरिक अस्पताल नरवाना, सफीदों उचाना, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा आस्था अस्पताल, सरस्वती आई केयर सेंटर, गोयल हड्डियों का अस्पताल, मंगला अस्पताल, मीनाक्षी जैन अस्पताल, बालाजी अस्पताल और बाल धर्मार्थ अस्पताल शामिल हैं। गोल्डन कार्ड चयनित परिवार अपने नजदीकी अटल सेवा केंद्र या आयुष्मान भारत योजना के पैनल के किसी भी सरकारी व गैर सरकारी अस्पताल में अपना कार्ड बनवा सकते हैं। इस योजना के तहत किसी भी राज्य का रहने वाला मरीज किसी भी राज्य के पैनल के सरकारी या गैर सरकारी अस्पताल में अपना इलाज करवा सकते हैं।
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