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बाल संरक्षण कानूनों के तहत कार्रवाई करें : अनिल कुमार
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10जेएनडी20-स्पेशल जुवेनाइल पुलिस ऑफिसर्स की समीक्षा बैठक में निर्देश देते हुए आयोग सदस्य अनिल क
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और कानून प्रवर्तन की व्यवस्था को लेकर लघु सचिवालय के सभागार में स्पेशल जुवेनाइल पुलिस ऑफिसर्स (एसजेपीओ) की समीक्षा बैठक हुई। हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग सदस्य अनिल कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए पॉक्सो, जेजे एक्ट और अन्य बाल संरक्षण कानूनों के तहत की पूरी सतर्कता के साथ कार्रवाई करें।
जिले के संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित मॉनिटरिंग करना भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कानून और व्यवस्था का पूर्ण पालन सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। जिले में ऐसे संवेदनशील क्षेत्र, जहां बच्चों से जुड़े मामले अधिक आते हैं उन्हें विशेष रूप से चिन्हित कर वहां की स्थिति की निगरानी की जाए।
जिले में रहने वाले झुग्गी–झोपड़ियों और अस्थायी बस्तियों का पूरा डेटा अपडेट रूप में होना चाहिए। क्षेत्रों में समय–समय पर निरीक्षण करें। यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी बच्चों से संबंधित कोई गैर–कानूनी गतिविधि, शोषण, बाल मजदूरी या जोखिमपूर्ण स्थिति न हो।
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उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों और अपने-अपने क्षेत्र का सटीक डेटा, वहां की स्थिति, अपराध की प्रवृत्ति, सामाजिक–आर्थिक स्थितियां, क्राइम रेट बढ़ने के कारण आदि की जानकारी होनी चाहिए ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। पॉक्सो से जुड़े मामलों में गोपनीयता, संवेदनशीलता और समयबद्ध कार्रवाई अनिवार्य है। इस अवसर पर सीडब्लूसी चेयरपर्सन सतीश कुमार, डीएसपी संदीप कुमार मौजूद रहे।
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जींद। बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और कानून प्रवर्तन की व्यवस्था को लेकर लघु सचिवालय के सभागार में स्पेशल जुवेनाइल पुलिस ऑफिसर्स (एसजेपीओ) की समीक्षा बैठक हुई। हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग सदस्य अनिल कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए पॉक्सो, जेजे एक्ट और अन्य बाल संरक्षण कानूनों के तहत की पूरी सतर्कता के साथ कार्रवाई करें।
जिले के संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित मॉनिटरिंग करना भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कानून और व्यवस्था का पूर्ण पालन सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। जिले में ऐसे संवेदनशील क्षेत्र, जहां बच्चों से जुड़े मामले अधिक आते हैं उन्हें विशेष रूप से चिन्हित कर वहां की स्थिति की निगरानी की जाए।
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जिले में रहने वाले झुग्गी–झोपड़ियों और अस्थायी बस्तियों का पूरा डेटा अपडेट रूप में होना चाहिए। क्षेत्रों में समय–समय पर निरीक्षण करें। यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी बच्चों से संबंधित कोई गैर–कानूनी गतिविधि, शोषण, बाल मजदूरी या जोखिमपूर्ण स्थिति न हो।
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उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों और अपने-अपने क्षेत्र का सटीक डेटा, वहां की स्थिति, अपराध की प्रवृत्ति, सामाजिक–आर्थिक स्थितियां, क्राइम रेट बढ़ने के कारण आदि की जानकारी होनी चाहिए ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। पॉक्सो से जुड़े मामलों में गोपनीयता, संवेदनशीलता और समयबद्ध कार्रवाई अनिवार्य है। इस अवसर पर सीडब्लूसी चेयरपर्सन सतीश कुमार, डीएसपी संदीप कुमार मौजूद रहे।