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Jind News: सियासत की 'बंजर भूमि' पर हाथ मजबूत करने के प्रयास में सुरजेवाला
Sat, 22 Jul 2023 12:33 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 22 Jul 2023 12:33 AM IST
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जींद। कभी जींद की सभी विधानसभा सीटों पर कांग्रेस का कब्जा होता था। अब केवल एकमात्र सफीदों विधानसभा क्षेत्र से सुभाष गांगोली कांग्रेस के विधायक हैं। सियासत की ''बंजर भूमि'' में कांग्रेस के हाथ को मजबूत करने और अपनी खोई जमीन को वापस लाने के लिए रणदीप सिंह सुरजेवाला प्रयास में जुट गए हैं। सफीदों रोड पर श्याम गार्डन में 23 जुलाई को सुरजेवाला जनसभा करेंगे।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली जीत के बाद रणदीप सिंह सुरजेवाला का कद बढ़ा है। कर्नाटक की तर्ज पर रणदीप सिंह सुरजेवाला जींद में भी अपने राजनीतिक अनुभव के दम पर कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। यह तो समय ही बताएगा कि उनकी रैली कितनी सफल होती है, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता भी उनके जींद कार्यक्रम से काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। कार्यक्रम का आयोजन प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य रघुबीर भारद्वाज कर रहे हैं।
वर्ष 2005 में जिले में छह विधानसभा सीटें होती थी। 2009 में राजौंद विधानसभा सीट को कैथल के साथ जोड़ दिया गया। 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में नरवाना से खुद रणदीप सिंह सुरजेवाला, उचाना कलां से कांग्रेस के बीरेंद्र सिंह, राजौंद से कांग्रेस के सतविंद्र राणा, जींद से मांगेराम गुप्ता, जुलाना से शेर सिंह चुनाव जीते थे। वहीं सफीदों से बचन सिंह आर्य निर्दलीय के रूप में विधायक चुने गए थे। बचन सिंह आर्य भजनलाल सरकार में मंत्री भी रहे थे। इससे साफ है कि बचन सिंह आर्य भी एक प्रकार से कांग्रेसी ही थे। 2009 में हुए विधानसभा चुनाव में जींद से इनेलो के डॉ. हरिचंद मिड्ढा, जुलाना से इनेलो के परमिंद्र सिंह ढुल, नरवाना से इनेलो के पृथ्वी सिंह नंबरदार, सफीदों से इनेलो के कलीराम पटवारी तथा उचाना कलां से इनेलो के ओमप्रकाश चौटाला चुनाव जीते थे। वहीं 2014 में जींद से इनेलो के डॉ. हरिचंद मिड्ढा, जुलाना से परमिंद्र सिंह ढुल, सफीदों से निर्दलीय जसबीर देशवाल, नरवाना से पृथ्वी सिंह नंबरदार तथा उचाना कलां से भाजपा की प्रेमलता ने जीत दर्ज की थी। इसी प्रकार 2019 में हुए चुनाव में नरवाना से जजपा के रामनिवास सुरजाखेड़ा, उचाना कलां से दुष्यंत चौटाला, जुलाना से अमरजीत ढांडा, जींद से डॉ. कृष्ण मिड्ढा, सफीदों से कांग्रेस के सुभाष गांगोली चुनाव जीते।
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2005 के बाद 2019 में केवल एक विधायक
2005 में सभी सीटाें पर कांग्रेस के विधायक बने थे। 2009 तथा 2014 में कांग्रेस का कोई विधायक जींद से नहीं बना। अब 2019 में केवल सफीदों विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के सुभाष गांगोली विधायक हैं। ऐसे में 15 साल बाद फिर कांग्रेस को जींद से काफी उम्मीद हैं।
14 जून का कार्यक्रम हुआ था रद्द
इससे पहले रणदीप सिंह सुरजेवाला 14 जुलाई को भी जींद में आने वाले थे। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद उनका पहली बार 14 जुलाई को कई स्थानों पर कार्यक्रम था, लेकिन कुरुक्षेत्र में किसानों के आंदोलन के कारण उन्होंने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया था। अब वह 23 जुलाई को जींद में रैली करेंगे। रणदीप सिंह सुरजेवाला अब कांग्रेस के बड़े नेताओं में शामिल हैं। ऐसे में वह अब जींद में अपनी खाेई जमीन को वापस पाने का प्रयास कर रहे हैं।
फोटो कैप्शन
21जेएनडी11 : सुरजेवाला के कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रुप देते कांग्रेसी नेता। संवाद
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कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली जीत के बाद रणदीप सिंह सुरजेवाला का कद बढ़ा है। कर्नाटक की तर्ज पर रणदीप सिंह सुरजेवाला जींद में भी अपने राजनीतिक अनुभव के दम पर कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। यह तो समय ही बताएगा कि उनकी रैली कितनी सफल होती है, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता भी उनके जींद कार्यक्रम से काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। कार्यक्रम का आयोजन प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य रघुबीर भारद्वाज कर रहे हैं।
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वर्ष 2005 में जिले में छह विधानसभा सीटें होती थी। 2009 में राजौंद विधानसभा सीट को कैथल के साथ जोड़ दिया गया। 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में नरवाना से खुद रणदीप सिंह सुरजेवाला, उचाना कलां से कांग्रेस के बीरेंद्र सिंह, राजौंद से कांग्रेस के सतविंद्र राणा, जींद से मांगेराम गुप्ता, जुलाना से शेर सिंह चुनाव जीते थे। वहीं सफीदों से बचन सिंह आर्य निर्दलीय के रूप में विधायक चुने गए थे। बचन सिंह आर्य भजनलाल सरकार में मंत्री भी रहे थे। इससे साफ है कि बचन सिंह आर्य भी एक प्रकार से कांग्रेसी ही थे। 2009 में हुए विधानसभा चुनाव में जींद से इनेलो के डॉ. हरिचंद मिड्ढा, जुलाना से इनेलो के परमिंद्र सिंह ढुल, नरवाना से इनेलो के पृथ्वी सिंह नंबरदार, सफीदों से इनेलो के कलीराम पटवारी तथा उचाना कलां से इनेलो के ओमप्रकाश चौटाला चुनाव जीते थे। वहीं 2014 में जींद से इनेलो के डॉ. हरिचंद मिड्ढा, जुलाना से परमिंद्र सिंह ढुल, सफीदों से निर्दलीय जसबीर देशवाल, नरवाना से पृथ्वी सिंह नंबरदार तथा उचाना कलां से भाजपा की प्रेमलता ने जीत दर्ज की थी। इसी प्रकार 2019 में हुए चुनाव में नरवाना से जजपा के रामनिवास सुरजाखेड़ा, उचाना कलां से दुष्यंत चौटाला, जुलाना से अमरजीत ढांडा, जींद से डॉ. कृष्ण मिड्ढा, सफीदों से कांग्रेस के सुभाष गांगोली चुनाव जीते।
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2005 के बाद 2019 में केवल एक विधायक
2005 में सभी सीटाें पर कांग्रेस के विधायक बने थे। 2009 तथा 2014 में कांग्रेस का कोई विधायक जींद से नहीं बना। अब 2019 में केवल सफीदों विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के सुभाष गांगोली विधायक हैं। ऐसे में 15 साल बाद फिर कांग्रेस को जींद से काफी उम्मीद हैं।
14 जून का कार्यक्रम हुआ था रद्द
इससे पहले रणदीप सिंह सुरजेवाला 14 जुलाई को भी जींद में आने वाले थे। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद उनका पहली बार 14 जुलाई को कई स्थानों पर कार्यक्रम था, लेकिन कुरुक्षेत्र में किसानों के आंदोलन के कारण उन्होंने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया था। अब वह 23 जुलाई को जींद में रैली करेंगे। रणदीप सिंह सुरजेवाला अब कांग्रेस के बड़े नेताओं में शामिल हैं। ऐसे में वह अब जींद में अपनी खाेई जमीन को वापस पाने का प्रयास कर रहे हैं।
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21जेएनडी11 : सुरजेवाला के कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रुप देते कांग्रेसी नेता। संवाद