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अब सुप्रीम कोर्ट जाएंगे गेस्ट टीचर्स
jind
Updated Fri, 17 Jun 2016 12:28 AM IST
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नेहरू पार्क में राज्य स्तरीय बैठक में हिस्सा लेते हुए गेस्ट टीचर्स।
- फोटो : bureau
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स्कूलों से हटाए गए गेस्ट टीचर्स दोबारा नियुक्ति के लिए अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। बृहस्पतिवार को गेस्ट टीचर्स की राज्य स्तरीय बैठक प्रधान राजेंद्र शर्मा की अध्यक्षता में नेहरू पार्क में हुई। इस दौरान गेस्ट टीचर्स द्वारा एक टीम बनाई गई, जो सुप्रीम कोर्ट में केस लड़ने के लिए वकीलों से संपर्क करेगी। प्रधान राजेंद्र शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने हाई कोर्ट में गलत आंकड़े पेश करके सरप्लस बताकर 3581 गेस्ट टीचर्स को हटा दिया। राजकीय स्कूलों में हजारों पोस्ट खाली होते हुए भी सरप्लस दिखाया जा रहा है। गौरतलब है कि पिछले साल 3581 गेस्ट टीचर्स को हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार 31 मार्च 2016 तक के लिए दोबारा स्कूलों में नियुक्ति दी गई थी।
नियुक्ति के दौरान गेस्ट टीचर्स से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया गया था कि उनकी नियुक्ति 2015-16 के शैक्षणिक सत्र के लिए की जा रही है। प्रधान शर्मा ने बताया कि नियुक्ति के समय यह आधार बनाया गया था कि नियमित टीचर्स की भर्ती होने तक गेस्ट टीचर्स को दोबारा नियुक्ति दी जा रही है, ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं हो। 31 मार्च के बाद टीचर्स की कोई भर्ती नहीं हुई है। स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए टीचर्स नहीं हैं, जिस वजह से बच्चे लगातार सरकारी स्कूलों को छोड़कर निजी स्कूलों का रुख कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में भी सरकारी स्कूलों में रिक्त पड़ी सीटों को ही आधार बनाकर गेस्ट टीचर्स दोबारा नियुक्ति की मांग करेंगे। बैठक में प्रदेश भर से सभी जिला व ब्लॉक प्रधानों ने हिस्सा लिया और सुप्रीम कोर्ट में याचिका डालने व आगे की कार्रवाई को लेकर विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर महासचिव कुलदीप, कोषाध्यक्ष अशोक, संगठन सचिव कृष्ण, विनोद कासनियां, आजाद सिंह, जगशीर, मनोज बैनीवाल, विकास, महेंद्र, देवेंद्र मौजूद रहे।
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नियुक्ति के दौरान गेस्ट टीचर्स से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया गया था कि उनकी नियुक्ति 2015-16 के शैक्षणिक सत्र के लिए की जा रही है। प्रधान शर्मा ने बताया कि नियुक्ति के समय यह आधार बनाया गया था कि नियमित टीचर्स की भर्ती होने तक गेस्ट टीचर्स को दोबारा नियुक्ति दी जा रही है, ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं हो। 31 मार्च के बाद टीचर्स की कोई भर्ती नहीं हुई है। स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए टीचर्स नहीं हैं, जिस वजह से बच्चे लगातार सरकारी स्कूलों को छोड़कर निजी स्कूलों का रुख कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में भी सरकारी स्कूलों में रिक्त पड़ी सीटों को ही आधार बनाकर गेस्ट टीचर्स दोबारा नियुक्ति की मांग करेंगे। बैठक में प्रदेश भर से सभी जिला व ब्लॉक प्रधानों ने हिस्सा लिया और सुप्रीम कोर्ट में याचिका डालने व आगे की कार्रवाई को लेकर विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर महासचिव कुलदीप, कोषाध्यक्ष अशोक, संगठन सचिव कृष्ण, विनोद कासनियां, आजाद सिंह, जगशीर, मनोज बैनीवाल, विकास, महेंद्र, देवेंद्र मौजूद रहे।
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