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Jind News: विद्यार्थियों को गर्मी से बचाव के बताए उपाय
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19जेएनडी02: बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए शिविर में वितरित किया गया कुष्मांड रसायन। स्रोत :
- फोटो : बालूपुरवा गांव के पास स्थित पेट्रोल पंप पर पसरा सन्नाटा।
जींद। जुलेहड़ा के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में स्कूल हेल्थ चेकअप कार्यक्रम के तहत मंगलवार को विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम किया। इसमें आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) सुलेहड़ा के इंचार्ज डॉ. योगेश कुमार ने विद्यार्थियों को गर्मी के मौसम में होने वाली बीमारियों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी।
डॉ. योगेश कुमार ने कहा कि भीषण गर्मी के दौरान शरीर में पानी की कमी, लू लगना, थकावट, डिहाइड्रेशन और पेट संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, ताजे फल एवं हरी सब्जियों का सेवन करने और तले-भुने व बासी खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह दी।
साथ ही बाहर निकलते समय सिर ढककर रखने और दोपहर में तेज धूप से बचने के लिए भी जागरूक किया। उन्होंने बताया कि लू से बचाव के लिए ओआरएस, नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी का सेवन लाभकारी होता है।
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शरीर को हाइड्रेट रखना गर्मी में सबसे जरूरी है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और विद्यालय स्टाफ को आयुर्वेदिक उत्पाद कुष्मांड रसायन भी वितरित किया गया। डॉ. योगेश कुमार ने बताया कि यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करने, कमजोरी दूर करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है।
विद्यालय इंचार्ज प्रदीप कुमार ने कहा कि ऐसे स्वास्थ्य जागरूकता अभियान विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाते हैं और उनके मानसिक व शारीरिक विकास में सहायक साबित होते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता जताई।
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डॉ. योगेश कुमार ने कहा कि भीषण गर्मी के दौरान शरीर में पानी की कमी, लू लगना, थकावट, डिहाइड्रेशन और पेट संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, ताजे फल एवं हरी सब्जियों का सेवन करने और तले-भुने व बासी खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह दी।
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साथ ही बाहर निकलते समय सिर ढककर रखने और दोपहर में तेज धूप से बचने के लिए भी जागरूक किया। उन्होंने बताया कि लू से बचाव के लिए ओआरएस, नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी का सेवन लाभकारी होता है।
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शरीर को हाइड्रेट रखना गर्मी में सबसे जरूरी है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और विद्यालय स्टाफ को आयुर्वेदिक उत्पाद कुष्मांड रसायन भी वितरित किया गया। डॉ. योगेश कुमार ने बताया कि यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करने, कमजोरी दूर करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है।
विद्यालय इंचार्ज प्रदीप कुमार ने कहा कि ऐसे स्वास्थ्य जागरूकता अभियान विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाते हैं और उनके मानसिक व शारीरिक विकास में सहायक साबित होते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता जताई।