{"_id":"6998a3861b20c29add08086f","slug":"students-surrounded-the-chief-warden-over-poor-quality-food-jind-news-c-199-1-jnd1010-148810-2026-02-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jind News: घटिया खाने को लेकर छात्रों ने चीफ वार्डन का किया घेराव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jind News: घटिया खाने को लेकर छात्रों ने चीफ वार्डन का किया घेराव
विज्ञापन
20जेएनडी10: खाने की निम्न गुणवत्ता को लेकर चीफ वार्डन से बातचीत करते संगठन सदस्य । स्रोत संगठन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के हॉस्टल में परोसे जा रहे निम्न गुणवत्ता और अस्वास्थ्यकर भोजन के विरोध में शुक्रवार को छात्रों का धैर्य जवाब दे गया। किसान छात्र एकता संगठन एवं इंडिपेंडेंट यूथ फ्रंट के बैनर तले एकजुट होकर छात्रों ने चीफ वार्डन के कार्यालय पर धरना दिया। इसके बाद घेराव कर प्रदर्शन किया।
छात्र नेता अभिषेक जुलाना ने कहा कि हॉस्टल में लंबे समय से घटिया भोजन परोसा जा रहा है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। उन्होंने आरोप लगाया कि चीफ वार्डन छात्रों की समस्याओं को सुलझाने के बजाय ठेकेदार का पक्ष लेते हैं। जब भी छात्र आवाज उठाते हैं तो समाधान करने के बजाय उल्टा छात्रों को ही दबाने का प्रयास करते हैं।
किसान छात्र एकता संगठन के प्रधान गोविंद सैनी ने कहा कि छात्रों को पौष्टिक भोजन देना प्रशासन की नैतिक जिम्मेदारी है लेकिन बार-बार खोखले आश्वासन ही मिलते हैं।
विज्ञापन
इंडिपेंडेंट यूथ फ्रंट के प्रधान अमित आदिवाल ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही भोजन व्यवस्था में स्थायी सुधार और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
उपप्रधान मुकुल टंडन ने कहा कि यह लड़ाई छात्रों के हक और सम्मान की है। इस दौरान साहिल, पंकज गोदारा, आकाश, सचिन, साहिल ठाकुर, राहुल चौहान, गौरव मुवाल और विनय मौजूद रहे।
विज्ञापन
छात्र नेता अभिषेक जुलाना ने कहा कि हॉस्टल में लंबे समय से घटिया भोजन परोसा जा रहा है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। उन्होंने आरोप लगाया कि चीफ वार्डन छात्रों की समस्याओं को सुलझाने के बजाय ठेकेदार का पक्ष लेते हैं। जब भी छात्र आवाज उठाते हैं तो समाधान करने के बजाय उल्टा छात्रों को ही दबाने का प्रयास करते हैं।
विज्ञापन
किसान छात्र एकता संगठन के प्रधान गोविंद सैनी ने कहा कि छात्रों को पौष्टिक भोजन देना प्रशासन की नैतिक जिम्मेदारी है लेकिन बार-बार खोखले आश्वासन ही मिलते हैं।
विज्ञापन
इंडिपेंडेंट यूथ फ्रंट के प्रधान अमित आदिवाल ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही भोजन व्यवस्था में स्थायी सुधार और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
उपप्रधान मुकुल टंडन ने कहा कि यह लड़ाई छात्रों के हक और सम्मान की है। इस दौरान साहिल, पंकज गोदारा, आकाश, सचिन, साहिल ठाकुर, राहुल चौहान, गौरव मुवाल और विनय मौजूद रहे।