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Jind News: चिह्नित दुकान से ड्रेस, किताब न खरीदने पर छात्र का नाम काटा

Thu, 08 May 2025 01:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Thu, 08 May 2025 01:05 AM IST
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Student's name struck off for not buying dress, books from a marked shop
07जेएनडी07-शिकायत लेकर डीसी कार्यालय पहुुंची मनोहरपुर गांव निवासी महिला निशा। संवाद - फोटो : mathura
जींद। चिराग योजना के तहत निजी स्कूल में एक विद्यार्थी को दाखिला नहीं देने और स्कूल की ओर से बताई गई दुकान से किताब और ड्रेस खरीदने को मजबूर करने की शिकायत लेकर महिला डीसी कार्यालय पहुंची। डीसी को दी शिकायत में गांव मनोहरपुर निवासी महिला नीशा ने कहा कि उसका बेटा विवेक चिराग योजना के तहत शहर के एक निजी स्कूल में पढ़ता है। निजी स्कूल संचालक ने उसके बेटे का नाम काट दिया और कहा कि बेटा का व्यवहार अच्छा नहीं है।
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ऐसे में उसे स्कूल से निकाला जा रहा है। जबकि सच्चाई यह है कि स्कूल संचालक उसके बताई गई दुकानों से किताब और ड्रेस खरीदने को लेकर दबाव बना रहा है और एक्टिविटी चार्ज के नाम पर उनसे चार हजार रुपये वसूल लिए गए। जब वह उसके बच्चे का दाखिला किसी दूसरे स्कूल में कराने गए तो दूसरे स्कूल संचालक ने कहा कि बच्चे ने जहां से नौवीं कक्षा की पढ़ाई की है, वहीं से उसे 10वीं कक्षा कराना उचित रहेगा। उनका स्कूल हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त है, जबकि बेटा सीबीएसई बोर्ड मान्यता प्राप्त स्कूल से पढ़ाई कर रहा है। ऐसे में वह उसके बेटे का दाखिला हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूल में नहीं कर सकते। अगर फिर भी उसे अपने बेटे का दाखिला हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूल में कराना है तो उसे पंचकूला मुख्यालय से अनुमति लेकर आनी होगी।
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स्कूल संचालक से मांगा जाए जवाब
10वीं कक्षा बोर्ड की होने की वजह से वह अपने बच्चे के दाखिले के लिए धक्के खा रही है, लेकिन उसे बेटे को किसी भी स्कूल में दाखिला नहीं मिल रहा है। ऐसे में उसके बेटे के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जिस स्कूल में उसका बेटा चिराग योजना के तहत पढ़ रहा था, उसी स्कूल में दाखिला दिलवाया जाए। इसके अलावा स्कूल संचालक से जवाब मांगा जाए कि शिक्षा विभाग के आदेश होने के बावजूद उन्हें किसी निर्धारित दुकान से ही किताब और ड्रेस खरीदने को लेकर क्यों मजबूर किया जा रहा है।
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ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। अगर शिकायत आती है तो मामले की जांच की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-राजपाल देशवाल, खंड शिक्षा अधिकारी
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