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Jind: हांसी, हिसार और बरवाला रूट की बसों को बाहर से भेजने के नियम पर भड़के विद्यार्थी, बस अड्डे पर जड़ा ताला
Fri, 18 Nov 2022 07:11 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Fri, 18 Nov 2022 07:11 PM IST
सार
विद्यार्थी इससे पहले दो बार तालाबंदी कर चुके हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि ऑटो किराये का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। मांग है कि शहर से ही बसें गुजारी जाएं, ताकि विद्यार्थियों को परेशान न होना पड़े।
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बस अड्डे पर ताला लगाने की सूचना पर विद्यार्थियों को समझाने पहुंचे रोडवेज कर्मचारी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हरियाणा के जींद शहर का बस अड्डा पिंडारा के पास बनने के बाद से शहर में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। बसों के रूटों में बार-बार बदलाव से परेशान दो बार बस अड्डे पर तालाबंदी कर चुके हैं। रोडवेज प्रशासन ने एक बार फिर बदलाव कर हांसी, हिसार और बरवाला रूट की बसों को शहर के बाहर से भेजने की व्यवस्था बनाई है।
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इससे नाराज विद्यार्थियोें ने शुक्रवार को फिर बस अड्डे पर तालाबंदी की। इस दौरान रोडवेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। इसकी जानकारी होने पर आरटीए सहायक आनंद और सिविल लाइन थाना प्रभारी डॉ. सुनील दल बल के साथ पहुंचे। मामले में कार्रवाई करने का आश्वासन देकर छात्रों का प्रदर्शन खत्म कराया। बस अड्डे पर तालाबंदी एक घंटे तक रही।
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मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने विद्यार्थियों से कहा कि 28 नवंबर तक आचार संहिता लगी हुई है। इसके बाद छात्र कमेटी के साथ बातचीत कर बसों के आवागमन को लेकर नया प्लान बनाया जाएगा। अधिकारियों के आश्वासन पर छात्र-छात्राएं मान गईं और बस अड्डे का गेट खोल दिया। बस अड्डे का गेट बंद रहने के दौरान यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा और बसों का आवागमन भी बाधित रहा।
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विद्यार्थियों का कहना था कि प्रशासन बार-बार बसों के रूटों में बदलाव कर उनका इम्तिहान ले रहा है। रूटों में फेरबदल कर उनको परेशान किया जा रहा है। प्रशासन को चाहिए कि सभी रूटों की बसों को शहर से गुजारा जाए। रोडवेज और आरटीए ने वीरवार को हांसी, हिसार व बरवाला रूट की बसों को रोहतक रोड बाईपास, देवीलाल चौक व टेनरी मोड़ से होते हुए चलाने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा असंध, नरवाना और कैथल रूट की बसों को सुबह नौ बजे तक ही शहर से गुजारने की योजना बनाई है। सुबह नौ बजे के बाद असंध, नरवाना व कैथल से आने वाली बसें शहर के अंदर से और उसके बाद बसों को फ्लाईओवर से भेजने के निर्देश दिए हैं। इसका पालन सोमवार से शुरू होना तय हुआ है।
छात्र-छात्राएं होंगे ज्यादा परेशान
रोडवेज की बसें अगर शहर के बाहर से चलेंगी तो उन्हें बस अड्डा, शिक्षण संस्थान तक आने-जाने में छात्र-छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। शहर के अंदर गोहाना रोड पर शिक्षण संस्थान और कोचिंग सेंटर हैं। इनमें पढ़ने के लिए गांवों से पांच हजार विद्यार्थी आते हैं। ऐसे में बस अड्डे से ऑटो से विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों तक आने-जाने में परेशानी होती है। साथ ही विद्यार्थियों पर 20 से 40 रुपये तक अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।
पहले भी दो बार कर चुके हैं प्रदर्शन
शहर के अंदर से बसों का संचालन करने की मांग को लेकर विद्यार्थी पहले भी दो बार प्रदर्शन कर चुके हैं। इसी साल अप्रैल में छात्रों ने बस अड्डे के गेट पर ताला जड़कर विरोध जताया था। इस दौरान विद्यार्थियों ने एक बस चालक की पिटाई कर बस पर पथराव भी किया था। पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में लिया था। सितंबर के अंत में रोडवेज महाप्रबंधक ने आटो चालक और प्राइवेट बस संचालकों के साथ बैठक कर शहर के बाहर से बसों का संचालन करने के आदेश दिए थे। उस समय भी विद्यार्थियों ने प्रदर्शन कर बस स्टैंड के गेट पर ताला जड़ा था। इसके चलते महाप्रबंधक को शहर के बाहर से बस चलाने के आदेश वापस लेने पड़े थे।
विद्यार्थियों ने शहर के अंदर से बसों का संचालन की मांग को लेकर बस अड्डे के गेट पर ताला लगाया था। उन्हें समझाया गया कि यदि उन्हें समस्या है तो वे लिखित रूप में अधिकारियों को अवगत करवाएं। बस अड्डे का गेट बंद करना समाधान नहीं है। 28 नवंबर के बाद फिर बैठक कर बसों के संचालन को लेकर नई योजना बनाई जाएगी। -अशोक कौशिक, महाप्रबंधक रोडवेज डिपो जींद।