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जान जोखिम में डाल बस पर लटक कर सफर करने को मजबूर विद्यार्थी
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जींद-छात्तर रूट पर चलने वाली बस में खिड़कियों में लटक कर यात्रा करते विद्यार्थी।
- फोटो : Jind
जींद। सुबह-शाम ग्रामीण रूटों से आने वाले विद्यार्थियों को कॉलेज तक पहुंचने में बड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण बस में चढ़ना तो दूर पैर रखने की भी जगह नहीं मिल पाती। इस कारण उन्हें जान जोखिम में डाल बसों की खिड़कियों से लटकर सफर करना पड़ता है। जींद-छात्तर रूट पर रोजाना 13 गांवों के करीब 150 विद्यार्थी पढ़ाई के लिए शहर आते हैं।
जींद डिपो में 175 बसें हैं। बसों की कमी के कारण हर ग्रामीण रूट पर विद्यार्थियों को परेशान झेलनी पड़ रही है, लेकिन जींद-छात्तर रूट पर सबसे ज्यादा परेशानी विद्यार्थियों को हो रही है। जींद से छात्तर रूट पर कुचराना, घोघड़ियां, कसूहन, भौंसला, छापड़ा, बड़ौदी व झांझ सहित 13 गांवों से 150 से ज्यादा विद्यार्थी विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ने के लिए आते हैं। इनमें लगभग 100 छात्राएं शामिल हैं। इस रूट पर डिपो द्वारा दो बस चलाई गई हैं, इसमें से स्पेशल गुलाबी बस है, जो छात्राओं के लिए चलाई जा रही है। यह बस भी छात्राओं की संख्या को देखते हुए काफी नहीं है। इस कारण छात्राओं को दूसरी बस में सफर करना पड़ा है। दो सप्ताह पहले तक इस रूट पर दो कॉमन बस चलती थी। एक बस मांडी से जींद और दूसरी बस घोघड़ियां से जींद तक आती थी। इन दोनों बसों के चलने से सभी यात्री जींद आसानी से पहुंच जाते थे, लेकिन छात्राओं की गुलाबी बस स्पेशल चलने के बाद छात्रों की परेशानी बढ़ गई क्योंकि गुलाबी बस में विद्यार्थी यात्रा नहीं कर सकते।
जींद-छात्तर रूट के चालक व परिचालक से रिपोर्ट मांगी जाएगी। अगर दो बसों से विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है तो एक और बस चलाई जाएगी या फिर पहले की तरह ही दोनों कॉमन बसों को चला दिया जाएगा। - बिजेंद्र सिंह, रोडवेज जीएम जींद डिपो।
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जींद डिपो में 175 बसें हैं। बसों की कमी के कारण हर ग्रामीण रूट पर विद्यार्थियों को परेशान झेलनी पड़ रही है, लेकिन जींद-छात्तर रूट पर सबसे ज्यादा परेशानी विद्यार्थियों को हो रही है। जींद से छात्तर रूट पर कुचराना, घोघड़ियां, कसूहन, भौंसला, छापड़ा, बड़ौदी व झांझ सहित 13 गांवों से 150 से ज्यादा विद्यार्थी विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ने के लिए आते हैं। इनमें लगभग 100 छात्राएं शामिल हैं। इस रूट पर डिपो द्वारा दो बस चलाई गई हैं, इसमें से स्पेशल गुलाबी बस है, जो छात्राओं के लिए चलाई जा रही है। यह बस भी छात्राओं की संख्या को देखते हुए काफी नहीं है। इस कारण छात्राओं को दूसरी बस में सफर करना पड़ा है। दो सप्ताह पहले तक इस रूट पर दो कॉमन बस चलती थी। एक बस मांडी से जींद और दूसरी बस घोघड़ियां से जींद तक आती थी। इन दोनों बसों के चलने से सभी यात्री जींद आसानी से पहुंच जाते थे, लेकिन छात्राओं की गुलाबी बस स्पेशल चलने के बाद छात्रों की परेशानी बढ़ गई क्योंकि गुलाबी बस में विद्यार्थी यात्रा नहीं कर सकते।
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जींद-छात्तर रूट के चालक व परिचालक से रिपोर्ट मांगी जाएगी। अगर दो बसों से विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है तो एक और बस चलाई जाएगी या फिर पहले की तरह ही दोनों कॉमन बसों को चला दिया जाएगा। - बिजेंद्र सिंह, रोडवेज जीएम जींद डिपो।
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