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साहब! करोड़ों खर्च, पीण नै पाणी न मिल्या

Sat, 12 Dec 2015 11:43 PM IST
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो
जींद/ अमर उजाला, ब्यूरो Updated Sat, 12 Dec 2015 11:43 PM IST
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spend lord of money, drinking water not avilabil
 
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 साहब! साढ़े आठ किलोमीटर पाइप लाइन दबाने में कितना खर्च आवै है, इसका तो कौन्या बेरा। खेत में सिंचाई के लिए छह किलोमीटर की पाइप लाइन दबाई थी, जिस पै 15-20 लाख रुपये का खर्च आया था।

इस पाइप लाइन में दो मोटरों का पानी डाला हां, तो भी या नहीं फटती। प्रशासन ने पाइप लाइन बिछाने में करोड़ों खर्च कर दिए, फेर भी गांव में पीने नै पानी नहीं मिला। पाइप लाइन में पानी चलाते ही पाइप फट जा सै।
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इस बारे में एक्सईन से बात करते हैं, तो कह देते हैं कि इंक्वायरी चल रही है। यह बातें जाजवान गांव के लोगों ने पेयजल के लिए बिछाई गई पेयजल पाइप लाइन दबाने में हुए घोटाले की जांच के लिए गांव पहुंची पब्लिक अकाउंटस कमेटी के समक्ष कही।
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 चेयरमैन ज्ञानचंद गुप्ता के नेतृत्व में जांच के लिए पहुंची कमेटी ने गांव के जलघर में पहुंच कर ग्रामीणों से बातचीत की और रामराये से जाजवान तक एक करोड़ 34 लाख रुपये की लागत से दबाई गई पेयजल पाइप लाइन का निरीक्षण किया।

कमेटी के समक्ष ग्रामीणों ने जन स्वास्थ्य विभाग को आइना दिखाने का काम किया। ग्रामीण कृष्ण ने कहा कि प्रशासन ने करोड़ों खर्च के बाद जो पाइप लाइन दबाई है, वह 175 जगह से लीक है। विभाग ने पेयजल सप्लाई में सीवरेज के पाइप दबा दिए।

 ग्रामीणों ने पाइप की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस पाइप लाइन से गांव में पानी नहीं पहुंच सकता है। अगर एक्सईएन इस पाइप से गांव में पूरा पानी पहुंचा देते हैं, तो ग्रामीणों को फांसी पर चढ़ा देना और अगर पानी नहीं पहुंचा, तो एक्सईएन को भी फांसी की सजा दी जाए।

ग्रामीणों ने जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा दबाई गए पाइप के सैंपल जांच कमेटी के समक्ष रखे। पाइप के टुकड़े को देखकर जांच कमेटी ने भी अनियमितता होने की बात मानी। पाइप के टुकड़ों को जांच के लिए दिल्ली श्रीराम लैब में भेजा गया है।

जाजवान गांव जाने से पूर्व पब्लिक अकाउंटस कमेटी रेस्ट हाउस पहुंची, जहां अतिरिक्त मुख्य सचिव पीडब्ल्यूडी, प्रमुख इंजीनियर पीडब्ल्यूडी व डीसी विनय सिंह व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पूरे मामले को लेकर गुप्त बातचीत की।

जांच कमेटी में चेयरमैन ज्ञानचंद गुप्ता, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला, नलवा से विधायक रणबीर गंगवा, कलानौर से शकुंतला खटक, लाडवा से विधायक पवन सैनी शामिल रहे।

ट्यूबवेल लगाने के नाम पर हर साल होता है घोटाला
ग्रामीण कृष्ण कुमार ने जन स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि गांव में पीने लायक नहीं होने के बावजूद जन स्वास्थ्य विभाग गांव के जल घर में ट्यूबवेल लगाया गया है, जिसे हर वर्ष उखाड़ा जाता है और दूसरे स्थान पर लगा दिया जाता है। यह सब पिछले पांच साल से चल रहा है।

ग्रामीणों ने आरटीआई के माध्यम से पता लगाया कि विभाग द्वारा ट्यूबवेल लगाने का खर्च 75 हजार रुपये दिखाया जाता है, जबकि सामान पहले वाला ही प्रयोग किया जाता है। ग्रामीणों के अनुसार एक ट्यूबवेल पर 30 हजार रुपये की लागत आती है।

डीसी नहीं होते, तो दबा दिया जाता मामला
ग्रामीणों ने कहा कि डीसी विनय सिंह के कारण हमारी सुनवाई हुई, नहीं तो मामले को ऐसे ही दबा दिया जाता। एक्सईन की राजनीतिक पहुंच होने के कारण काफी समय से मामले की जांच नहीं होने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने कहा कि एक्सईन को तत्कालीन कांग्रेस सरकार में बड़े नेता का सपोर्ट था और अब बीजेपी सरकार में भी उनको किसी बीजेपी नेता का साथ मिला हुआ है।

क्या है मामला
तत्कालीन हुड्डा सरकार ने जाजवान गांव को पेयजल मुहैया कराने के लिए रामराये गांव से पेयजल की पाइप लाइन को मंजूरी दी थी। इसके लिए विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया, लेकिन मुख्यालय में इसको डीआई पाइप की जगह प्लास्टिक पाइप का प्रस्ताव बना दिया। इस बीच विभाग के अधिकारियों ने समय-समय पर इसकी जांच भी की, लेकिन अब पाइप की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।

विभाग ने लीपापोती का किया प्रयास
रामराये से जाजवान तक साढ़े आठ किलोमीटर पाइप लाइन में निम्न स्तर के 30 एयरवाल लगाए गए थे, जिस वजह से पाइप लाइन नहीं चल पाई। शनिवार को पब्लिक अकाउंटस कमेटी के गांव पहुंचने से पहले जन स्वास्थ्य विभाग ने लीपापोती करते हुए सभी 30 एयरवाल को हटाकर नई चार एयरवाल लगा दी, जिसके बाद जाजवान गांव के जलघर में पानी पहुंच गया।

ढांडा खेड़ी के ग्रामीणों ने भी लगाई फरियाद
जाजवान गांव पहुंची पब्लिक अकाउंटस कमेटी के समक्ष ढांडा खेड़ी के ग्रामीणों ने भी पेयजल किल्लत का दुखड़ा सुनाया। ग्रामीणों ने बताया कि काफी साल पहले ढांडा खेड़ी के लिए तीन इंच चौड़ी पाइप लाइन दबाई गई थी।
अब बीच में ही जगह-जगह लोगों ने खेतों व निजी कार्यों के लिए पाइप लाइन से कनेक्शन कर लिए हैं, जिससे ढांडा खेड़ी में पानी नहीं पहुंच रहा। इस पर कमेटी के चेयरमैन ज्ञानचंद गुप्ता ने ग्रामीणों को छह माह के अंदर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।

पूरे मामले को लेकर अधिकारियों व ग्रामीणों से बातचीत की और पाइप लाइन का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने जो पाइप लाइन दिखाई है, उसके साइज में फर्क है। इन पाइपों की जांच दिल्ली की श्रीराम लैब में कराई जाएगी।
कमेटी जांच के बाद अगले 15 दिनों में इसकी रिपोर्ट सरकार को सौंप देगी। इस मामले में जो दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जाजवान व ढांडा खेड़ी में अगले छह माह के अंदर स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करवाई जाएगी।

ज्ञानचंद गुप्ता, चेयरमैन, पब्लिक अकाउंटस कमेटी।

जन स्वास्थ्य विभाग के एससी व एक्सईएन के तबादले की सिफारिश की
जाजवान गांव में अकाउंट कमेटी द्वारा पाइप लाइन में हुए घोटाले की जांच के बाद भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जींद में जन स्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियंता राजबीर कौशिक और कार्यकारी अभियंता दलबीर दलाल का तुरंत प्रभाव से जींद से तबादला करने की सिफारिश की है।

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