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पांडू पिंडारा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
ब्यूरो/अमर उजाला जींद
Updated Tue, 13 Oct 2015 12:25 AM IST
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सोमवती अमावस्या के मौके पर पांडु पिंडारा स्थित पिंडतारक तीर्थ में हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने पितरों के तर्पण के लिए पिंड दान किया।
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श्रद्धालुओं की भीड़ रविवार को शाम से ही पिंडारा गांव पहुंचनी शुरू हो गई थी। रविवार रात भर धर्मशालाओं में सत्संग व भजनों की सभाएं चली। अलसुबह चार बजे से ही लोगों ने स्नान व पिंडदान शुरू कर दिया।
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महाभारत कालीन है तीर्थ
मान्यता है कि पिंडतारक तीर्थ महाभारत से जुड़ा है। किंवदंती है कि महाभारत युद्ध के बाद पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पांडवों ने यहां 12 वर्ष तक सोमवती अमावस्या का इंतजार किया, लेकिन कोई सोमवती अमावस्या नहीं आई। महाभारत कालीन मान्यताओं के आधार पर ही यहां पिंडदान करने का विशेष महत्व है। विभिन्न राज्यों से लोग पिंडदान करने के लिए यहां आते हैं।
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शहर पर दिखा अमावस्या का असर
सोमवती अमावस्या के कारण उमड़ी लोगों भीड़ का असर शहर की यातायात व्यवस्था पर साफ देखा गया। बस स्टैंड के आसपास व सफीदों रोड पर वाहनों की भारी भीड़ रही। इसके कारण दिन भर यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। हालांकि पिंडारा गांव में यातायात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस के अच्छे इंतजाम दिखे।
महिला घाट रहे असुरक्षित
मेला स्थल से बाहर यातायात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की काफी व्यवस्था रही, लेकिन तीर्थ के महिला घाटों पर पुलिस नहीं दिखी। इसके कारण महिला घाटों पर युवकों का जमावड़ा लगा रहा।
लोधर तीर्थ में भी हुआ विशेष स्नान
उचाना। श्राद्ध सोमवती अमावस्या के दिन लोधर गांव में तीर्थ पर श्रद्धा की डुबकी लगाने के साथ-साथ पिंडदान किया गया। तीर्थ पर आने वाले लोगों को परेशानी न हो लोकेश सेवा समिति द्वारा व्यापक प्रबंध किए हुए थे। यहां पर कुश्ती का दंगल आयोजित किया गया। मंदिर में भंडारे का आयोजन भी किया गया।
कमेटी प्रधान सुभाष गिल, ईश्वर बूरा, सुरेंद्र, रमेश, राजेश, संदीप, चांदी शर्मा ने बताया कि श्राद्ध की अमावस्या के दिन यहां पर गांव के साथ-साथ आस-पास गांवों के लोग भी श्रद्धा की डुबकी लगाने के साथ-साथ पिंडदान करते है।