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Jind News: बेहतर पेयजल के लिए एक अप्रैल से लागू होगा सिंगल विलेज योजना
Sun, 02 Mar 2025 12:05 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 02 Mar 2025 12:05 AM IST
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28जेएनडी13-रणधीर मताना। संवाद
जींद। जिले में हर घर को बेहतर पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग एक अप्रैल से सिंगल विलेज योजना शुरू करेगा। इस योजना में प्रथम चरण में 245 गांवों को शामिल किया गया है। इन गांवों में बेहतर पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ग्राम पंचायत व जनस्वास्थ्य विभाग को अलग-अलग काम बांटा जाएगा, ताकि गांव में पेयजल उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आए।
इस योजना के तहत जनस्वास्थ्य विभाग पेयजल की सप्लाई पंचायत विभाग के साथ मिलकर करेगा। इसमें गांव के हर घर तक पानी पहुंचाने, पाइप की लीकेज बंद करने, गांव के हर घर से बिल एकत्रित करना, नया कनेक्शन चालू कराना, व्यर्थ बह रहे पानी को बंद कराना रहेगा। इसके अलावा जनस्वास्थ्य विभाग गांव में नई पाइप लाइन बिछवाने, जलघर बनवाने या फिर ट्यूबवेल लगवाने समेत अन्य बड़े काम खुद अपने हाथों में रखेगा। इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों के खाते आईडीबीआई बैंक में खुलवाए जाएंगे। इस खाते में जनस्वास्थ्य विभाग सभी ग्राम पंचायतों को जरूरत के अनुसार बजट भी जारी करेगा। इसके विपरीत गांव से बिल एकत्रित करके पंचायत को भी यह रुपया इसी खाते में जमा कराना होगा। गांव से बिल की जमा होने वाली राशि को जनस्वास्थ्य विभाग अपने पास नहीं रखेगा, बल्कि इस राशि को भी पेयजल आपूर्ति में सुधार के लिए खर्च किया जाएगा। जनस्वास्थ्य विभाग एक साथ तीन माह का बजट बनाकर गांव की पंचायत के खाते में डालेगा, ताकि पेयजल व्यवस्था में सुधार के लिए ग्राम पंचायत को बजट का बार-बार इंतजार न करना पड़े।
पेयजल का बिल ग्राम पंचायत करेगी निर्धारित
गांव में पेयजल का बिल ग्राम पंचायत को ग्राम सभा की बैठक में निर्धारित करना होगा। इसमें ग्राम पंचायत को अधिकार मिलेगा कि वह गांव में किस वर्ग के लोगों से कितना बिल भराया जाएगा। विभाग के नियमानुसार कम से कम एससी वर्ग के लोगों से 20 रुपये व सामान्य वर्ग के लोगों से 40 रुपये न्यूनतम मासिक किया गया है। इससे ज्यादा ही बिल निर्धारित किया जाना है।
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बजट के अभाव में पहले देरी से होते थे काम
ग्राम पंचायत को पहले गांव में पेयजल की आपूर्ति के लिए विभाग से मिलने वाले खर्च का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब उनके खाते में पैसे होने से पेयजल आपूर्ति में होने वाली बाधा को तुरंत ठीक करवा सकेंगे। इसके लिए ग्रामीणों को भी पेयजल के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
यह राशि की गई है कनेक्शन को लेकर निर्धारित
जनस्वास्थ्य विभाग विश्वास पोर्टल पर प्रत्येक कनेक्शन को ऑनलाइन जोड़ेगा। इसके लिए शुल्क सीमा निर्धारित की गई है। इसमें घरेलू नया कनेक्शन कराने, कनेक्शन को कटवाने पर 50 रुपये, व्यवसायिक कनेक्शन कटवाने व जुड़वाने के लिए 100 रुपये, पानी के मीटर की जानकारी बिश्वास पोर्टल पर जोड़ने के 50 रुपये, घरेलू नए सीवर कनेक्शन को जोड़ने के लिए 50 और व्यावसायिक के लिए 100 रुपये लिए जाएंगे। इसके लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को बिल व नए कनेक्शन से संबंधित काम दिया जाएगा। मानदेय के रूप में इनको कुल राशि का 10 प्रतिशत कमीशन मिलेगा।
वर्जन
सिंगल विलेज योजना एक अप्रैल से शुरू होगी। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अब हर घर को बेहतर पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग और ग्राम पंचायत मिलकर काम करेंगी। इस कार्य में पंचायतों की भागीदारी अधिक रहेगी। गांव से मिलने वाले राजस्व को गांव के ही विकास कार्य पर खर्च किया जाएगा।
-- रणधीर मताना, जिला सलाहकार जनस्वास्थ्य विभाग जींद।
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इस योजना के तहत जनस्वास्थ्य विभाग पेयजल की सप्लाई पंचायत विभाग के साथ मिलकर करेगा। इसमें गांव के हर घर तक पानी पहुंचाने, पाइप की लीकेज बंद करने, गांव के हर घर से बिल एकत्रित करना, नया कनेक्शन चालू कराना, व्यर्थ बह रहे पानी को बंद कराना रहेगा। इसके अलावा जनस्वास्थ्य विभाग गांव में नई पाइप लाइन बिछवाने, जलघर बनवाने या फिर ट्यूबवेल लगवाने समेत अन्य बड़े काम खुद अपने हाथों में रखेगा। इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों के खाते आईडीबीआई बैंक में खुलवाए जाएंगे। इस खाते में जनस्वास्थ्य विभाग सभी ग्राम पंचायतों को जरूरत के अनुसार बजट भी जारी करेगा। इसके विपरीत गांव से बिल एकत्रित करके पंचायत को भी यह रुपया इसी खाते में जमा कराना होगा। गांव से बिल की जमा होने वाली राशि को जनस्वास्थ्य विभाग अपने पास नहीं रखेगा, बल्कि इस राशि को भी पेयजल आपूर्ति में सुधार के लिए खर्च किया जाएगा। जनस्वास्थ्य विभाग एक साथ तीन माह का बजट बनाकर गांव की पंचायत के खाते में डालेगा, ताकि पेयजल व्यवस्था में सुधार के लिए ग्राम पंचायत को बजट का बार-बार इंतजार न करना पड़े।
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पेयजल का बिल ग्राम पंचायत करेगी निर्धारित
गांव में पेयजल का बिल ग्राम पंचायत को ग्राम सभा की बैठक में निर्धारित करना होगा। इसमें ग्राम पंचायत को अधिकार मिलेगा कि वह गांव में किस वर्ग के लोगों से कितना बिल भराया जाएगा। विभाग के नियमानुसार कम से कम एससी वर्ग के लोगों से 20 रुपये व सामान्य वर्ग के लोगों से 40 रुपये न्यूनतम मासिक किया गया है। इससे ज्यादा ही बिल निर्धारित किया जाना है।
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बजट के अभाव में पहले देरी से होते थे काम
ग्राम पंचायत को पहले गांव में पेयजल की आपूर्ति के लिए विभाग से मिलने वाले खर्च का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब उनके खाते में पैसे होने से पेयजल आपूर्ति में होने वाली बाधा को तुरंत ठीक करवा सकेंगे। इसके लिए ग्रामीणों को भी पेयजल के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
यह राशि की गई है कनेक्शन को लेकर निर्धारित
जनस्वास्थ्य विभाग विश्वास पोर्टल पर प्रत्येक कनेक्शन को ऑनलाइन जोड़ेगा। इसके लिए शुल्क सीमा निर्धारित की गई है। इसमें घरेलू नया कनेक्शन कराने, कनेक्शन को कटवाने पर 50 रुपये, व्यवसायिक कनेक्शन कटवाने व जुड़वाने के लिए 100 रुपये, पानी के मीटर की जानकारी बिश्वास पोर्टल पर जोड़ने के 50 रुपये, घरेलू नए सीवर कनेक्शन को जोड़ने के लिए 50 और व्यावसायिक के लिए 100 रुपये लिए जाएंगे। इसके लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को बिल व नए कनेक्शन से संबंधित काम दिया जाएगा। मानदेय के रूप में इनको कुल राशि का 10 प्रतिशत कमीशन मिलेगा।
वर्जन
सिंगल विलेज योजना एक अप्रैल से शुरू होगी। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अब हर घर को बेहतर पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग और ग्राम पंचायत मिलकर काम करेंगी। इस कार्य में पंचायतों की भागीदारी अधिक रहेगी। गांव से मिलने वाले राजस्व को गांव के ही विकास कार्य पर खर्च किया जाएगा।