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25 करोड़ रुपये से जिले के 27 अंडरपास पर लगाए जाएंगे शेड

Sat, 23 Apr 2022 11:45 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 23 Apr 2022 11:45 PM IST
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Sheds will be installed on 27 underpasses in the district from 25 crores
ललितखेड़ा- भड़ताना गांव के बीच सोनीपत रेलवे लाइन का अंडरपास, जहां अक्सर पानी भरा रहता है। संवाद। - फोटो : Jind
जींद। जिले भर में रेलवे लाइन के नीचे से बनाए गए अंडरपास में जलभराव से आवागमन करने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इसको देखते हुए लोकनिर्माण विभाग ने कुल 27 अंडरपास पर शेड लगाने के लिए 25 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय को भेजा है। मंजूरी मिलते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। अंडरपास पर शेड लगने से जलभराव की समस्या से निजात मिलेगी।
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दरअसल जींद जिला पांच रेलवे लाइनों से जुड़ा है। इसमें जींद-दिल्ली, जींद-बठिंडा, सोनीपत, पानीपत व कुरुक्षेत्र रेलवे लाइन प्रमुख हैं। इन सभी रेलवे लाइन के नीचे से लोगों की सुविधा के अनुसार अंडरपास बनाए गए हैं। बारिश के कारण इन सभी अंडरपास में पानी भर जाता है, जिससे यह रास्ता बंद हो जाता है। ऐसे में लोगों को काफी परेशानी होती है और लंबा रास्ता तय कर अपने घर व खेतों में जाना पड़ता है। इन सभी अंडरपास को शेड से ढकने के बाद यह समस्या दूर हो जाएगी।
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मोरखी अंडरपास की समस्या को लेकर हुआ आंदोलन
गोहाना रोड से मोखरी के रास्ते पर मोरखी व लुदाना गांव के बीच बने अंडरपास को लेकर करीब दो साल पहले लंबा आंदोलन चला था। इसके बाद सफीदों के कांग्रेस विधायक सुभाष गांगोली, जिला प्रशासन के अधिकारी व रेलवे के अधिकारियों ने मौका देख कर यहां व्यवस्था करने की बात कही थी लेकिन आज तक इसका समाधान नहीं हो पाया है।
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साल में छह महीने भरा रहता है पानी
मोरखी गांव निवासी सुनील, प्रदीप, मेहरसिंह, जयराम ने बताया कि अंडरपास उनके लिए आफत बना हुआ है। जुलाई महीने में अंडरपास में पानी भर जाता है। इसके बाद लगातार जनवरी तक पानी भरा रहता है। साल में छह महीने उन्हें दूसरे रास्ते से ही जाना पड़ता है।
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पूरी तरह से कट जाते हैं गांव
जुलाना क्षेत्र में पोली, ब्राह्मणवास व जुलाना में चार अंडरपास लगते हैं। बारिश के दिनों में इन सभी अंडरपास में पानी भर जाता है। ऐसे में गांव पूरी तरह से खेतों से कट जाते हैं। अंडरपास बंद होने के कारण लोगों को कई-कई किलोमीटर लंबा चक्कर काट कर खेतों तक जाना पड़ता है। वहीं अंडरपास एक गांव को दूसरे गांव से भी जोड़ते हैं। यह रास्ते भी बंद हो जाते हैं।
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मिनी बाईपास का काम बीच में लटका
वहीं जींद शहर में मिनी बाईपास पर पानीपत रेलवे लाइन के अंडरपास पर शेड लगाने का काम भी बीच में लटका हुआ है। यह काम दिवाली से पहले शुरू हुआ था लेकिन बाद में बंद कर दिया गया। अभी तक दोबारा काम शुरू नहीं हुआ है। अधिकारियों के अनुसार ठेकेदार को दोबारा काम शुरू करने के लिए लिखा गया है।
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मुख्यालय को भेजा गया है प्रस्ताव
कुछ समय पहले मुख्यालय ने अंडरपास के ऊपर शेड लगाने की जानकारी मांगी थी। इसमें हमारे डिविजन में सात अंडरपास होने की जानकारी दी गई है। इन पर करीब दस करोड़ रुपये खर्च होने हैं।-सुलतान सिंह कौशिश, एक्सईएन, लोकनिर्माण विभाग जींद।

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बीस अंडरपास का भेजा है प्रस्ताव
नरवाना क्षेत्र में करीब 20 अंडरपास हैं। इन पर शेड लगाने के लिए करीब 15 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया था। यह प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया है। जैसे ही कोई आदेश आएगा, उसके अनुसार ही काम किया जाएगा।-लोकेश डागर, एक्सईएन, लोकनिर्माण विभाग, नरवाना।
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