फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   She is a child, not a bride... the message against child marriage will now reach every village.

Jind News: बच्ची है, दुल्हन नहीं...अब गांव-गांव पहुंचेगा बाल विवाह के खिलाफ संदेश

Sun, 04 Oct 2026 11:42 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 04 Oct 2026 11:42 PM IST
विज्ञापन
She is a child, not a bride... the message against child marriage will now reach every village.
04जेएनडी01: बच्ची है दुल्हन नहीं अ​भियान की शुरूआत का पोस्टर जारी करते हुए सुनील जागलान। स्वय
जींद। बच्ची है, दुल्हन नहीं...बच्ची से बच्चे पैदा करवाना बंद करो। उसे पढ़ने दो, खेलने दो, अपने सपने देखने दो। बाल विवाह के खिलाफ इसी संदेश को गांवों और ग्राम पंचायतों तक पहुंचाने की पहल रविवार से बीबीपुर गांव से शुरू हुई है।
विज्ञापन

सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन के संस्थापक एवं बाल एवं महिला अधिकार कार्यकर्ता सुनील जागलान के नेतृत्व में शुरू हुए इस अभियान का मकसद परिवारों और समाज की सोच बदलना है। बेटियों को कम उम्र में शादी के बंधन से बचाकर उन्हें शिक्षा, खेल और आत्मनिर्भरता की राह से जोड़ना है।
विज्ञापन

संयुक्त राष्ट्र बाल कोष के अनुसार, भारत में हर साल करीब 15 लाख लड़कियों का विवाह 18 वर्ष की आयु से पहले हो जाता है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 के मुताबिक 20 से 24 वर्ष की महिलाओं में बाल विवाह की दर 20.1 प्रतिशत है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पश्चिम बंगाल में यह 36.4, बिहार में 34.6 और त्रिपुरा में 34 प्रतिशत है। हरियाणा में दर 11.9 प्रतिशत है लेकिन यहां भी अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक बाल विवाह से संबंधित 402 शिकायतें सामने आईं हैं।
पूर्व सरपंच सुनील जागलान ने बताया कि बाल विवाह केवल कम उम्र में शादी का मामला नहीं है बल्कि कई मामलों में यह बाल तस्करी और शोषण का रास्ता भी बन जाता है। गरीब परिवारों को झूठे विवाह प्रस्ताव देकर लड़कियों को जाल में फंसाने के मामले सामने आते हैं। कम उम्र में विवाह से उनकी पढ़ाई, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता प्रभावित होती है।


पंचायतों से शुरू होगी बदलाव की मुहिम
सुनील जागलान ने देश की पहली बाल हितैषी ग्राम पंचायत बनाने की पहल की थी। अब सैकड़ों पंचायतों को बाल विवाह रोकने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। लाडो पंचायत के माध्यम से विवाह की न्यूनतम आयु बढ़ाने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को 10 हजार से अधिक पत्र भी लिखवाए गए हैं। अभियान का लक्ष्य पंचायतों, युवाओं, अभिभावकों और आमजन की भागीदारी से पहले बाल विवाह मुक्त गांव और फिर बाल विवाह मुक्त भारत बनाना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed