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Jind News: एसडीओ ने कब्जा हटवाया, विधायक बोले- दादागिरी का ज्यादा शौक है, मेरे सामने दिखाओ

Fri, 16 May 2025 11:53 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Fri, 16 May 2025 11:53 PM IST
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SDO got the encroachment removed, MLA said- you are more fond of bullying, show it in front of me
जींद। पालिका बाजार और दीवाना खाना में फड़ तोड़ने पर डिप्टी स्पीकर एवं विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने एचएसवीपी (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) के अधिकारियों को लताड़ लगाई है।
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डिप्टी स्पीकर ने अधिकारियों को उन्हीं लोगों के बीच जमीन पर बैठाया, जिनके फड़ तोड़े थे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि दादागिरी का ज्यादा शौक है क्या, जो इन लोगों की बिना नोटिस के दुकानें तोड़ दीं। शहर में बहुत जगह है, जहां कब्जे हैं, वहां तोड़ो, वहां देखता हूं तुम्हारी दादागिरी। शहर में कई जगह कब्जे हैं, वहां जाओ, फिर देखता हूं तुम्हारी मर्दानगी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि जिन्होंने जरूरतमंद लोगों की दुकानें उजाड़ दीं। उन्हें किस बात की माफी। यह जरूरतमंद लोग तो बद्दुआ देकर ही मार देंगे। गरीब आदमी की हाय बहुत लगती है। उनके नुकसान की भरपाई विभाग करेगा। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट एरिया की भी शिकायत की हुई है। वहां जाकर देखो, उल्टा टांग देंगे। दुकानदारों को कम से कम एक-दो दिन का समय भी देना चाहिए था।
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14 मई को एचएसवीपी अधिकारियों ने बिना नोटिस दिए फड़ों को तोड़ा था। वीरवार को विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा रानी तालाब के पास पहुंचे, जहां उन्होंने विभाग अधिकारियों को मौके पर बुलाया और फटकार लगाई। शुक्रवार को इस मामले में वीडियो वायरल होना दिनभर चर्चा का विषय बना रहा। वीडियो में पीड़ित दुकानदार अपनी आजीविका छीने जाने पर रोते हुए अपनी पीड़ा बयां करते दिखे। हालांकि अमर उजाला इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता।
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बिना नोटिस दिए क्यों कार्रवाई की :

डॉ. मिड्ढा का कहना था कि जब कार्रवाई के दौरान लोग अपना दुख जता रहे थे और बिना नोटिस देने की बात कर रहे थे तो कार्रवाई रोकनी चाहिए थी। अब कार्रवाई से जो इन दुकानदारों को नुकसान हुआ है वो इसे अपनी तरफ से भरेंगे। छोटे और जरूरतमंद व्यापारियों की दुकानों को अचानक हटवाना गलत है। इससे उनके परिवारों के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो जाएगी, क्योंकि एक दुकान से पूरा परिवार चलता है। यहां तक की लोग कर्ज लेकर दुकान लगाते हैं।


दुकानदार गिड़गिड़ाते रहे लेकिन कार्रवाई नहीं रोकी :

एचएसवीपी अधिकारियों ने पालिका बाजार, दीवाना खाना मार्केट में फड़ों को तोड़ा था। हालांकि कार्रवाई को बंद करवाने के लिए दुकानदार गिड़गिड़ाते रहे लेकिन कार्रवाई नहीं रोकी। कार्रवाई के विरोध में दुकानदार डिप्टी स्पीकर आवास पर भी पहुंचे थे। दुकानदारों का आरोप था कि बिना नोटिस दिए कार्रवाई की है। उन्हें एक घंटे तक का भी समय नहीं दिया गया। अब वह अपने बच्चों को क्या खिलाएंगे। कैसे उनका पेट भरेंगे। प्रशासन उनके साथ अन्याय कर रहा है।


आरोप-फड़ के साथ सामान भी तोड़ा
दुकानदार कृष्णा देवी, इंद्रजीत समेत अन्य का कहना था कि एचएसवीपी अधिकारियों ने बिना नोटिस दिए कार्रवाई की है। उन्होंने फड़ के साथ-साथ उनका सामान भी तोड़ दिया। वह कुछ सामान अपने साथ ही ले गए। अब वह कहां जाएंगे, कैसे जीवनयापन करेंगे। पूरे दिन में मुश्किल से 200-300 रुपये कमाते थे। अब वह भी नहीं कमा पाएंगे। उनको 50-50 हजार रुपये का लोन मिला है। उसके बाद ही उन्होंने यहां पर दुकान लगाई थी। प्रशासन ने यह भी कहा था कि यदि यहां से दुकान हटाएंगे तो दूसरी स्थान पर जगह दी जाएगी, लेकिन प्रशासन ने अब उनकी दुकान तोड़ दी है।


वहीं देर शाम इस पर संज्ञान लेते हुए विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढ़ा ने 20 फड़ी वालों को एक महीने का राशन व प्रत्येक को 6000 रुपये की आर्थिक सहायता दी। इस पर पीड़ित लोगों ने डॉ. कृष्ण मिड्ढ़ा का आभार जताया है।
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विभाग ने दुकानदारों को नोटिस दिए थे। उसके बाद ही विभाग ने कार्रवाई की थी।

--तरुण, एसडीओ, एचएसवीपी
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