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स्कूल अपग्रेड करने की मांग को लेकर स्कूल पर जड़ा ताला

Tue, 23 May 2017 12:36 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद
ब्यूरो/ अमर उजाला, जींद Updated Tue, 23 May 2017 12:36 AM IST
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School, lock-up, demand, school, upgradation, students, protest, jind
स्कूल के बाहर भूख हड़ताल पर बैठी छात्राएं। - फोटो : jind
स्कूल अपग्रेड कराने के लिए रेवाड़ी की छात्राओं की ओर से शुरू किया गया आंदोलन अब जींद में पहुंच गया है। सोमवार को जींद के करसोला गांव में स्कूल अपग्रेड कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने राजकीय उच्च विद्यालय पर ताला जड़ दिया। इसके बाद छात्राएं स्कूल के बाहर टेंट लगाकर बेमियादी भूख हड़ताल पर बैठ गईं। छात्राओं के गुस्से को देखते हुए शिक्षक भी स्कूल में नहीं घुस सके। करीब दो घंटे बाद खंड शिक्षा अधिकारी आदर्श राजन मौके पर पहुंचीं, लेकिन ग्रामीणों व छात्राओं ने बीईओ की एक नहीं सुनी। उन्होंने कहा कि जब तक स्कूल अपग्रेड नहीं होता वे किसी की बात नहीं सुनेंगी। जुलाना थाना प्रभारी ने भी छात्राओं एवं ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह भी विफल रहे।
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सोमवार सुबह सैकड़ों विद्यार्थी ग्रामीणों सहित उच्च विद्यालय करसोला में पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्कूल पर ताला जड़ दिया। ग्रामीणों व छात्राओं ने कहा कि पांच वर्ष पहले करसोला गांव पहुंचे सांसद दीपेंद्र हुड्डा से स्कूल को अपग्रेड करने की मांग की थी। सांसद ने स्कूल को अपग्रेड करने की घोषणा भी की थी, लेकिन अब तक स्कूल को अपग्रेड नहीं किया गया है। स्कूल को अपग्रेड करने के जो भी मापदंड हैं, उन पर स्कूल खरा उतर रहा है। गांव में स्कूल नहीं होने के कारण अधिकतर छात्राएं पढ़ाई भी छोड़ जाती हैं। दसवीं के बाद गांव की छात्राओं को जुलाना जाना पड़ता है। छोटे अधिकारी से बड़े अधिकारी तक और संतरी से मंत्री तक गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन महज आश्वासन के अलावा कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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सीएम को भी लगाई गुहार, नहीं बनी बात
स्कूल अपग्रेड करने के लिए सरकार के जो नियम हैं, उन नियमों को करसोला गांव का स्कूल पूरा करता है। स्कूल में साढ़े तीन से ज्यादा विद्यार्थी हैं। पंचायत ने स्कूल अपग्रेड करवाने के लिए अधिकारी से सीएम तक गुहार लगाई है, लेकिन समाधान नहीं हुआ है। स्कूल का ताला तभी खोला जाएगा, जब स्कूल को अपग्रेड कर दिया जाएगा।       
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राजपाल, सरपंच गांव करसोला

भूख हड़ताल रहेगी जारी      
गांव में 12वीं तक स्कूल नहीं होने के कारण कई छात्राओं को अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ती है। अभिभावक अपनी लड़की को गांव से बाहर जींद या रोहतक भेजने को तैयार नहीं हैं। काफी समय से यह मांग की जा रही है, मगर पूरी अभी तक नहीं हुई है। जब तक स्कूल अपग्रेड नहीं हो जाता वह स्कूल का ताला नहीं खुलेंगे और भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे।
शकुंतला, छात्रा 10वीं कक्षा

मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद नहीं मिली सुविधा : विधायक
करसोला गांव की स्कूल अपग्रेड को लेकर मांग पुरानी है। आसपास के अन्य गांव जैसे फतेहगढ़ के सरकारी स्कूल भी सरकार द्वारा निर्धारित सभी शर्तें पूरी करते हैं। इसके बावजूद इन स्कूलों को अपग्रेड नहीं किया जा रहा है। अपग्रेडेशन की इस मांग को लेकर मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री सहित विभाग के सभी आला अधिकारियों से मिल चुका हूं। मुख्यमंत्री ने इस विषय पर संज्ञान लेते हुए रैली में गांव करसौला और फतेहगढ़ के स्कूल अपग्रेड करने की घोषणा भी की थी। सरकार से आश्वासन के अलावा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। 

- परमेंद्र सिंह ढुल, विधायक जुलाना
     
निदेशालय को लिखा जा चुका है पत्र      
करसोला गांव के स्कूल को अपग्रेड करने के लिए शिक्षा विभाग को पत्र लिख जा चुका है। स्कूल अपग्रेड करने के लिए विद्यार्थियों की 150 से ज्यादा होनी चाहिए। पांच किलोमीटर के दायरे में कोई स्कूल नहीं होना चाहिए। स्कूल निदेशालय को ही अपग्रेड करना है। ग्रामीणों व छात्राओं को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे नहीं माने।
आदर्श राजन, खंड शिक्षा अधिकारी जुलाना
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