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Jind News: स्कीम वर्करों ने उठाई कर्मचारी का दर्जा देने की मांग
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फोटो 04जेएनडी10-मांगों को लेकर सांसद प्रतिनिधि वजीर गांगोली को ज्ञापन सौंपते हुए मिड डे मील और
जींद। मिड डे मील और आशा वर्करों ने लघु सचिवालय के बाहर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। वर्करों ने सोनीपत के सांसद के प्रतिनिधि वजीर गांगोली को अपना मांगपत्र सौंपा। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष नीलम और मिड डे मील वर्कर्स यूनियन की जिला उपप्रधान पिंकी ने संयुक्त रूप से की।
आशा वर्कर यूनियन की जिला उपप्रधान मुकेश और मिड डे मील वर्कर्स यूनियन की जिला सहसचिव कविता ने कहा कि आंगनवाड़ी, आशा और मिड डे मील समेत विभिन्न योजनाओं में कार्यरत महिला वर्कर्स को कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि कम मानदेय के बावजूद इन वर्करों पर लगातार काम का बोझ बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने सभी स्कीम वर्करों को स्थायी कर्मचारी का दर्जा देने और न्यूनतम 42 हजार रुपये मासिक वेतन देने की मांग उठाई। वर्करों ने 12 महीने का वेतन, ग्रेच्युटी और सेवानिवृत्ति लाभ देने के साथ 21 हजार रुपये मासिक पेंशन सुनिश्चित करने की मांग की। मिड डे मील वर्करों की छंटनी रोकने और हटाए गए वर्करों को बहाल करने की मांग भी उठाई गई।
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सीटू जिला प्रधान रमेश चंद्र ने कहा कि सरकार को स्कीम वर्करों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान करना चाहिए। वर्करों ने चेतावनी दी कि मांगों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। उन्होंने एक से तीन दिसंबर तक दिल्ली में प्रस्तावित संसद मार्च में हरियाणा से बड़ी संख्या में भागीदारी करने का आह्वान किया। इस मौके पर राजरानी, सुमन, पूनम, राजबाला, सुनीता, कविता, अंजू मौजूद रहीं।
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आशा वर्कर यूनियन की जिला उपप्रधान मुकेश और मिड डे मील वर्कर्स यूनियन की जिला सहसचिव कविता ने कहा कि आंगनवाड़ी, आशा और मिड डे मील समेत विभिन्न योजनाओं में कार्यरत महिला वर्कर्स को कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि कम मानदेय के बावजूद इन वर्करों पर लगातार काम का बोझ बढ़ाया जा रहा है।
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उन्होंने सभी स्कीम वर्करों को स्थायी कर्मचारी का दर्जा देने और न्यूनतम 42 हजार रुपये मासिक वेतन देने की मांग उठाई। वर्करों ने 12 महीने का वेतन, ग्रेच्युटी और सेवानिवृत्ति लाभ देने के साथ 21 हजार रुपये मासिक पेंशन सुनिश्चित करने की मांग की। मिड डे मील वर्करों की छंटनी रोकने और हटाए गए वर्करों को बहाल करने की मांग भी उठाई गई।
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सीटू जिला प्रधान रमेश चंद्र ने कहा कि सरकार को स्कीम वर्करों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान करना चाहिए। वर्करों ने चेतावनी दी कि मांगों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। उन्होंने एक से तीन दिसंबर तक दिल्ली में प्रस्तावित संसद मार्च में हरियाणा से बड़ी संख्या में भागीदारी करने का आह्वान किया। इस मौके पर राजरानी, सुमन, पूनम, राजबाला, सुनीता, कविता, अंजू मौजूद रहीं।