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Jind News: सफाई कर्मचारियों से पुलिस दुर्व्यवहार का आरोप, आयोगों से निष्पक्ष जांच की मांग
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फोटो 4 नरवाना। जिला पार्षद गुरमेल ढाबी ।
नरवाना। मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे सफाई कर्मचारियों के साथ पुलिस की ओर से कथित दुर्व्यवहार और बल प्रयोग का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जिला परिषद जींद के वार्ड नंबर-1 से जिला पार्षद गुरमेल ढाबी ने हरियाणा व राष्ट्रीय महिला आयोग, अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को शिकायत भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आंदोलन के दौरान महिला सफाई कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार, धक्का-मुक्की और कथित बल प्रयोग किया गया। गुरमेल ढाबी ने कहा कि मामला केवल कर्मचारियों के आंदोलन तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला सम्मान, मानव गरिमा, श्रमिक अधिकारों और अनुसूचित जाति के संवैधानिक अधिकारों से भी जुड़ा है।
उन्होंने घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और अधिकारियों से रिपोर्ट तलब करने की मांग की। साथ ही आरोपों की जांच कर दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय व कानूनी कार्रवाई की मांग की।
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ढाबी ने कहा कि महिला कर्मचारियों के बयान बिना किसी दबाव के दर्ज किए जाएं। यदि जातिगत भेदभाव या उत्पीड़न के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन लोकतांत्रिक अधिकार है और मांगों का समाधान बातचीत से किया जाना चाहिए।
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शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आंदोलन के दौरान महिला सफाई कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार, धक्का-मुक्की और कथित बल प्रयोग किया गया। गुरमेल ढाबी ने कहा कि मामला केवल कर्मचारियों के आंदोलन तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला सम्मान, मानव गरिमा, श्रमिक अधिकारों और अनुसूचित जाति के संवैधानिक अधिकारों से भी जुड़ा है।
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उन्होंने घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और अधिकारियों से रिपोर्ट तलब करने की मांग की। साथ ही आरोपों की जांच कर दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय व कानूनी कार्रवाई की मांग की।
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ढाबी ने कहा कि महिला कर्मचारियों के बयान बिना किसी दबाव के दर्ज किए जाएं। यदि जातिगत भेदभाव या उत्पीड़न के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन लोकतांत्रिक अधिकार है और मांगों का समाधान बातचीत से किया जाना चाहिए।