जींद। समान वेतनमान की मांग को लेकर आंदोलनरत ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने मंगलवार को बारिश के बीच लघु सचिवालय परिसर में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीण सफाई कर्मियों ने पंचायत मंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी आरके चंदाना को सौंपा। प्रदर्शन से पहले ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने पुराने बस अड्डे पर एकत्रित होकर बैठक की थी।
यूनियन वरिष्ठ उपप्रधान ईश्वर बुआना, कपूर सिंह, रमेश चंद्र ने बताया कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत है। प्रदेश भर के ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने पिछले महीने 13 से 17 जून तक तीन-तीन दिवसीय ब्लॉक स्तरीय लगाकर अपनी मांगों के ज्ञापन दिए थे। बावजूद इसके उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि एक तरफ तो हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला गांवों को शहरों की तरह चमकाने की बात कर रहे हैं लेकिन दूसरी तरफ ग्रामीण सफाई कर्मियों को काम के औजार तक उपलब्ध नहीं करवाए गए हैं। 2007 में ग्रामीण व शहरी सफाई कर्मचारी लगाए गए थे। उस समय दोनों का वेतन एक समान 8100 रुपये था लेकिन आज ग्रामीण व शहरी सफाई कर्मचारियों के वेतन में चार हजार से लेकर नौ हजार रुपये तक का अंतर है। ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का वेतन तीन-तीन महीने देरी से मिल रहा है। वेतन देरी से मिलने के कारण उनको बदले में 500 रुपये अतिरिक्त मिलने होते थे, वह भी नहीं मिलते हैं। उन्होंने मांग की कि प्रदेश के तमाम ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को पक्का किया जाए। जब तक पक्का नहीं किया जाता तब तक गुजारे लायक 24 हजार रुपये प्रति महीना इनको दिया जाए। अगर समय रहते मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आगामी 20-21 अगस्त को प्रदेशभर के ग्रामीण सफाई कर्मचारी टोहाना में दो दिवसीय महापड़ाव डालेंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार व पंचायत मंत्री की होगी। इस मौके पर मुकेश देवरड़, राजेंद्र, गुलाब, वेद, शंभू, सुखविंद्र, कर्मबीर भी मौजूद रहे।