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आरटीआई की धज्जियां उड़ा रहा अस्पताल प्रशासन
जींद।
Updated Wed, 12 Mar 2014 12:38 AM IST
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सामान्य अस्पताल प्रशासन द्वारा सूचना अधिकार कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सामान्य अस्पताल अक्सर आरटीआई कार्यकर्त्ता को समय पर जानकारी नहीं दी जाती है। सूचना यदि दी जाती है वह भी गलत। एक ही सवाल के दो अलग-अलग जवाब देकर आरटीआई कार्यकर्त्ता को गुमराह किया जा रहा है।
अस्पताल के सिविल सर्जन और चिकित्सा अधीक्षक द्वारा आरटीआई कार्यकर्त्ता को एक ही जानकारी के अलग-अलग जवाब दिए है वह भी अधूरी जानकारी है। निडानी गांव निवासी आरटीआई कार्यकर्त्ता सुरेश कुमार पूनिया ने जनहित से जुड़ी कुछ जानकारी लेने के लिए 18 दिसंबर 2013 को सिविल सर्जन कार्यालय जींद में आरटीआई लगाई थी।
इसमें कई मामले सामने आए हैं। सरकारी अस्पताल में फ्री दवाई मिलती है, जिनका राग स्वास्थ्य विभाग और सरकार अलापती रहती है। यह दवाई बहुत कम रेट की सामान्य छोटी दवाई ही दी जाती हैं। महंगी दवाई मरीजों को बाहर से खरीदनी पड़ती है। इस प्रकार ज्यादा रेट की गोली 7.6 रुपये है।
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सिरप 6.65 रुपये और अधिकतम रेट 25.50 रुपये है। सबसे कम रेट का इंजेक्शन 1.21 रुपये और अधिकतम इंजेक्शन का रेट 1863.75 रुपये है। इस रेट का इंजेक्शन अक्सर डिलीवरी कराने वाली महिलाओं को लगाया जाता है। दवाई की कीमत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता कितनी दवाई मरीजों को सरकार द्वारा दी जा रही हैं। आरटीआई कार्यकर्त्ता सुरेश कुमार पूनिया ने जानकारी राष्ट्रीय भाषा हिंदी में मांगी थी फिर भी जानकारी आधी हिंदी और आधी अंग्रेजी में दी गई।
एक प्वाइंट के दिए दो जवाब
सामान्य अस्पताल जींद के दो अधिकारियों ने एक प्वाइंट की जानकारी अलग-अलग दी है। जो जानकारी दी गई है उनमें कौन सी सही है कौन सी गलत इसका कैसे पता चलेगा। उप सिविल सर्जन के पत्र द्वारा पता चलता है कि सामान्य अस्पताल में चिकित्सा अधिकारियों के 42 स्वीकृत हैं। इनमें 28 पद रिक्त पडे़ हैं।
जींद में एएनएम के कुल 9 पद नियमित आधार के पद और एनआरएचएम के तहत अनुबंध आधार पर 16 पद रिक्त है। यही सूचना चिकित्सा अधीक्षक द्वारा इस प्रकार दी गई है कि सामान्य अस्पताल में अधिकारियों, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों के 42 पद स्वीकृत हैं। इसमें 17 पद भरे हैं अन्य सभी खाली हैं।
एक मरीज को सालभर में मिलती है 30 रुपये की दवा
6 जनवरी 2011 से दिसंबर 2011 तक सामान्य अस्पताल जींद को 41 लाख 63 हजार 130 रुपये की दवाई मिली। 1 जनवरी 2013 से 31 दिसंबर 2013 तक ओपीडी रिपोर्ट इस प्रकार रही 5 रुपये ओपीडी सामान्य 129015, बीपीएल 10981, एएनसी 3651, आपातकालीन ओपीडी 11654 है। इस प्रकार कुल ओपीडी की संख्या 156301 है। 2011, 2012 के कुल आंकड़े नहीं दिए गए हैं।
2013 के वर्ष में ओपीडी में आए सभी मरीजों को बांटी जाए तो प्रत्येक मरीज को वर्ष भर में कुल 29.557 रुपये की दवाई हिस्से में आएगी। 30 रुपये से कम की दवाई एक वर्ष के लिए ईलाज के लिए मिले तो इसका अंदाजा आप स्वयं लगा सकते हैं मरीज को कितनी राहत मिलेगी और 30 रुपये की दवाई में पूरे वर्ष में ईलाज संभव हो सकता है।
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अस्पताल के सिविल सर्जन और चिकित्सा अधीक्षक द्वारा आरटीआई कार्यकर्त्ता को एक ही जानकारी के अलग-अलग जवाब दिए है वह भी अधूरी जानकारी है। निडानी गांव निवासी आरटीआई कार्यकर्त्ता सुरेश कुमार पूनिया ने जनहित से जुड़ी कुछ जानकारी लेने के लिए 18 दिसंबर 2013 को सिविल सर्जन कार्यालय जींद में आरटीआई लगाई थी।
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इसमें कई मामले सामने आए हैं। सरकारी अस्पताल में फ्री दवाई मिलती है, जिनका राग स्वास्थ्य विभाग और सरकार अलापती रहती है। यह दवाई बहुत कम रेट की सामान्य छोटी दवाई ही दी जाती हैं। महंगी दवाई मरीजों को बाहर से खरीदनी पड़ती है। इस प्रकार ज्यादा रेट की गोली 7.6 रुपये है।
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सिरप 6.65 रुपये और अधिकतम रेट 25.50 रुपये है। सबसे कम रेट का इंजेक्शन 1.21 रुपये और अधिकतम इंजेक्शन का रेट 1863.75 रुपये है। इस रेट का इंजेक्शन अक्सर डिलीवरी कराने वाली महिलाओं को लगाया जाता है। दवाई की कीमत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता कितनी दवाई मरीजों को सरकार द्वारा दी जा रही हैं। आरटीआई कार्यकर्त्ता सुरेश कुमार पूनिया ने जानकारी राष्ट्रीय भाषा हिंदी में मांगी थी फिर भी जानकारी आधी हिंदी और आधी अंग्रेजी में दी गई।
एक प्वाइंट के दिए दो जवाब
सामान्य अस्पताल जींद के दो अधिकारियों ने एक प्वाइंट की जानकारी अलग-अलग दी है। जो जानकारी दी गई है उनमें कौन सी सही है कौन सी गलत इसका कैसे पता चलेगा। उप सिविल सर्जन के पत्र द्वारा पता चलता है कि सामान्य अस्पताल में चिकित्सा अधिकारियों के 42 स्वीकृत हैं। इनमें 28 पद रिक्त पडे़ हैं।
जींद में एएनएम के कुल 9 पद नियमित आधार के पद और एनआरएचएम के तहत अनुबंध आधार पर 16 पद रिक्त है। यही सूचना चिकित्सा अधीक्षक द्वारा इस प्रकार दी गई है कि सामान्य अस्पताल में अधिकारियों, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों के 42 पद स्वीकृत हैं। इसमें 17 पद भरे हैं अन्य सभी खाली हैं।
एक मरीज को सालभर में मिलती है 30 रुपये की दवा
6 जनवरी 2011 से दिसंबर 2011 तक सामान्य अस्पताल जींद को 41 लाख 63 हजार 130 रुपये की दवाई मिली। 1 जनवरी 2013 से 31 दिसंबर 2013 तक ओपीडी रिपोर्ट इस प्रकार रही 5 रुपये ओपीडी सामान्य 129015, बीपीएल 10981, एएनसी 3651, आपातकालीन ओपीडी 11654 है। इस प्रकार कुल ओपीडी की संख्या 156301 है। 2011, 2012 के कुल आंकड़े नहीं दिए गए हैं।
2013 के वर्ष में ओपीडी में आए सभी मरीजों को बांटी जाए तो प्रत्येक मरीज को वर्ष भर में कुल 29.557 रुपये की दवाई हिस्से में आएगी। 30 रुपये से कम की दवाई एक वर्ष के लिए ईलाज के लिए मिले तो इसका अंदाजा आप स्वयं लगा सकते हैं मरीज को कितनी राहत मिलेगी और 30 रुपये की दवाई में पूरे वर्ष में ईलाज संभव हो सकता है।