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Jind News: बस स्टैंड पर मिटे रूटों के नाम, यात्री परेशान
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फोटो 11एसएफडीएम2 बस स्टैंड परिसर में रूटो के मिटे हुए नाम। संवाद
सफीदों। शहर के बस स्टैंड परिसर में रूटों के नाम और नंबर मिट जाने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। खासकर छोटे रूटों पर जाने वाली बसों को ढूंढने के लिए यात्रियों को पूछताछ काउंटर या दूसरे यात्रियों का सहारा लेना पड़ रहा है। यात्रियों ने परिवहन विभाग से बस स्टैंड परिसर में मिट चुके रूटों के नाम और नंबर दोबारा लिखवाने की मांग की है।
यात्रियों प्रवीण, पवन, सुमित्रा, संतोष और कमला ने बताया कि बस स्टैंड के सामने अलग-अलग रूटों के नाम लिखे हुए थे। यात्री इन नामों को देखकर आसानी से अपनी मंजिल की बस की पहचान कर लेते थे। पिछले काफी समय से रूटों के नाम मिट चुके हैं।
ऐसे में बाहर से आने वाले और अनजान यात्रियों को बस की जानकारी जुटाने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। कई यात्री दूसरे लोगों से पूछकर बस की जानकारी लेते हैं, जबकि कुछ को पूछताछ काउंटर पर जाना पड़ता है।
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यात्रियों ने बताया कि रूट की सही जानकारी नहीं मिलने के कारण कई बार यात्री गलत बस में भी बैठ जाते हैं। इससे उनका समय और किराये के रूप में पैसा दोनों बर्बाद होते हैं।
परिवहन विभाग को इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए बस स्टैंड परिसर में सभी रूटों के नाम और नंबर स्पष्ट रूप से दोबारा लिखवाने चाहिए ताकि यात्रियों को बसों की पहचान करने में किसी तरह की परेशानी न हो।
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यात्रियों प्रवीण, पवन, सुमित्रा, संतोष और कमला ने बताया कि बस स्टैंड के सामने अलग-अलग रूटों के नाम लिखे हुए थे। यात्री इन नामों को देखकर आसानी से अपनी मंजिल की बस की पहचान कर लेते थे। पिछले काफी समय से रूटों के नाम मिट चुके हैं।
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ऐसे में बाहर से आने वाले और अनजान यात्रियों को बस की जानकारी जुटाने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। कई यात्री दूसरे लोगों से पूछकर बस की जानकारी लेते हैं, जबकि कुछ को पूछताछ काउंटर पर जाना पड़ता है।
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यात्रियों ने बताया कि रूट की सही जानकारी नहीं मिलने के कारण कई बार यात्री गलत बस में भी बैठ जाते हैं। इससे उनका समय और किराये के रूप में पैसा दोनों बर्बाद होते हैं।
परिवहन विभाग को इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए बस स्टैंड परिसर में सभी रूटों के नाम और नंबर स्पष्ट रूप से दोबारा लिखवाने चाहिए ताकि यात्रियों को बसों की पहचान करने में किसी तरह की परेशानी न हो।