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Jind News: वर्षों से बंद रूट पर दौड़ने लगीं रोडवेज की बसें
Thu, 21 Sep 2023 11:54 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 21 Sep 2023 11:54 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। रोडवेज के बेड़े में अब बसों की संख्या 160 हो गई है। नई बसे आने से वर्षों से बंद पड़े रूट पर अब रोडवेज की बसें दौड़ने लगीं हैं जिससे यात्रियों को काफी सहूलियत हुई है। अब यात्रियों को बसों की प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ रही है। प्रतिदिन 15 हजार से अधिक यात्रियों को सुविधा मिल रही है।
पिछले पांच वर्ष से लगातार बसें कंडम होती जा रही थी जबकि नई बसें नहीं आ रही थीं। बसों की लगातार संख्या कम होने से कई रूट की सेवा बंद हो गई थी जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अब रोडवेज बेड़े में 60 नई बसें शामिल होने के बाद इनकी संख्या 160 हो गई है। वर्षों से बंद पड़े रूट पर बसें चलाई जाने लगी हैं जिससे यात्रियों को राहत मिली है। पांच साल से बंद देहरादून रूट बहाल हो गया है। गुरुग्राम और चंडीगढ़ रूट पर भी रोडवेज बसों की संख्या बढ़ गई है। अब डिपो में नार्म्स के अनुसार 40 बसों की कमी रह गई है। पिछले चार-पांच महीने पहले रोडवेज के बेड़े में मात्र 100 बसें रह गई थीं, जिनमें कई बसें तो पूरी तरह से कंडम हो चुकी थीं। उन्हीं कंडमों बसों के सहारे डिपो चलाया जा रहा था, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा नहीं मिल पा रही थी, क्योंकि रोडवेज बसें बीच रास्ते ही खराब हो जाती थीं।
बॉक्स
विभिन्न रूट पर बसों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को मिली राहत
पिछले चार-महीने में 60 नई बसें शामिल हुई हैं। इससे पहले लोकल और लंबे रूट पर बसों की संख्या नाममात्र रह गई थी। लंबे रूट पर बसों की संख्या घटा दी गई थी। कई रूट पर बस सेवा बंद हो गई थी जिनमें देहरादून, मथुरा, लुधियाना, पटियाला रूट पर बसें नहीं भेजी जा रही थीं। अब नई बसों के आने से देहरादून, गुरुग्राम, मथुरा, चंडीगढ़, पटियाला, लुधियाना समेत लोकल रूटों पर भी रोडवेज बसें दौड़ रही हैं। अब अमृतसर और जम्मू कटड़ा रूट भी बहाल किए जाएंगे। अमृतसर रूट चालू करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
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चालक-परिचालकों की भर्ती हो तो बात बने
रोडवेज डिपो में नई बसें आने चालक-परिचालकों की कमी हो गई है, जिसका असर रूट पर देखने को मिल रहा है। डिपो और दोनों सब डिपो में चालक 106 और परिचालकों की संख्या 138 है। वहीं हरियाणा कौशल विकास निगम के तहत 21 परिचालक अभी भर्ती हुए हैं। अब नई बसों के आने से चालक-परिचालकों की कमी हो गई है। चालक-परिचालकों की कमी के चलते पिछले दिनों डिपो प्रबंधन ने चालकों और परिचालकों का ओवरटाइम शुरू कर दिया था, जिससे डिपो को कुछ राहत मिली है। सरकार को चालक-परिचालकों की भर्ती करनी चाहिए, जिससे जनता को बेहतर रोडवेज सेवा मिल सके।
वर्जन
जींद डिपो में 160 रोडवेज बसें हो गई हैं। अब लंबे तथा लोकल रूट पर बसें दौड़ रही हैं। नई बसों के आने से चालक-परिचालकों की कमी हो गई है। अब हरियाणा कौशल विकास निगम के तहत 30 परिचालकों की भर्ती की जानी है। सरकार को चाहिए कि यह भर्ती रद्द कर चालक-परिचालकों की नियमित भर्ती करे ताकि आने वाली युवा पीढ़ी को भी रोजगार मिल सके।-संदीप रंगा, राज्य उपप्रधान, रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ।
वर्जन
रोडवेज डिपो में 160 बसें हो गई हैं। अभी कुछ बसें और आने की उम्मीद है। बसों की कमी से जो रूट बंद हो गए थे, उनको बहाल किया जा रहा है। देहरादून रूट बहाल हो गया है। गुरुग्राम और चंडीगढ़ रूट पर बसों की संख्या बढ़ा दी है। डिपो का प्रयास है कि यात्रियों को बेहतर रोडवेज सुविधा मिले।-कमलजीत सिंह, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो जींद।
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जींद। रोडवेज के बेड़े में अब बसों की संख्या 160 हो गई है। नई बसे आने से वर्षों से बंद पड़े रूट पर अब रोडवेज की बसें दौड़ने लगीं हैं जिससे यात्रियों को काफी सहूलियत हुई है। अब यात्रियों को बसों की प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ रही है। प्रतिदिन 15 हजार से अधिक यात्रियों को सुविधा मिल रही है।
पिछले पांच वर्ष से लगातार बसें कंडम होती जा रही थी जबकि नई बसें नहीं आ रही थीं। बसों की लगातार संख्या कम होने से कई रूट की सेवा बंद हो गई थी जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अब रोडवेज बेड़े में 60 नई बसें शामिल होने के बाद इनकी संख्या 160 हो गई है। वर्षों से बंद पड़े रूट पर बसें चलाई जाने लगी हैं जिससे यात्रियों को राहत मिली है। पांच साल से बंद देहरादून रूट बहाल हो गया है। गुरुग्राम और चंडीगढ़ रूट पर भी रोडवेज बसों की संख्या बढ़ गई है। अब डिपो में नार्म्स के अनुसार 40 बसों की कमी रह गई है। पिछले चार-पांच महीने पहले रोडवेज के बेड़े में मात्र 100 बसें रह गई थीं, जिनमें कई बसें तो पूरी तरह से कंडम हो चुकी थीं। उन्हीं कंडमों बसों के सहारे डिपो चलाया जा रहा था, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा नहीं मिल पा रही थी, क्योंकि रोडवेज बसें बीच रास्ते ही खराब हो जाती थीं।
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विभिन्न रूट पर बसों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को मिली राहत
पिछले चार-महीने में 60 नई बसें शामिल हुई हैं। इससे पहले लोकल और लंबे रूट पर बसों की संख्या नाममात्र रह गई थी। लंबे रूट पर बसों की संख्या घटा दी गई थी। कई रूट पर बस सेवा बंद हो गई थी जिनमें देहरादून, मथुरा, लुधियाना, पटियाला रूट पर बसें नहीं भेजी जा रही थीं। अब नई बसों के आने से देहरादून, गुरुग्राम, मथुरा, चंडीगढ़, पटियाला, लुधियाना समेत लोकल रूटों पर भी रोडवेज बसें दौड़ रही हैं। अब अमृतसर और जम्मू कटड़ा रूट भी बहाल किए जाएंगे। अमृतसर रूट चालू करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
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चालक-परिचालकों की भर्ती हो तो बात बने
रोडवेज डिपो में नई बसें आने चालक-परिचालकों की कमी हो गई है, जिसका असर रूट पर देखने को मिल रहा है। डिपो और दोनों सब डिपो में चालक 106 और परिचालकों की संख्या 138 है। वहीं हरियाणा कौशल विकास निगम के तहत 21 परिचालक अभी भर्ती हुए हैं। अब नई बसों के आने से चालक-परिचालकों की कमी हो गई है। चालक-परिचालकों की कमी के चलते पिछले दिनों डिपो प्रबंधन ने चालकों और परिचालकों का ओवरटाइम शुरू कर दिया था, जिससे डिपो को कुछ राहत मिली है। सरकार को चालक-परिचालकों की भर्ती करनी चाहिए, जिससे जनता को बेहतर रोडवेज सेवा मिल सके।
वर्जन
जींद डिपो में 160 रोडवेज बसें हो गई हैं। अब लंबे तथा लोकल रूट पर बसें दौड़ रही हैं। नई बसों के आने से चालक-परिचालकों की कमी हो गई है। अब हरियाणा कौशल विकास निगम के तहत 30 परिचालकों की भर्ती की जानी है। सरकार को चाहिए कि यह भर्ती रद्द कर चालक-परिचालकों की नियमित भर्ती करे ताकि आने वाली युवा पीढ़ी को भी रोजगार मिल सके।-संदीप रंगा, राज्य उपप्रधान, रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ।
वर्जन
रोडवेज डिपो में 160 बसें हो गई हैं। अभी कुछ बसें और आने की उम्मीद है। बसों की कमी से जो रूट बंद हो गए थे, उनको बहाल किया जा रहा है। देहरादून रूट बहाल हो गया है। गुरुग्राम और चंडीगढ़ रूट पर बसों की संख्या बढ़ा दी है। डिपो का प्रयास है कि यात्रियों को बेहतर रोडवेज सुविधा मिले।-कमलजीत सिंह, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो जींद।