{"_id":"62d460740fbaf24a9a7d7193","slug":"roadways-became-responsible-during-the-corona-period-now-itself-sick-jind-news-rtk6525796200","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना काल में रोडवेज बना जिम्मेदार, अब खुद 'बीमार'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना काल में रोडवेज बना जिम्मेदार, अब खुद 'बीमार'
विज्ञापन
नागरिक अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस। संवाद।
- फोटो : Jind
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जींद। चार महीने पहले कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को रोडवेज द्वारा दिए गए चालक वापस नहीं मिल रहे हैं। इस कारण रोडवेज सेवा प्रभावित हो रही है। इसका सीधा असर ग्रामीण क्षेत्र के रूटों पर पड़ रहा है। रोडवेज ने 32 चालक स्वास्थ्य विभाग को दिए थे। इनमें से अब तक 11 चालक ही वापस रोडवेज को मिले हैं। 21 चालक अब भी स्वास्थ्य विभाग में काम कर रहे हैं। अब हरियाणा कौशल रोजगार निगम द्वारा स्वास्थ्य विभाग को जल्द ही चालक मिलेेंगे, इसके बाद ही रोडवेज को अपने चालक स्वास्थ्य विभाग से वापस मिल पाएंगे।
जनवरी माह में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते स्वास्थ्य विभाग ने रोडवेज से 32 चालक मांगे थे ताकि एंबुलेंस को सुचारू रूप से चलाया जा सके। अब तक स्वास्थ्य विभाग डिपो को केवल 11 चालक ही लौटाए हैं, जबकि 21 चालक अब भी एंबुलेंस पर ड्यूटी दे रहे हैं। इससे एक ओर तो मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं, लेकिन दूसरी ओर चालक स्वास्थ्य विभाग के पास रहने से बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है, जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग के पास 18 एंबुलेंस हैं, जिन पर स्वास्थ्य विभाग के चालक काफी कम हैं। ऐसे में चालकों की कमी को देखते हुए रोडवेज जींद डिपो के चालकों को अभी आगामी आदेशों तक अपने पास रखने का निर्णय लिया है। ऐसे में रोडवेज के ग्रामीण रूट प्रभावित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग से जब यह चालक वापस रोडवेज को मिलेंगे, तभी ग्रामीण क्षेत्रों के रुटों पर परिवहन सेवा सुचारू रूप से चल पाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के पास डिपो के चालक एंबुलेंस पर ड्यूूटी कर रहे हैं। 11 चालक स्वास्थ्य विभाग ने वापस किए हैं और 21 चालक अभी स्वास्थ्य विभाग के पास ही हैं। जब तक स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त संख्या में चालक नहीं हो जाते, तब तक रोडवेज चालक एंबुलेंस पर ही ड्यूटी देंगे।
विज्ञापन
-डॉ. रमेश पांचाल, डिप्टी सिविल सर्जन रेफरल।
विज्ञापन
जनवरी माह में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते स्वास्थ्य विभाग ने रोडवेज से 32 चालक मांगे थे ताकि एंबुलेंस को सुचारू रूप से चलाया जा सके। अब तक स्वास्थ्य विभाग डिपो को केवल 11 चालक ही लौटाए हैं, जबकि 21 चालक अब भी एंबुलेंस पर ड्यूटी दे रहे हैं। इससे एक ओर तो मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं, लेकिन दूसरी ओर चालक स्वास्थ्य विभाग के पास रहने से बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है, जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग के पास 18 एंबुलेंस हैं, जिन पर स्वास्थ्य विभाग के चालक काफी कम हैं। ऐसे में चालकों की कमी को देखते हुए रोडवेज जींद डिपो के चालकों को अभी आगामी आदेशों तक अपने पास रखने का निर्णय लिया है। ऐसे में रोडवेज के ग्रामीण रूट प्रभावित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग से जब यह चालक वापस रोडवेज को मिलेंगे, तभी ग्रामीण क्षेत्रों के रुटों पर परिवहन सेवा सुचारू रूप से चल पाएगी।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग के पास डिपो के चालक एंबुलेंस पर ड्यूूटी कर रहे हैं। 11 चालक स्वास्थ्य विभाग ने वापस किए हैं और 21 चालक अभी स्वास्थ्य विभाग के पास ही हैं। जब तक स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त संख्या में चालक नहीं हो जाते, तब तक रोडवेज चालक एंबुलेंस पर ही ड्यूटी देंगे।
विज्ञापन
-डॉ. रमेश पांचाल, डिप्टी सिविल सर्जन रेफरल।