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Jind News: सड़कों पर भरा पानी, खेतों में बिछी फसल
Sat, 01 Mar 2025 12:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 01 Mar 2025 12:27 AM IST
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28जेएनडी10-पटियाला चौक पर बारिश के बीच गुजरते वाहन। संवाद
जींद। जिले में शुक्रवार सुबह कहीं तेज तो कहीं बूंदाबांदी हुई। तेज हवा के साथ हुई बारिश के बाद खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसल बिछ गई। इसका असर पैदावार पर पड़ेगा। अलेवा में रात करीब आठ बजे हल्की ओलावृष्टि हुई।
शुक्रवार को नरवाना में सबसे ज्यादा बारिश हुई, जिसमें 6.6 एमएम दर्ज की गई। उसके बाद जुलाना क्षेत्र में पांच एमएम, पिल्लूखेड़ा क्षेत्र में चार एमएम, सफीदों, उचाना और जींद में तीन एमएम और अलेवा में एक एमएम बारिश हुई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस रहा। आद्रता 95 प्रतिशत रही, वहीं हवा की गति दस किलोमीटर दर्ज की गई।
शुक्रवार सुबह से ही जिले में बारिश का दौर शुरू हो गया था। हालांकि वीरवार रात को ही आसमान में बादल छा गए थे। बारिश के कारण खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों और जौ की फसल गिर गई। किसान बिजेंद्र, रामकला, सूरजमल, राममेहर, फकीरचंद, सुभाष, रोहताश का कहना है कि अब रबी की फसल पकने को तैयार है। जौ और गेहूं की फसल में दाना बनना शुरू हो गया है।
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वहीं सरसों की फसल में तो दाना बनकर तैयार हो चुका है। बस अब 15 दिनों में तो सरसों फसल की कटाई शुरू हो जाएगी। इसके 15 दिन बाद जौ और गेहूं की भी कटाई शुरू हो जाएगी। फिलहाल अगेती गेहूं और जौ की फसल को पानी की जरूरत नहीं है, लेकिन पछेती फसल को एक सिंचाई की जरूरत है। यदि अब बारिश होती है तो अगेती और पछेती दोनों फसलों को नुकसान होगा, क्योंकि बारिश होते ही थोड़ी सी हवा चलने पर फसल गिर जाएगी, जो कि पैदावार के लिए नुकसान देह है।
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शुक्रवार को नरवाना में सबसे ज्यादा बारिश हुई, जिसमें 6.6 एमएम दर्ज की गई। उसके बाद जुलाना क्षेत्र में पांच एमएम, पिल्लूखेड़ा क्षेत्र में चार एमएम, सफीदों, उचाना और जींद में तीन एमएम और अलेवा में एक एमएम बारिश हुई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस रहा। आद्रता 95 प्रतिशत रही, वहीं हवा की गति दस किलोमीटर दर्ज की गई।
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शुक्रवार सुबह से ही जिले में बारिश का दौर शुरू हो गया था। हालांकि वीरवार रात को ही आसमान में बादल छा गए थे। बारिश के कारण खेतों में खड़ी गेहूं, सरसों और जौ की फसल गिर गई। किसान बिजेंद्र, रामकला, सूरजमल, राममेहर, फकीरचंद, सुभाष, रोहताश का कहना है कि अब रबी की फसल पकने को तैयार है। जौ और गेहूं की फसल में दाना बनना शुरू हो गया है।
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वहीं सरसों की फसल में तो दाना बनकर तैयार हो चुका है। बस अब 15 दिनों में तो सरसों फसल की कटाई शुरू हो जाएगी। इसके 15 दिन बाद जौ और गेहूं की भी कटाई शुरू हो जाएगी। फिलहाल अगेती गेहूं और जौ की फसल को पानी की जरूरत नहीं है, लेकिन पछेती फसल को एक सिंचाई की जरूरत है। यदि अब बारिश होती है तो अगेती और पछेती दोनों फसलों को नुकसान होगा, क्योंकि बारिश होते ही थोड़ी सी हवा चलने पर फसल गिर जाएगी, जो कि पैदावार के लिए नुकसान देह है।

28जेएनडी10-पटियाला चौक पर बारिश के बीच गुजरते वाहन। संवाद