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Jind News: दो साल में ही टूटी कैथल मार्ग को जोड़ने वाली सड़क
Sat, 10 Aug 2024 04:44 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 10 Aug 2024 04:44 AM IST
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09जेएनडी22-अमरहेड़ी रोड पर उखड़ी बजरी और बने हुए गड्ढे। संवाद
जींद। शहर को कैथल रोड से जोड़ने वाली सड़क बनने के दो साल बाद ही टूट गई है। इसके कारण वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। पीडब्ल्यूडी ने दो साल पहले इस सड़क का निर्माण करवाया था। सड़क पर गड्ढे होने से वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ऐसे में लोगों ने सड़क को दोबारा से बनवाने की मांग की है। यह सड़क बत्तख चौक, अमरहेड़ी रोड, कैथल रोड को जाने वाला मुख्य रास्ता है।
मिनी बाईपास सुधार समिति के प्रधान नरेंद्र बूरा, उपप्रधान सूर्य देव आर्य, सचिव सुरेंद्र कुमार व अमित भारद्वाज ने कहा कि सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी ने जून-जुलाई 2022 में करवाया था। सड़क के बनाए जाने के दो-तीन महीने बाद ही से इसकी ऊपरी परत निकलने लगी थी। इस कारण बजरी सड़क पर फैली हुई है। सीवर व अमृत योजना के मैनहोल को सड़क लेवल में नहीं रखा गया। इस सड़क से हर रोज काफी संख्या में वाहन चालक सब्जी मंडी, जेडी-7 व सेक्टरों की ओर आते-जाते हैं। सड़क पर गहरे गड्ढे होने के कारण कई बार हादसे हो चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मिनी बाईपास सुधार समिति ने मांग की कि ठेकेदार सड़क को ठीक करवाए। इसके अलावा अमृत योजना के तहत सीवर के मैनहोल को दबा दिया गया है। जिनका लेवल सही नहीं है उनको सड़क के लेवल में करवाया जाए।
तीन साल के दौरान तक यदि सड़क में कोई दिक्कत होती है तो ठेकेदार उसे ठीक करवाते हैं। तीन साल तक लायबिलिटी पीरियड की जिम्मेदारी ठेकेदार की होती है। इसके बारे में पता किया जाएगा और ठीक करवाया जाएगा। -आरके नैन, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, जींद।
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मिनी बाईपास सुधार समिति के प्रधान नरेंद्र बूरा, उपप्रधान सूर्य देव आर्य, सचिव सुरेंद्र कुमार व अमित भारद्वाज ने कहा कि सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी ने जून-जुलाई 2022 में करवाया था। सड़क के बनाए जाने के दो-तीन महीने बाद ही से इसकी ऊपरी परत निकलने लगी थी। इस कारण बजरी सड़क पर फैली हुई है। सीवर व अमृत योजना के मैनहोल को सड़क लेवल में नहीं रखा गया। इस सड़क से हर रोज काफी संख्या में वाहन चालक सब्जी मंडी, जेडी-7 व सेक्टरों की ओर आते-जाते हैं। सड़क पर गहरे गड्ढे होने के कारण कई बार हादसे हो चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मिनी बाईपास सुधार समिति ने मांग की कि ठेकेदार सड़क को ठीक करवाए। इसके अलावा अमृत योजना के तहत सीवर के मैनहोल को दबा दिया गया है। जिनका लेवल सही नहीं है उनको सड़क के लेवल में करवाया जाए।
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तीन साल के दौरान तक यदि सड़क में कोई दिक्कत होती है तो ठेकेदार उसे ठीक करवाते हैं। तीन साल तक लायबिलिटी पीरियड की जिम्मेदारी ठेकेदार की होती है। इसके बारे में पता किया जाएगा और ठीक करवाया जाएगा। -आरके नैन, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, जींद।

09जेएनडी22-अमरहेड़ी रोड पर उखड़ी बजरी और बने हुए गड्ढे। संवाद
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